NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा : पिता ने 10 लाख में पेपर खरीदा, बेटा लाया सिर्फ 107 नंबर
Pawan Modiya | May 15, 2026, 17:40 IST
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NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्थान के आरोपी दिनेश बिवाल ने बेटे ऋषि के लिए 10 लाख रुपए में पेपर खरीदा, लेकिन बेटा 720 में से सिर्फ 107 नंबर ही ला सका। नासिक से गुरुग्राम तक फैले नेटवर्क की पड़ताल जारी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- NEET UG (Undergraduate)-2026 पेपर लीक मामले में CBI (Central Bureau of Investigation) जांच जारी है।
- आरोपी दिनेश बिवाल ने बेटे ऋषि के लिए 10 लाख रुपए में कथित लीक पेपर खरीदा था।
- पेपर मिलने के बाद भी ऋषि 720 में से सिर्फ 107 नंबर ही ला सका।
- यह नेटवर्क नासिक, गुरुग्राम, सीकर से होते हुए कई राज्यों तक फैला था।
- CBI ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फोन से डिलीट डेटा रिकवर किया जा रहा है।
10 लाख का खेल, 107 नंबर का नतीजा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दिनेश ने पूछताछ में यह बात खुद कबूल की। दावा था कि 500 से 600 सवालों की तैयारी कराई गई थी। मगर असल परीक्षा में उसका कोई खास असर नहीं दिखा।
सीकर का फ्लैट बना जांच का केंद्र
नासिक से शुरू हुई, गुरुग्राम तक पहुंची डील
इसके बाद मंगीलाल ने WhatsApp पर यश यादव से सीधे संपर्क साधा और कथित प्रश्नपत्र मांगे। शुभम ने 29 अप्रैल 2026 को यश यादव से 10वीं-12वीं के मूल दस्तावेज, NEET रोल नंबर और एक चेक सिक्योरिटी के तौर पर मांगा। यश यादव ने अपने दोस्त यश कक्कड़ को दस्तावेज और चेक लेने भेजा। CBI के मुताबिक यश कक्कड़ ने दस्तावेज तो लिए, लेकिन उन्हें आगे शुभम तक नहीं पहुंचाया।
Telegram पर भेजी गई PDF, 150 संदिग्ध छात्र
जांच एजेंसी के मुताबिक इस पूरे मामले में करीब 150 संदिग्ध छात्रों की पहचान हो चुकी है।
परिवार और दोस्तों तक बांटा कथित पेपर
पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि सीकर में कोचिंग के दौरान उसकी मुलाकात यश यादव से हुई थी। यश यादव ने दावा किया था कि पैसे के बदले NEET का कथित लीक पेपर दिलवाया जा सकता है। यश ने विकास को यह भी कहा था कि वो और उम्मीदवार जोड़कर लाए, बदले में उसे मुफ्त पेपर देने का वादा किया।
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यह खबर क्यों जरूरी है?
जरूरी FAQ
दिनेश बिवाल राजस्थान का एक आरोपी है जिसे CBI ने NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने अपने बेटे ऋषि के लिए 10 लाख रुपए देकर कथित लीक प्रश्नपत्र खरीदा। जांच में सामने आया कि वह मंगीलाल खटीक के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क में कोरियर की भूमिका निभा रहा था। सीकर में उसका एक फ्लैट था जहां से कथित पेपर अन्य छात्रों तक पहुंचाए जाने का संदेह है।
NEET 2026 पेपर लीक का नेटवर्क कैसे काम करता था?
CBI की जांच के मुताबिक यह नेटवर्क नासिक, गुरुग्राम और सीकर तक फैला था। नासिक के शुभम ने गुरुग्राम के यश यादव से संपर्क किया। यश यादव ने Telegram के जरिए PDF फाइल के रूप में कथित प्रश्नपत्र भेजा। WhatsApp और Instagram के जरिए छात्रों की जानकारी इकट्ठा की जाती थी। 10 से 12 लाख रुपए की डील होती थी और अगर 150 सवाल असली पेपर से मैच होते, तभी पैसे दिए जाते थे। इस तरह करीब 150 संदिग्ध छात्रों तक पेपर पहुंचा।
NEET UG-2026 की नई परीक्षा कब होगी और छात्रों को क्या करना चाहिए?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET UG-2026 की नई परीक्षा तिथि 21 जून 2026 घोषित की है। एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होने की बात कही गई है। परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। छात्रों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति या Telegram/WhatsApp ग्रुप से मिलने वाले पेपर के झांसे में न आएं, यह पूरी तरह धोखाधड़ी है।
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