मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में ड्रेस कोड लागू, भक्तों के लिए नए नियम
Sandeep Kumar | Jan 29, 2025, 20:21 IST
MUMBAI-siddhivinayak-temple-dress-code
सिद्धिविनायक मंदिर द्वारा जारी किया गया नया ड्रेस कोड मंदिर की पवित्रता और श्रद्धा को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भक्तों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वे भारतीय पारंपरिक कपड़े पहनकर ही मंदिर में प्रवेश करें।
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया और भक्तों के लिए ड्रेस कोड जारी किया। इस नए नियम के अनुसार, अब से मंदिर में प्रवेश करने के लिए भक्तों को सभ्य और पारंपरिक कपड़े पहनने होंगे। मंदिर में छोटे कपड़े, फटी जींस, बैकलेस ड्रेस और वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर कोई भक्त इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह कदम मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
राम वाले हो तो अयोध्या जाओ...मुस्लिम ने बंद कराया मंदिर का लाउडस्पीकर!
siddhivinayak temple ट्रस्ट (SGTT) द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि भक्तों को मंदिर में भारतीय पारंपरिक पोशाक पहनकर ही आना होगा। विशेष रूप से महिलाओं को अपने साथ एक दुपट्टा लाने की सलाह दी गई है, ताकि वे मंदिर में अपने सिर को ढक सकें। इसके अलावा, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए छोटे कपड़े, शॉर्ट स्कर्ट, फटी जींस और बैकलेस ड्रेस पहनने की अनुमति नहीं होगी। इन कपड़ों को मंदिर में पवित्र स्थान के लिए अनुपयुक्त माना गया है।
मंदिर तोड़ने के आरोप निराधार, बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने चिट्ठी लिखकर मांगी माफी
ट्रस्ट ने यह भी बताया कि इस नए नियम को लागू करने का कारण भक्तों से मिली कई शिकायतें थीं। कुछ भक्त मंदिर में ऐसे कपड़े पहनकर आ रहे थे जो मंदिर की प्रतिष्ठा के खिलाफ थे, जिससे अन्य भक्तों को असुविधा हो रही थी। इन शिकायतों के बाद ट्रस्ट ने यह कदम उठाया ताकि मंदिर में आने वाले भक्तों को एक सुखद और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके।
अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की आज पहली वर्षगांठ
यह पहला अवसर नहीं है जब किसी मंदिर ने ड्रेस कोड लागू किया है। हाल के दिनों में देश भर के कई मंदिरों ने भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू करना शुरू किया है। यह कदम भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि मंदिरों में आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहे।
महाकुंभ भगदड़ में अबतक 30 से अधिक लोगों की मौत
ड्रेस कोड लागू होने के बाद भक्तों ने इस निर्णय की काफी सराहना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई भक्त इस कदम को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं और उनका कहना है कि हर मंदिर में इस प्रकार का नियम होना चाहिए। भक्तों का मानना है कि यह नियम भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के अनुकूल है और इससे मंदिरों में आने वाले लोगों को सही माहौल मिलेगा।
सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 1801 में लक्ष्मण विठू और देउबाई पाटिल ने करवाया था। मंदिर में भगवान गणेश के सिद्धिविनायक रूप की एक मूर्ति स्थापित की गई है, जो भक्तों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के गर्भगृह के लकड़ी के दरवाजे अष्टविनायक को दर्शाते हैं और इसके अंदर की छत पर सोने का पानी चढ़ा हुआ है, जो इस मंदिर की वास्तुकला को और भी आकर्षक बनाता है।
राम वाले हो तो अयोध्या जाओ...मुस्लिम ने बंद कराया मंदिर का लाउडस्पीकर!
ड्रेस कोड में क्या हैं नए नियम?
मंदिर तोड़ने के आरोप निराधार, बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने चिट्ठी लिखकर मांगी माफी
मंदिर की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखना
अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की आज पहली वर्षगांठ
देशभर में बढ़ रहे हैं मंदिरों में ड्रेस कोड
महाकुंभ भगदड़ में अबतक 30 से अधिक लोगों की मौत
भक्तों की सराहना मंदिर में
सिद्धिविनायक मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
क्या छत्तीसगढ़ के गांवों में भी आ गया शहर,जहां कभी चिट्ठी पहुंचती थी देर से, वहां अब वीडियो कॉल
By Arun Tiwari
मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने बनी सड़क 8 दिन में उखड़ी, जेडीए की सड़क क्वालिटी पर उठे सवाल
By Jageshwar Prasad
इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया
By Sanjay Gupta
छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल, चीला-फरा से फास्ट फूड तक, विकास के साथ बदला छत्तीसगढ़िया जायका
By Arun Tiwari
मेटा ग्लासेस से नकल पर होगी सख्ती, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सरकार को भेजा लो पावर जैमर का प्रस्ताव
By Jageshwar Prasad
SMS हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टरों का प्रशासनिक पदों से मोहभंग, कई ने छोड़ी HOD की कुर्सी
By Jyoti Mahender Bhardwaj
एमपी में तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों-कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म,लैब जांच, एक्स-रे और दवा वितरण में आ रही परेशानी
By Aman Vaishnav