सबरीमाला केस: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म तब मजबूत होगा जब मंदिरों में सब आएंगे

Jitendra Shrivastava | Apr 09, 2026, 21:43 IST
Share
sabarimala case
Photograph: (THESOOTR)

NEW DELHI. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा। सबरीमाला केस में 9 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। केंद्र ने अदालती दखल का विरोध किया।

News In Short

  • मंदिर एंट्री रोकने से समाज बंटेगा: सुप्रीम कोर्ट।
  • 9 जजों की बेंच 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई।
  • 2018 में महिलाओं की एंट्री पर रोक हटाई गई थी।
  • केंद्र बोला- धार्मिक मामलों में अदालत दखल न दे।
  • आर्टिकल 17 छुआछूत को संवैधानिक अपराध मानता है।

News In Detail

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला केस (Sabarimala Case) की सुनवाई जारी है। 9 जजों की संविधान बेंच लगातार तीसरे दिन सुनवाई की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा। यह हिंदू धर्म के लिए नुकसानदेह है। केंद्र सरकार ने धार्मिक मामलों में अदालती दखल का विरोध किया।

मंदिर एंट्री और समाज पर असर

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम टिप्पणी हुई। जस्टिस नागरत्ना ने मंदिर प्रवेश (Temple Entry) पर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि खास समुदाय को ही मंदिर में आने देना गलत है। बाहरी लोगों को रोकने से समाज में बंटवारा होगा। यह हिंदू धर्म के लिए नुकसानदेह है।

जस्टिस नागरत्ना ने उदाहरण दिया कि अगर सिर्फ गौड़ सारस्वत समुदाय एक मंदिर में जाए तो यह ठीक नहीं। कांची मठ के लोग सिर्फ कांची जाएं, शृंगेरी न जाएं, यह भी सही नहीं। जितने ज्यादा लोग अलग-अलग मंदिरों में जाएंगे, धर्म उतना मजबूत होगा। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संविधान और धार्मिक अधिकार

कोर्ट ने आर्टिकल 17 (Article 17) का जिक्र किया। यह प्रावधान छुआछूत को खत्म करता है। यह सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि संवैधानिक अपराध है। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक सुधार के कानून धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर आर्टिकल 26 (Article 26) पर भी पड़ सकता है।

आर्टिकल 26 धार्मिक संस्थाओं को अपने मामले खुद तय करने का अधिकार देता है। कोर्ट ने माना कि यह सवाल हर केस के हिसाब से तय होगा। सिर्फ थ्योरी से इसका जवाब नहीं दिया जा सकता।

केंद्र सरकार के तर्क

केंद्र की तरफ से सीनियर एडवोकेट वैद्यनाथन ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि धार्मिक विवाद (Religious Dispute) संवेदनशील होते हैं। इतिहास में अदालतें ऐसे मामलों में दखल नहीं देतीं। केरल में पुर्तगालियों ने सीरियन ईसाइयों को कैथोलिक बनाने की कोशिश की। आयरलैंड में कैथोलिकों के साथ भेदभाव हुआ था।

ये उदाहरण बताते हैं कि धार्मिक मामले कितने जटिल होते हैं। केंद्र ने यह भी कहा कि जो मंदिर सिर्फ अपने समुदाय के लिए हो, वो सरकारी फंड न ले। अगर दूसरों को बाहर रखते हैं तो उनसे मदद भी नहीं ली जा सकती।

26 साल पुराना मामला

यह मामला 26 सालों से अदालतों में है। 2018 में 5 जजों की बेंच ने 4:1 बहुमत से महिलाओं की मंदिर में एंट्री की अनुमति दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं (Review Petition) दायर हुईं। अब 9 जजों की संविधान बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

7 से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता 7 से 9 अप्रैल तक दलीलें दे रहे हैं। विरोधी पक्ष 14 से 16 अप्रैल तक अपनी बात रखेगा। यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) और संवैधानिक अधिकारों की सीमा तय करेगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

जनहित याचिका खत्म करने की मांग: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की दलील, PIL के दुरुपयोग पर उठे सवाल

भोजशाला पर हाईकोर्ट बेंच बोली- यह मामला हिंदू-मुस्लिम का नहीं, हिंदू पक्ष के तर्क पूरे

पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने घुटने टेके, जानिए गिरफ्त में आने के अलावा नहीं बचा था कोई रास्ता

CBSE ने छात्रों के लिए 'तीसरी भाषा' की अनिवार्य, सात दिनों के अंदर लागू करने के निर्देश





Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • हिंदू धर्म
  • जस्टिस नागरत्ना
  • धार्मिक स्वतंत्रता
  • सबरीमाला केस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा