/sootr/media/media_files/2026/02/21/rbi-new-rules-2026-02-21-16-12-21.jpg)
Bank Locker Rules: आज के समय में बैंक लॉकर को सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। लोग अपने जीवनभर की कमाई, पुश्तैनी गहने और जरूरी डाक्यूमेंट्स वहीं रखते हैं। लेकिन हाल के दिनों में लॉकर से सामान गायब होने की खबरों ने सबको चौंका दिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बैंक सच में आपकी संपत्ति की जिम्मेदारी लेते हैं? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए अब नए और सख्त नियम बनाए हैं। अब बैंक अपनी लापरवाही से पल्ला नहीं झाड़ सकते और उन्हें नुकसान की भरपाई करनी होगी। आइए जानें...
/sootr/media/post_attachments/lh-img/smart/img/2025/02/25/original/PTI02-07-2025-000107B-0_1740501562770-821843.jpg)
क्या है RBI के नए नियम
पुराने समय में बैंक अक्सर एग्रीमेंट की आड़ में अपनी जिम्मेदारी से बच जाते थे। लेकिन अब रिजर्व बैंक (RBI New Rules) ने नियमों को काफी सख्त बना दिया है। नए नियमों के मुताबिक, बैंक अब सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकते।
ग्राहकों के साथ कोई भी नाइंसाफी रोकने के लिए एग्रीमेंट को ट्रांसपेरेंट बनाया गया है। अगर बैंक की लापरवाही से नुकसान होता है, तो उसे भरपाई करनी ही पड़ेगी। ये नियम ग्राहकों को मेंटल पीस और सुरक्षा देने के लिए लाया गया है।
/sootr/media/post_attachments/resize/newbucket/400_-/2024/07/rbi-reuters-new-1722360627-393459.webp)
किन हालातों में बैंक देगा मुआवजा
मुआवजे के मामले में नियमों को दो अलग हिस्सों में बांटा गया है। अगर बैंक में चोरी, डकैती, आग या इमारत गिरने से नुकसान होता है तो बैंक जिम्मेदार है। ये माना जाता है कि बैंक इन घटनाओं को रोक सकता था।
लेकिन नेचुरल डिसास्टर्स जैसे भूकंप या बाढ़ में बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे मामलों में होने वाला सारा नुकसान सिर्फ कस्टमर को ही उठाना पड़ेगा। इसलिए लॉकर लेते समय इन बारीकियों को समझना बहुत जरूरी होता है।
लॉकर में क्या रख सकते हैं
सोने-चांदी के गहने:
आप अपनी कीमती ज्वेलरी और पुश्तैनी जेवर यहां सुरक्षित रख सकते हैं।
प्रॉपर्टी के कागज:
घर, जमीन या दुकान के असली डाक्यूमेंट्स को रखने के लिए यह सही जगह है।
लीगल डॉक्युमेंट्स:
अपनी वसीयत (Will), बॉन्ड्स, शेयर सर्टिफिकेट और बीमा के कागजात यहां रखें।
महंगे रत्न: हीरा,
पन्ना या अन्य कीमती पत्थरों को आप लॉकर में रख सकते हैं।
जरूरी सर्टिफिकेट:
अपनी डिग्री, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य मार्कशीट्स को यहां सुरक्षित रखा जा सकता है।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2026/02/rbi-4-306808.jpg)
लॉकर में क्या नहीं रख सकते
नकद पैसा (Cash):
लॉकर में भारतीय करेंसी या भारी मात्रा में कैश रखना पूरी तरह मना है।
विदेशी मुद्रा:
आप डॉलर, यूरो या किसी भी देश की विदेशी करेंसी लॉकर में नहीं रख सकते।
हथियार और बारूद:
किसी भी तरह का हथियार, बंदूक या विस्फोटक सामान रखना कानूनी अपराध है।
नशीले पदार्थ या दवाएं:
लॉकर में ड्रग्स, जहरीली दवाएं या कोई भी घातक केमिकल रखना वर्जित है।
सड़ने वाला सामान:
ऐसी कोई भी चीज जो सड़ सकती हो या जिससे दुर्गंध आए, उसे नहीं रखा जा सकता।
/sootr/media/post_attachments/indiatoday/images/story/202108/Screenshot_2021-08-18_at_20.08_1200x768-979967.png?size=690:388)
क्या है 100 गुना वाला नियम
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि बैंक को नहीं पता होता आपके लॉकर में क्या है। आप लॉकर में क्या और कितना सामान रखते हैं, इसकी लिस्ट बैंक नहीं मांगता। अब सवाल आता है कि नुकसान होने पर बैंक कितना पैसा वापस करेगा?
आरबीआई के मुताबिक, बैंक की जिम्मेदारी लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना है। मान लीजिए आपके लॉकर का सालाना किराया पांच हजार रुपए है। तो चोरी होने पर बैंक आपको अधिकतम 5 लाख रुपए ही देगा। भले ही आपके लॉकर में करोड़ों का सोना रखा क्यों न हो। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से लॉकर में अपनी कुल संपत्ति रखने के बजाय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर सामान गायब हो जाए तो क्या मिलेगा मुआवजा
RBI के नियमों के मुताबिक, अगर बैंक की गलती या लापरवाही से लॉकर में रखी चीजों का नुकसान होता है। तो फिर बैंक को लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना तक मुआवजा देना होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर आपका लॉकर किराया तीन हजार रुपए सालाना है, तो फिर बैंक अधिकतम 3 लाख रुपए तक का मुआवजा दे सकता है। ध्यान रहे, ये मुआवजा तभी मिलेगा जब यह साबित हो कि बैंक की तरफ से सेफ्टी में चूक हुई थी।
कब बैंक को मान सकते हैं फ्रॉड के लिए जिम्मेदार
- CCTV काम नहीं कर रहे थे
- फायर अलार्म बंद थे
- वॉल्ट की सुरक्षा में खामी थी
- बैंक को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है
अगर लॉकर में गड़बड़ी दिखे तो क्या करें
अगर लगता है कि लॉकर से सामान गायब है या छेड़छाड़ हुई है तो ये कदम तुरंत उठाएं।
बैंक मैनेजर को लिखित शिकायत दें
सबसे पहले अपनी बैंक ब्रांच के मैनेजर से मिलें। उन्हें लिखित में शिकायत दें और उसकी रिसीविंग (पावती) जरूर लें। मैनेजर को स्थिति साफ करें ताकि वे जांच शुरू कर सकें। बैंक से CCTV फुटेज की मांग करें।
पुलिस में FIR दर्ज कराएं
लॉकर से सामान चोरी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं। वहां चोरी की FIR दर्ज कराएं। बैंक मुआवजे के लिए FIR की कॉपी बहुत जरूरी दस्तावेज है।
बैंक के नोडल ऑफिसर से संपर्क करें
अगर मैनेजर बात न सुने, तो बैंक के रीजनल ऑफिस में शिकायत करें। हर बैंक की वेबसाइट पर 'नोडल ऑफिसर' का नंबर और ईमेल होता है। वहां अपनी बात मजबूती से रखें।
आरबीआई लोकपाल (RBI Ombudsman) से शिकायत
अगर 30 दिनों में बैंक समाधान न दे, तो आरबीआई से शिकायत करें। आप CMS (Complaint Management System) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आप 14448 टोल-फ्री नंबर पर कॉल भी कर सकते हैं।
कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं
अगर बैंक लापरवाही करे, तो आप कंज्यूमर कोर्ट जा सकते हैं। वहां आप मानसिक तनाव और सामान के नुकसान के लिए हर्जाना मांग सकते हैं। वकील की सलाह लेना यहाँ फायदेमंद रहेगा।
ये खबरें भी पढ़ें....
सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है पंच? जानिए इस जापानी बंदर का सच
प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा 28 को,सांसद हनुमान बेनीवाल ने खोला मोर्चा
RBI की नई गाइडलाइन: OTP फ्रॉड पर अब मिलेगा मुआवजा, जानें शर्तें
एमपी के लोगों ने जितना कमाया, उसी शान से उड़ाया भी, RBI की रिपोर्ट में खुलासा
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us