14 साल बाद घर लौटे राजा गोपे की कहानी, 6 की उम्र में हुआ था लापता, यूट्यूब ने मिलाया

राजा गोप जब 6 साल के थे, तो उन्होंने गलती से एक गलत ट्रेन पकड़ ली थी और इस वजह से वो अपने परिवार से बिछड़ गए। इस गलती की कीमत उन्होंने अगले 14 साल तक चुकाई है। अब राजा गोप ने अपने परिवार को ढूंढ लिया है।

author-image
Anjali Dwivedi
New Update
raja gope football returns family chaibasa

चाईबासा, झारखंड की यह घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी है। जहां 14 साल पहले बिछड़ा एक मासूम आखिरकार अपने परिवार से मिल गया है। 

राजा महज 6 साल की उम्र में अपने माता-पिता से अलग हो गया था। इतने सालों का दर्द, संघर्ष और धुंधली पड़ती उम्मीदें तब हकीकत में बदलीं, जब तकनीक के सहारे वह अपनी मां के सामने आया है। चलिए जानते हैं क्या है पूरी कहानी...

राजा की कहानी क्या है

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राजा गोपे, जिसे अब राजा चाईबासा के नाम से जाना जाता है, उसके जीवन में एक अजीब मोड़ आया है। साल 2012 में वह घर से दूर, केरल चला आया था। झारखंड के हदी मारा गांव के इस लड़के को अब अपने घर की यादें धुंधली सी लगती हैं।

राजा जब 2012 में पश्चिम बंगाल में अपने माता-पिता के साथ एक ईंट भट्टे पर था, तब एक दिन वह अचानक अपने परिवार से बिछड़ गया। वह घर लौटने की इच्छा से रेल की पटरियों पर चल पड़ा और जैसे ही वह नजदीकी स्टेशन पर पहुंचा, उसने पहली ट्रेन पर चढ़ने का फैसला किया। यह ट्रेन उसे घर नहीं, बल्कि केरल के एर्नाकुलम स्टेशन ले आई।

वहां, राजा ने अपना नाम और चाईबासा का नाम बताया, लेकिन उसे यह भी नहीं पता था कि चाईबासा झारखंड में है। वहां पुलिस ने उसे सुरक्षित किया और उसे बालगृह में भेज दिया। 

केरल से राजा के नए जीवन शुरुआत हुई

केरल में राजा का जीवन नया था। उसने कोच्चि और फिर त्रिशूर में बालगृहों में समय बिताया। यहां उसे फुटबॉल कोचिंग मिली और उसकी प्रतिभा को पहचानते हुए उसे केरल ब्लास्टर्स एफसी U-17 के ट्रायल्स में भेजा गया। ट्रायल्स सफल रहे और राजा ने फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई। वह अब एक फुटबॉल खिलाड़ी (Indian Football Players) है। 

वायरल वीडियो और परिवार से जुड़ाव

फरवरी 2026 में, एक अप्रत्याशित मोड़ आया है। राजा के बचपन की तस्वीर और उसकी धुंधली यादों की मदद से, उसकी पहचान को फिर से खोजने की कोशिश शुरू हुई। एक आदिवासी पत्रकार, एक यूट्यूबर और एक एनजीओ के मदद से, राजा की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

राजा का वीडियो एक यूट्यूबर और पत्रकार ने शेयर किया, और चंद घंटों में वह 60 हजार बार शेयर हो गया। किसी ने उस वीडियो को देखा और राजा के रिश्तेदारों की पहचान की। कुछ ही दिनों में राजा के परिवार के बारे में जानकारी मिल गई।

मां से मुलाकात के बीच एक इमोशनल पल

17 फरवरी 2026 को, राजा ने अपने माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए पहली बार बात की। राजा कहता है जब मैंने अपनी मां को वीडियो कॉल पर देखा, तो मैं कुछ भी नहीं कह सका, वह बदल चुकी थीं। मैं उनकी भाषा नहीं समझ पा रहा था, और जो थोड़ा हिंदी जानता था, उससे मैंने उनसे बात की।

यह पल राजा के लिए मुश्किल था, क्योंकि वह यह तय नहीं कर पा रहा था कि वह केरल में रहकर अपने फुटबॉल करियर को आगे बढ़ाए या फिर अपने परिवार के पास लौटे।

परिवार की स्थिति और संघर्ष

राजा के घर लौटने का इंतजार करते हुए, उसके परिवार ने बहुत संघर्ष किया। राजा की मां, मणि गोपे, ने कहा, जब हमें पता चला कि गोमा (राजा का उपनाम) फुटबॉल खेलता है, तो हमें लगा कि वह वही करेगा जो उसे करना है। परिवार के लिए यह खुशी का पल था, लेकिन घर की स्थिति बहुत कठिन थी।

मणि गोपे ने बताया कि राजा के पिता और बड़े भाई की मौत हो चुकी थी, और उसकी मां को अपनी बेटियों के साथ घर चलाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी। हमने कभी पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई, लेकिन हम राजा की तलाश करते रहे। 

राजा के सामने अब क्या विकल्प हैं?

अब, राजा के सामने एक कठिन चुनाव है। क्या वह केरल में रहकर फुटबॉल खेलता रहेगा, या अपने परिवार के पास लौट जाएगा? अधिकारियों का कहना है कि वह केरल में स्थायी रूप से रह सकता है, या फिर वे उसे अस्थायी छुट्टी पर भेज सकते हैं, ताकि वह घर जाकर यह तय कर सके कि उसे क्या करना है।

राजा ने कहा, मैं अपनी मां और बहनों से मिलना चाहता हूं, लेकिन मैं फुटबॉल केरल में भी खेलना चाहता हूं।

राजा के सफर का अंतिम डिसीजन

राजा की यह यात्रा न केवल एक बच्चे के खोने और मिलने की कहानी है, बल्कि यह उस संघर्ष की भी कहानी है जो परिवारों को एकजुट करने के लिए लड़ना पड़ता है। अब सवाल यह है कि राजा अपने घर लौटेगा या फिर केरल में अपनी पहचान और करियर को आगे बढ़ाएगा।

इस शानदार कहानी ने हमें यह याद दिलाया कि कभी-कभी, एक वायरल वीडियो और एक छोटी सी तस्वीर किसी के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकते हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

नारायण मूर्ति बोले- AI कभी नहीं ले पाएगा इंसानी दिमाग की जगह

क्यों Gen Z से ज्यादा खुश हैं Baby Boomers? मेंटल हेल्थ रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज

नागपुर की SBL एनर्जी कंपनी में धमाका, 17 की मौत, 18 लोग घायल

Indian Football Players केरल फुटबॉल वायरल वीडियो झारखंड
Advertisment