नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को 6 साल की सजा
Sandeep Kumar | Feb 08, 2026, 23:59 IST
nargis mohammadi
ईरान की एक अदालत ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को छह साल की जेल की सजा सुनाई। उनके वकील मुस्तफा नीली ने बताया कि यह सजा साजिश रचने और इकट्ठा होने के आरोप में दी गई है।
Tehran. ईरान की एक अदालत ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को छह साल की जेल की सजा सुनाई। उनके वकील मुस्तफा नीली ने 8 फरवरी को बताया कि यह सजा 'अपराध करने के लिए साजिश रचने और इकट्ठा होने' के आरोप में दी गई है। साथ ही, उन्हें दो साल के लिए देश छोड़ने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है।
इसके अलावा, प्रचार गतिविधियों (Propaganda Activities) के लिए डेढ़ साल की अतिरिक्त जेल सजा सुनाई गई है, जिससे कुल सजा सात साल से अधिक हो जाती है। उन्हें दो साल के लिए दक्षिण खोरासान प्रांत के खोसफ शहर में निर्वासित भी किया जाएगा।
PM मोदी का मलेशिया दौरा : रक्षा, ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 11 समझौते
ईरानी कानून के अनुसार, जेल की सजाएं एक साथ चलती हैं। इसलिए सबसे लंबी सजा प्रभावी मानी जाएगी। वकील ने कहा कि यह फैसला अंतिम नहीं है। अपील की जा सकती है। वकील ने उम्मीद जताई कि मोहम्मदी को इलाज के लिए अस्थायी जमानत पर रिहा किया जा सकता है। मोहम्मदी की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिसमें ट्यूमर हटाना और हड्डी प्रत्यारोपण शामिल हैं।
एमपी में चेहरा दिखाकर मिलेगा राशन: मोबाइल मैसेज बताएगा- दुकान पर अनाज आ गया है
53 वर्षीय नरगिस मोहम्मदी पिछले 25 वर्षों से संघर्ष कर रही हैं। वह मृत्युदंड, महिलाओं के हिजाब/ड्रेस कोड और राजनीतिक कैदियों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया। कुल 31 साल से अधिक की जेल और 154 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। हालांकि, कोड़े की सजा लागू नहीं हुई है। उन्होंने अधिकांश समय जेल में बिताया। 2015 से वह अपने जुड़वां बच्चों से नहीं मिल पाई हैं।
दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें रिहा किया गया था। हाल ही में दिसंबर 2025 में एक मानवाधिकार वकील की शोक सभा में शामिल होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जेल में भी उन्होंने चुप नहीं रहना चुना। फरवरी 2026 की शुरुआत में उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने अपनी 'गैरकानूनी हिरासत' और राजनीतिक कैदियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित किया।
शहडोल में सीएम मोहन यादव का ऐलान: 2300 करोड़ की सिंचाई योजना बदलेगी किसानों की किस्मत
भूपेश बघेल सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया, शाह बोले- 31 मार्च से पहले देश पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा
2023 में मिला था नोबेल शांति
2023 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार ईरान में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, मृत्युदंड और राजनीतिक दमन के खिलाफ उनके अभियान के लिए था। पुरस्कार ग्रहण करने उनके बच्चे गए थे, क्योंकि वह जेल में थीं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ईरान प्रति वर्ष सबसे अधिक लोगों को फांसी देता है। हालांकि, चीन के विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा, प्रचार गतिविधियों (Propaganda Activities) के लिए डेढ़ साल की अतिरिक्त जेल सजा सुनाई गई है, जिससे कुल सजा सात साल से अधिक हो जाती है। उन्हें दो साल के लिए दक्षिण खोरासान प्रांत के खोसफ शहर में निर्वासित भी किया जाएगा।
PM मोदी का मलेशिया दौरा : रक्षा, ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 11 समझौते
मोहम्मदी को गंभीर बीमारी
एमपी में चेहरा दिखाकर मिलेगा राशन: मोबाइल मैसेज बताएगा- दुकान पर अनाज आ गया है
मोहम्मदी की कई बार गिरफ्तारी
दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें रिहा किया गया था। हाल ही में दिसंबर 2025 में एक मानवाधिकार वकील की शोक सभा में शामिल होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जेल में भी उन्होंने चुप नहीं रहना चुना। फरवरी 2026 की शुरुआत में उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने अपनी 'गैरकानूनी हिरासत' और राजनीतिक कैदियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित किया।
शहडोल में सीएम मोहन यादव का ऐलान: 2300 करोड़ की सिंचाई योजना बदलेगी किसानों की किस्मत
भूपेश बघेल सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया, शाह बोले- 31 मार्च से पहले देश पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा
2023 में मिला था नोबेल शांति पुरस्कार
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari