PM मोदी ने किया पंबन ब्रिज का उद्घाटन, जानें भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट पुल की खासियतें

Manya Jain | Apr 06, 2025, 13:52 IST
Share
rameshwarm pamban bridge
rameshwarm pamban bridge

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनवमी के मौके पर रामेश्वरम में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्र पुल, पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया। यह नया पंबन ब्रिज 1914 में बने पुराने पंबन ब्रिज की जगह लेगा।

रामनवमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामेश्वरम में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्र पुल, पंबन ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। इस पुल के उद्घाटन के साथ ही वह रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगे। इसके बाद, पीएम मोदी तमिलनाडु में 8 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

क्यों पड़ी पंबन ब्रिज की आवश्यकता

यह नया पंबन ब्रिज 1914 में बने पुराने पंबन ब्रिज की जगह लेगा, जो समय के साथ अपनी बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो गया था। पुराने पुल का डिजाइन अब आधुनिक युग की बढ़ती यातायात मांगों के लिए उपयुक्त नहीं था और यह समुद्री पर्यावरण से भी प्रभावित था। 2019 में केंद्र सरकार ने इस नए पुल के निर्माण की मंजूरी दी थी, जो अब 2.07 किलोमीटर लंबा और समुद्र के ऊपर स्थित है, जो बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा प्रदान करेगा।

पंबन ब्रिज की प्रमुख विशेषताएं

नाविकीय स्पैन: पुल का 72.5 मीटर लंबा नाविकीय स्पैन 17 मीटर तक ऊपर उठ सकता है, ताकि बड़े जहाज इसके नीचे से गुजर सकें।

ऊंचाई में वृद्धि: यह पुल पुराने पुल से 3 मीटर ऊंचा है, जिससे समुद्री कनेक्टिविटी में सुधार होगा और बड़ी जहाजों के लिए रास्ता बनेगा।

WhatsApp Image 2025-04-06 at 1.02.04 PM
WhatsApp Image 2025-04-06 at 1.02.04 PM


सामग्री की गुणवत्ता: पुल को मजबूत और दीर्घकालिक बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील से निर्मित किया गया है और इसकी सतह को विशेष सुरक्षात्मक पेंट से कोट किया गया है, जो इसे स्थायित्व प्रदान करता है।

डिजाइन: पुल की उपसंरचना में दो पटरियों की व्यवस्था की गई है, जो रेल यातायात को सुगम बनाती है।



शून्य एयर टैक्सी: बड़े शहरों में ट्रैफिक से मुक्ति, बेंगलुरु के बाद दिल्ली और मुंबई में उड़ान

पंबन ब्रिज की जरूरत क्यों पड़ी

Gn08cWkbYAEoeG5
Gn08cWkbYAEoeG5


पुराना पुल: पहले बने पंबन ब्रिज को समय के साथ बढ़ते यातायात और आधुनिक परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थता का सामना करना पड़ा था।

नई डिज़ाइन: नया पंबन ब्रिज भारी रेल यातायात और तेज रेलगाड़ियों के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे भविष्य की यातायात समस्याओं का समाधान होगा।

समुद्री कनेक्टिविटी: यह पुल समुद्र मार्ग के लिए भी सुविधाजनक है, जिससे व्यापार और परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम मोहन यादव का ऐलान- लाल किले पर होगा विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन

निर्माण और तकनीकी पहलू

Gn1HlLGWYAA4iiy
Gn1HlLGWYAA4iiy


आधुनिक इंजीनियरिंग: पुल का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग विधियों और उन्नत सामग्रियों जैसे स्टेनलेस स्टील का उपयोग करके किया गया है।

समुद्री पर्यावरण: पुल की दीर्घायु सुनिश्चित करने के लिए एंटी-कोरोसिव कोटिंग्स का उपयोग किया गया, ताकि यह समुद्री वातावरण में स्थिर बना रहे।

लिफ्ट स्पैन: पुल का लिफ्ट स्पैन ऑटो लॉन्चिंग विधि से लॉन्च किया गया और हाइड्रोलिक जैकिंग के जरिए सही स्थान पर स्थापित किया गया।

Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल बन गया कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी

निर्माण के दौरान चुनौतियां

निर्माण कार्य के दौरान कई चुनौतियां आईं, जिनमें तूफान, चक्रवात और भूकंपीय गतिविधियाँ शामिल थीं।निर्माण सामग्री को दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने में कठिनाइयाँ आईं, लेकिन इन सभी कठिनाइयों के बावजूद परियोजना को समय पर और सुरक्षित रूप से पूरा किया गया।

GnxdWpkWkAASCCt
GnxdWpkWkAASCCt


पंबन ब्रिज का भविष्य और महत्व

नया पंबन ब्रिज भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचे की क्षमताओं को प्रदर्शित करता है और भारतीय इंजीनियरिंग की ताकत को वैश्विक स्तर पर दर्शाता है। यह पुल गोल्डन गेट, टावर और ओरेसुंड जैसे प्रसिद्ध वैश्विक पुलों के समकक्ष है। इसके जीवनकाल का अनुमान 100 साल से अधिक है, और यह भारतीय इंजीनियरिंग के उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • Railway Minister Ashwini Vaishnav
  • Ashwini Vaishnav
  • Pamban bridge
  • Tamilnadu
  • pm modi
  • Rameshwaram Travel
  • Ram Navami Special
  • Ram Navami Festival
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच