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भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां जल ही जीवन और खेती का आधार है। अक्सर सही तकनीक की जानकारी न होने के कारण किसान सिंचाई में बहुत अधिक पानी बर्बाद कर देते हैं, जिससे लागत बढ़ती है और जल स्तर गिरता है। इसी समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना यानी प्रति बूंद अधिक फसल' (PMKSY: Per Drop More Crop) की शुरुआत की है।
यह योजना किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करती है। अगर आप भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लेते हैं ते ये खबर आपको शानदार ईनाम दिला सकती है।
मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के तहत किसानों के लिए देश की सबसे बड़ी क्विज़ शुरू की गई है। आपका पसंदीदा मीडिया हाउस "thesootr" भी इस महापर्व का हिस्सा है। "thesootr" का मकसद है कि इस बड़ी स्पर्धा में MP का हर किसान घर बैठे अपनी भागीदारी करे और करोड़ों रुपए के इनाम जीतने का मौका पाएं।
इनाम में क्या- क्या मिलेगा...
- 55 ट्रेक्टर
- 55 बुलेट मोटर साइकल
- 55 ई-स्कूटी
और इसके अलावा हर जिले के लिए 11-11 हजार के पुरस्कार भी अलग से मिलेंगे।
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PDMC) का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का शुभारंभ कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एक जुलाई 2015 को किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य हर किसान के खेत को पानी पहुंचाना है। साथ ही ये योजना सूक्ष्म सिंचाई जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों के माध्यम से पानी के उपयोग को कुशल बनाती है। इसके साथ ही, यह खेतों में जल भंडारण और संरक्षण की गतिविधियों को भी बढ़ावा देती है।
सरकारी योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ
सब्सिडी: छोटे और सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
फंडिंग का अनुपात: सामान्य राज्यों में केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 रहता है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में 100% फंड केंद्र सरकार देती है।
डॉयरेक्ट बेनिफिट: सहायता राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
अन्य लाभ: किसान निजी या सामुदायिक स्तर पर जल संचयन संरचनाओं (Water Harvesting Structures) और खेत के तालाब की खुदाई के लिए भी मदद ले सकते हैं।
एलिजिबिलिटी और शर्तें क्या हैं
नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
क्षेत्र: देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के किसान इसके पात्र हैं।
सीमा: सब्सिडी का लाभ प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर की भूमि तक ही सीमित है।
जरूरी नोट: केवल B.I.S. चिह्नित सिंचाई उपकरण ही खरीदने होंगे और आधार विवरण (Aadhaar Details) अनिवार्य है।
आवेदन कैसे करें
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से पूरी की जाती है-
स्टेप 1: अपनी ग्राम पंचायत के माध्यम से ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय (District Agriculture Office) से संपर्क करें। आप किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी बात कर सकते हैं।
स्टेप 2: संबंधित अधिकारी से योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
स्टेप 3: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें, पासपोर्ट फोटो लगाएं और स्व-सत्यापित (Self-attested) दस्तावेज संलग्न करें।
स्टेप 4: फॉर्म को कार्यालय में जमा करें और रसीद जरूर लें।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
आधार कार्ड
बैंक खाते का विवरण
पते का प्रमाण
पासपोर्ट साइज फोटो
जाति प्रमाण पत्र
कृषि भूमि के डॉक्यूमेंट्स (खतौनी आदि)
अधिवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
उत्साहित रहते हैं।
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