सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद लद्दाख में फिर प्रदर्शन, कारगिल भी रहा बंद
Sandeep Kumar | Mar 16, 2026, 23:48 IST
sonam wangchuk
सोनम वांगचुक की रिहाई के दो दिन बाद लद्दाख में प्रदर्शन हुआ। हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग की।
लद्दाख में सोमवार को पूरे इलाके में बंद का माहौल था। हजारों लोग सड़कों पर उतरे, खासकर लेह और कारगिल में। लोग पूरी ताकत से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बैनर लेकर बाजारों में मार्च किया और नारे लगाए। यह बंद एपेक्स बॉडी लेह (ABL) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) द्वारा बुलाया गया था। आपको बता दें कि ये प्रदर्शन लद्दाख में सोनम वांगचुक की रिहाई के बाद हुआ है।
कारगिल और लेह में बाजार बंद थे और रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों ने सिंगे नामग्याल चौक से पोलो ग्राउंड तक मार्च किया। कई लोग उन चार लोगों की तस्वीरें लेकर चल रहे थे, जिनकी पिछले साल पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी, और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
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प्रदर्शन का नेतृत्व ABL के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने किया। उन्होंने रैली के दौरान कहा कि जनता ने शांतिपूर्वक अपनी मांगों को रखा है और यह प्रदर्शन बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि ABL और KDA को जनता का समर्थन नहीं है। लेकिन आज लद्दाख के लोगों ने यह साबित कर दिया कि वे इन संगठनों के साथ खड़े हैं।
पिछले साल सितंबर में लद्दाख में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में चार लोग मारे गए थे। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार से न्याय की मांग की। उन चार लोगों की तस्वीरों को लेकर प्रदर्शन में शामिल लोग आगे बढ़े और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
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प्रदर्शनकारी लद्दाख को एक पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे, ताकि उन्हें अपने अधिकार और स्वायत्तता मिल सके। साथ ही, संविधान की छठी अनुसूची के तहत उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया जाए। यह प्रदर्शन लद्दाख के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बन चुका है।
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लद्दाख के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने रैली स्थल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था कायम रहे और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने दिया।
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सोनम वांगचुक, लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक, को पिछले साल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्हें आरोपित किया गया था कि उन्होंने प्रदर्शन में हिंसा भड़काई। वांगचुक को सितंबर में हिरासत में लिया गया था, जब पुलिस फायरिंग में चार लोग मारे गए थे। उनकी रिहाई के बाद यह पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ।
कारगिल और लेह में बंद
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन
पिछले साल सितंबर में लद्दाख में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में चार लोग मारे गए थे। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार से न्याय की मांग की। उन चार लोगों की तस्वीरों को लेकर प्रदर्शन में शामिल लोग आगे बढ़े और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
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प्रदर्शनकारियों की राज्य की मांग
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सुरक्षा व्यवस्था और स्थिति पर नजर
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NSA के तहत गिरफ्तारी
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