संविधान दिवस पर पीएम मोदी का देश के नाम खत – अधिकारों के साथ कर्तव्य निभाने का संदेश

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक खास खत लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, पर देश की तरक्की के लिए हमें कर्तव्यों को भी निभाना होगा।

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Sanjay Dhiman
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Photograph: (the sootr)

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New Delhi. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस पर देशवासियों को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि संविधान हमें अधिकार और कर्तव्य दोनों सौंपता है। इन कर्तव्यों को निभाना हर भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी होती है। आजादी और समानता ही हमारे संविधान की असली आत्मा हैं। इन्हें जिंदा रखने की ताकत आम जनता के व्यवहार में दिखती है। नागरिक दायित्व निभाकर ही अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाएंगे। 

पीएम मोदी का पत्र, कर्तव्यों का पालन भी जरूरी

पीएम मोदी ने अपनी बात को और पक्का करते हुए महात्मा गांधी जी का उदाहरण दिया। गांधीजी का मानना ​​था कि हमारे अधिकार दरअसल कर्तव्यों को सही से निभाने पर ही अपने-आप आते हैं। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभानी होगी। यह एक बड़ा कदम है जिसके बारे में हर भारतीय को सोचना चाहिए।

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संविधान दिवस पर पीएम के पत्र को ऐसे समझें 

संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने नागरिकों को लिखी चिट्ठी

  • प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान दिवस पर नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को निभाएं।
  • मोदी ने कहा कि पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का सम्मान किया जाए, जिससे लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का अहसास हो।
  • उन्होंने बताया कि आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देंगे, इसलिए कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि संविधान ने हमें अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी दी हैं, जिन्हें निभाना चाहिए।
  • मोदी ने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका दिया हुआ संविधान ही आज देश की सबसे बड़ी ताकत है।

पहली बार वोट करने वाले युवाओं का हो सम्मान

मोदी ने स्कूलों और कॉलेजों से युवाओं को सम्मान देने की अपील की। यह सम्मान उन युवाओं का हो जो 18 साल के होकर पहली बार वोट देंगे। इससे नए मतदाता लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से जुड़ेंगे। यह सम्मान उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका को प्रेरित करेगा। पीएम ने कहा कि वोटिंग लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानी जाती है। हर नागरिक को यह शक्ति निभाकर लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए। 

विकसित भारत के लिए कर्तव्यों का बताया महत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम जो भी फैसले ले रहे हैं,जो नीतियां बना रहे हैं,वो देश का भविष्य तय करेंगी। यह बात बहुत ही गंभीर है और इस पर ध्यान देना जरूरी है।

  • प्राथमिकता: हमारे देश को विकसित भारत की तरफ ले जाने के लिए।

  • हर नागरिक का रोल: हर नागरिक को अपने कर्तव्यों की जानकारी होना चाहिए।

  • संविधान की आत्मा: पीएम ने बताया कि समानता और आजादी हमारे संविधान की असली आत्मा हैं।

  • जिम्मेदारी: लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों की ही है।

  • जीवन का हिस्सा: हमें अपने कर्तव्यों को सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। 

सोशल मीडिया पर कर्तव्य निभाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर भी अपना संदेश साझा किया। यहां उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें जितने अधिकार दिए हैं, उतनी ही जिम्मेदारियां भी दी हैं। जिन्हें निभाना देश हित में अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना प्रयास कर ले, देश तभी आगे बढ़ेगा जब जनता अपने कर्तव्य समझकर निभाएगी। 

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संविधान निर्माताओं को PM ने दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने संविधान निर्माताओं को दिल से याद किया और श्रद्धांजलि दी। उन दूरदर्शी नेताओं की सोच आज भी देश को आगे बढ़ने की प्रेरणा है। पीएम मानते हैं कि संविधान ही भारत की सबसे बड़ी असली ताकत है। हम संविधान के आदर्शों को व्यवहार में लाकर विकसित भारत बनाएँगे।

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