संदेशखाली का मुख्य आरोपी शाहजहां शेख 57 दिन बाद गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगा पेश

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न के आरोपी TMC नेता शेख शाहजहां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे गुरुवार सुबह नॉर्थ 24 परगना के मीनाखान इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आज उसे बसीरहाट कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह 55 दिन से फरार था।

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Pratibha Rana
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शाहजहां शेख

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BHOPAL. पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा (Sandeshkhali ) के मुख्य आरोपी और टीएमसी नेता शाहजहां शेख ( Sandeshkhali accused Shahjahan Sheikh ) को गिरफ्तार कर लिया गया ( Shahjahan Sheikh arrested ) है। शाहजहां को आज सुबह नॉर्थ 24 परगना के मीनाखान इलाके से हिरासत में लिया गया है। आज उसे बसीरहाट कोर्ट में पेश किया जाएगा। शाहजहां पर संदेशखाली में कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न का आरोप है।

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क्यों उबल रहा पश्चिम बंगाल का संदेशखाली, अब जानिए पूरी कहानी

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 मार्च से दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं। वह राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी संदेशखाली की महिलाओं से भी मिल सकते हैं। आखिर क्या खास है संदेशखाली में, जो खुद PM MODI को वहां जाना पड़ रहा है? दरअसल पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली पिछले दो माह से सुर्खियों में है। संदेशखाली की महिलाओं का सालों से यौन और सामाजिक आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आइए जानते हैं पूरी कहानी...

कैसे शुरू हुआ संदेशखाली में विवाद ?

5 जनवरी 2024 को ईडी की टीम राशन घोटाला मामले में जांच करने टीएमसी नेता शाहजहां शेख के संदेशखाली वाले घर पर छापेमार कार्रवाई करने पहुंची थी। ED के अधिकारी राशन भ्रष्टाचार मामले में संदेशखाली के सरबेड़िया में तृणमूल नेता शेख शाहजहां से पूछताछ करने पहुंचे थे। नेता शेख शाहजहां फरार हो गया था। इस दौरान उसके समर्थकों ने अधिकारियों पर भी हमले किए थे। इस घटना के एक महीने बाद 8 फरवरी से संदेशखाली की स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, तब से लगातार हर दिन प्रदर्शन हो रहे हैं। ये विवाद तब बढ़ गया जब 9 फरवरी को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां शेख के समर्थक हाजरा के स्वामित्व वाले तीन पोल्ट्री फार्म में आग लगा दी। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ये फार्म ग्रामीणों से जबरदस्ती छीनी गई जमीन पर बनाए गए थे।

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संदेशखाली क्यों है अशांत ?

बड़ी संख्या में संदेशखाली की महिलाएं पिछले कुछ दिनों से ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इन महिलाओं का आरोप है कि ममता की पार्टी टीएमसी के नेता शेख शाहजहां ने उनका यौन उत्पीड़न किया और फिर जबरन जमीनों पर कब्जा कर लिया। महिलाओं की मांग है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके गुर्गों को गिरफ्तार किया जाए। महिलाओं ने पुलिस पर आरोपियों से सांठ-गांठ करने का आरोप भी लगाया है। संदेशखाली की महिलाओं ने वहां के टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया। महिलाएं विरोध में प्रदर्शन करने और धरने देने लगीं। 

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संदेशखाला- टाइम लाइन

  • 5 जनवरी: ED ने नॉर्थ 24 परगना जिला में TMC नेता शेख शाहजहां के घर राशन घोटाले मामले में छापेमारी की। शाहजहां शेख घर पर नहीं था, लेकिन उसके समर्थकों ने ED टीम पर हमला किया।
  • 8 फरवरी: संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां, उत्तम सरदार और शिबू हाजरा पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया।
  • 10 फरवरी: TMC ने उत्तम सरकार को 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया। इसके कुछ घंटों बाद उसकी गिरफ्तार हुई। संदेशखाली के कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई।
  • 12 फरवरी: बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने संदेशखाली में पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा- रवींद्रनाथ टैगोर की धरती पर मांओं-बहनों के साथ ऐसा कैसे हो सकता है।
  • 13 फरवरी: कलकत्ता हाईकोर्ट जस्टिस अपूर्व सिन्हा रे ने घटना पर स्वत: संज्ञान लिया और सरकार को एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
  • 14 फरवरी: संदेशखाली जाने के दौरान भाजपा नेताओं और पुलिस में झड़प हुई। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बालुरघाट सांसद सुकांत मजूमदार घायल हो गए।
  • 15 फरवरी: CM ममता ने विधानसभा में कहा - संदेशखाली RSS का गढ़ है। वहां 7-8 साल पहले भी दंगे हुए 'थे। ताजा मामले में अब तक 17 लोग गिरफ्तार हुए हैं।
  • 16 फरवरी: BJP की 6 सदस्यीय टीम ने संदेशखाली जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद वे लौट गए। नड्डा ने 15 फरवरी को इस टीम का गठन किया था।
  • 17 फरवरी: बंगाल पुलिस ने TMC नेता शिबू हाजरा को गिरफ्तार किया। इससे गिरफ्तार लोगों की संख्या 18 शिबू को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
  • 19 फरवरी: सुप्रीम कोर्ट ने संदेशखाली मामले में दायर याचिका खारिज कर दी। SC ने कहा- मणिपुर में जो हुआ उसकी तुलना संदेशखाली से न करें। HC मामले पर ऑर्डर देंगे।
  • 20 फरवरी: कलकत्ता HC ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- शाहजहां शेख को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। 
  • 21 फरवरी: बंगाल के DGP राजीव कुमार संदेशखाली पहुंचे। उन्होंने एडीजी साउथ बंगाल सुप्रति सरकार सहित सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग की।

22 फरवरी को बीजेपी ने शेयर किया था वीडियो

बीजेपी ने संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न मामले में सोशल मीडिया पर 22 फरवरी को एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो शेयर कर उन्होंने कैप्शन में लिखा- संदेशखाली का ऐसा सच जो हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख देगा। ममता बनर्जी इस सच को छिपाने की कोशिश कर रही हैं। इस वीडियो में बंगाल की पीड़ित महिलाएं अपनी आपबीती सुना रही हैं। वीडियो में एक महीला कहते हुए नजर आ रही है कि TMC नेता शिबप्रसाद हाजरा यानी शिबू हाजरा उन्हें घर से उठवाकर ले जाता था। TMC के लोग लड़कियों की सुंदरता देखकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे। उनके लिए लड़कियां एंटरटेनमेंट थीं। वहीं एक अन्य महिला ने बताया कि हाजरा के लोग रात के दो बजे बुलाने आते थे। कहते थे कि दादा (शिबू हाजरा) बुला रहे हैं। उनका आदेश मतलब भगवान का आदेश। मैं रात के दो बजे जाती थी और सुबह 5 बजे आती थी। मैं दुकान चलाती हूं। उनके बुलाने पर नहीं जाती तो मेरी दुकान तोड़ देते।

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संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं की आपबीती 

संदेशखाली में महिलाओं ने आपबीती सुनाई है। हिंसा की शिकार एक पीड़िता ने बताया कि बलात्कार को साबित करने के लिए हमसे मेडिकल रिपोर्ट मांगी जा रही है। गांव की महिलाएं कैसे आगे आकर कह सकती हैं कि उनके साथ बलात्कार हुआ है?'  मेरे साथ बलात्कार नहीं हुआ है लेकिन अन्य महिलाओं के साथ ऐसा हुआ है।

संदेशखाली कांड पर ममता सरकार को मिली थी बड़ी राहत

संदेशखाली (Sandeshkhali controversy) में महिलाओं से यौन उत्पीड़न और हिंसा ने भारत में विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी, कांग्रेस,समेत कई दलों ने इस मुद्दे पर ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार का विरोध किया है। सभी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। संदेशखाली मामले (Sandeshkhali Case)में संसद की प्रिविलेज कमेटी की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इससे ममता बनर्जी सरकार को राहत मिली थी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुकांत मजूमदार यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। यहां पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसी मामले में संसद की प्रिविलेज कमेटी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन की कार्रवाई करने का फैसला लिया था।



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