ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर मिलोगा 25 हजार तक का मुआवजा, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन

आरबीआई ने ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर नई गाइडलाइन जारी की है। अब 5 दिन में शिकायत करने पर 25 हजार तक का मुआवजा मिलेगा। जानें एक जुलाई से क्या बदल रहा है।

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Amresh Kushwaha
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News In Short

  • 50 हजार तक के ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर अधिकतम 25 हजार रुपए का मुआवजा मिलेगा।
  • धोखाधड़ी होने के 5 दिनों के भीतर आपको साइबर पोर्टल या 1930 पर शिकायत करनी होगी।
  • यह नए नियम एक जुलाई से सभी प्रमुख बैंकों में लागू होंगे।
  • 500 रुपए से ज्यादा के हर ऑनलाइन लेन-देन पर बैंक आपको SMS अलर्ट भेजेगा।
  • अब बैंक की जिम्मेदारी होगी कि वह साबित करे कि धोखाधड़ी में ग्राहक की गलती नहीं थी।

News In Detail

डिजिटल दौर में बढ़ते वित्तीय जोखिमों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। अब अगर कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे अपनी पूरी जमा पूंजी खोने का डर नहीं रहेगा।

आरबीआई ने डिजिटल लेन-देन के मामलों में ग्राहकों की जिम्मेदारी कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका मतलब ये है कि अब ग्राहक ऐसे धोखाधड़ी मामलों में ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे और उनकी पूंजी सुरक्षित रहेगी।

धोखाधड़ी हुई तो जेब से नहीं जाएगा पूरा पैसा

आरबीआई की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है और उसे 50 हजार रुपए तक का नुकसान होता है, तो उसे 85 फीसदी तक मुआवजा मिल सकता है।

हालांकि, मुआवजे की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपए रखी गई है। ये नियम डेबिट और क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम के जरिए होने वाले सभी लेन-देन पर लागू होंगे। खास बात यह है कि एक ग्राहक सिर्फ एक बार ही अपनी पूरी जिंदगी में इस सुविधा का फायदा उठा सकेगा।

5 दिन के भीतर रिपोर्ट करना है अनिवार्य

मुआवजा पाने के लिए समय बेहद अहम है। नियम के अनुसार, अगर आप धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो आपको 5 दिनों के भीतर इसकी शिकायत दर्ज करानी होगी। आपको नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करना होगी।

अगर आप समय सीमा के भीतर रिपोर्ट करते हैं, तो ही आप इस मुआवजे के हकदार होंगे। बैंक के सिस्टम में आपके द्वारा भेजे गए संदेश और बैंक की प्रतिक्रिया का समय भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जो भविष्य में आपके दावे के लिए सबूत का काम करेगा।

किसका कितना होगा हिस्सा?

आरबीआई ने मुआवजे का बंटवारा भी साफ कर दिया है। यदि नुकसान 29 हजार 412 रुपए से कम है, तो ग्राहक को 85 प्रतिशत रकम वापस मिलेगी।

इस मुआवजे में 65 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व बैंक, 10 प्रतिशत ग्राहक का बैंक और 10 प्रतिशत हिस्सा उस बैंक का होगा, जहां पैसा ट्रांसफर हुआ था। यदि नुकसान 29 हजार 412 से 50 हजार के बीच है, तो भी मुआवजा 25 हजार तक ही रहेगा।

एक जुलाई से लागू होंगे नए नियम

यह नई व्यवस्था एक जुलाई से प्रभावी होगी। ये निर्देश सभी कॉमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) पर समान रूप से लागू होंगे।

आरबीआई ने साफ किया है कि यदि धोखाधड़ी बैंक की चूक या किसी तीसरे पक्ष की लापरवाही के कारण हुई है, और ग्राहक ने 5 दिन के भीतर रिपोर्ट कर दी है, तो ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। अपनी गलती साबित करने का भार भी अब बैंक पर होगा।

500 रुपए से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन पर अलर्ट

सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने बैंकों को सख्त हिदायत दी है। अब 500 रुपए से अधिक के किसी भी लेनदेन पर ग्राहकों को तत्काल एसएमएस अलर्ट (SMS Alert) भेजना अनिवार्य होगा।

बैंकों को एक मजबूत धोखाधड़ी पहचान तंत्र (Fraud Detection Mechanism) और जोखिम मूल्यांकन प्रणाली (Risk Assessment System) विकसित करनी होगी, ताकि डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

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Photograph: (the sootr)

सावधान: इन स्थितियों में नहीं मिलेगा मुआवजा

बैंक कुछ स्थितियों को ग्राहक की लापरवाही मानेगा, जहां मुआवजा नहीं दिया जाएगा:

  • अपना पिन (PIN), पासवर्ड या ओटीपी (OTP) किसी के साथ साझा करना।

  • धोखाधड़ी या कार्ड खोने की सूचना तुरंत बैंक को न देना।

  • बैंक की सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज करना।

  • फोन में कोई भी हानिकारक एप डाउनलोड करना।

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