अब नहीं फटेंगे 100, 200 और 500 के नोट, जानिए RBI का नया प्लान
Anjali Dwivedi | May 30, 2026, 14:08 IST
plastic note
भारतीय रिजर्व बैंक देश में कागज के बजाय प्लास्टिक यानी पॉलिमर के नए नोट लाने की तैयारी में है। लगातार बढ़ती नकदी की मांग और नोट छपाई के भारी खर्च को कम करने के लिए आरबीआई जल्द ही इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है।
समझें क्या है पूरा मामला
- भारतीय रिजर्व बैंक देश में अब प्लास्टिक के नए नोट चलाने पर विचार कर रहा है।
- ये नए नोट कागज के मुकाबले काफी मजबूत होंगे और लंबे समय तक चलेंगे।
- बाजार में नोट छापने और उन्हें बार-बार बदलने का सरकारी खर्च बहुत बढ़ गया है।
- शुरुआत में प्रायोगिक तौर पर 100, 200 और 500 रुपए के प्लास्टिक नोट आ सकते हैं।
- दुनिया के करीब 60 से ज्यादा देशों में इस तरह की करेंसी पहले से चल रही है।
इन नोटों को तकनीकी भाषा में पॉलिमर बैंकनोट कहा जाता है। सूत्रों की मानें तो आरबीआई की हालिया बैठकों में इस पर गंभीर चर्चा हुई है। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो जल्द ही नए नोट बाजार में आ जाएंगे।
क्या होते हैं प्लास्टिक या पॉलिमर बैंकनोट
इस वजह से इन्हें प्लास्टिक मनी भी कहा जाता है। इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन पर सुरक्षा फीचर्स ज्यादा बेहतर होते हैं। नकली नोट बनाने वाले चाहकर भी इनकी आसानी से नकल नहीं कर पाएंगे। हमारी मौजूदा एटीएम मशीनें भी बिना किसी बदलाव के इन नोटों को आसानी से निकाल सकेंगी।
क्यों बढ़ रहा है प्लास्टिक नोटों पर जोर
इसके अलावा कागज के नोट बहुत जल्दी गंदे होकर खराब हो जाते हैं। पिछले साल ही केंद्रीय बैंक को करोड़ों रुपए के पुराने नोट रद्दी मानकर नष्ट करने पड़े थे। नष्ट किए गए नोटों में सबसे ज्यादा संख्या 500 और 100 रुपए के नोटों की थी। इस बर्बादी को रोकने के लिए प्लास्टिक नोट सबसे बढ़िया और टिकाऊ विकल्प हैं।
कागजी नोट बनाम प्लास्टिक नोट की तुलना ग्रैफिक से समझें
RBI New Update
दुनिया के कई देशों में पहले से सफल है यह सिस्टम
दुनिया भर के 60 से ज्यादा अमीर और विकासशील देशों में प्लास्टिक नोट सफल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में सबसे पहले अपने यहाँ पॉलिमर नोटों की शुरुआत की थी। आज कनाडा, सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश इसी करेंसी का उपयोग कर रहे हैं। अब भारत भी इसी आधुनिक राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
FAQ
- प्लास्टिक या पॉलिमर बैंकनोट क्या होते हैं और ये किससे बनते हैं?
पॉलिमर बैंकनोट एक विशेष प्रकार के मजबूत और लचीले प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। इन्हें तैयार करने में मुख्य रूप से बायअक्शियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन (BOPP) नामक सिंथेटिक प्लास्टिक का उपयोग होता है। ये नोट दिखने और मुड़ने में सामान्य कागज के नोटों जैसे ही होते हैं, लेकिन ये पानी में भीगने से गलते नहीं हैं और इन्हें आसानी से फाड़ा नहीं जा सकता है। - आरबीआई भारत में प्लास्टिक के नोट लाने पर विचार क्यों कर रहा है?
इसका सबसे बड़ा कारण नोटों की छपाई पर होने वाला भारी खर्च और उनका जल्दी खराब होना है। वित्त वर्ष 2024-25 में नोट छापने की लागत बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। कागजी नोट जल्दी फट जाते हैं, जिससे हर साल करोड़ों नोटों को रद्दी घोषित करना पड़ता है। प्लास्टिक नोट लंबे समय तक चलते हैं, जिससे सरकार के करोड़ों रुपए बचेंगे। - शुरुआत में कौन-से नोट बदले जाएंगे और क्या इसके लिए एटीएम बदलने होंगे?
आरबीआई शुरुआत में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 100 रुपए, 200 रुपए और 500 रुपए के प्लास्टिक नोट बाजार में उतार सकता है। राहत की बात यह है कि इन नोटों के आने के बाद देश की मौजूदा ATM मशीनों को बदलने की कोई जरूरत नहीं होगी। ये मशीनें बिना किसी तकनीकी बदलाव के नए नोटों को आसानी से बांट सकेंगी।
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