स्पेन बॉर्डर पर भगदड़: 34 प्रवासियों की मौत, सेना तैनात, इटली ने दी चेतावनी

Jitendra Shrivastava | Jul 31, 2026, 17:30 IST
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स्पेन में घुसे हजारों घुसपैठिए
Photograph: (THESOOTR)

स्पेन के सेउटा बॉर्डर पर मोरक्को से हजारों प्रवासियों की घुसपैठ से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सीमा पार करने की कोशिश में 18 प्रवासियों की मौत हुई। हालात बेकाबू होने पर स्पेन ने सेना तैनात कर दी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • स्पेन के सेउटा बॉर्डर पर मचा भयंकर प्रवासी संकट।
  • मोरक्को से घुसे हजारों लोग, 18 की गई जान।
  • हालात बेकाबू होते ही स्पेन ने उतारी सेना।
  • कोर्ट के फैसले का फायदा उठा रहे तस्कर नेटवर्क।
  • सेउटा में दहशत, दुकानें बंद, लोग बना रहे रक्षा दल।
स्पेन के स्यूटा शहर में अवैध प्रवेश की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हुआ। हजारों प्रवासियों की भीड़ बॉर्डर पार करने पहुंची, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में 34 लोगों की मौत हुई, जबकि कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। मोरक्को की ओर से बड़ी संख्या में लोग सीमा तक पहुंचे थे।

हालात बेकाबू होते देख स्पेन सरकार ने सेना तैनात कर दी है। यह संकट कोर्ट के एक फैसले के बाद और गहरा गया है। यूरोप की सुरक्षा को लेकर भी अब चिंता बढ़ गई है।

सेउटा में अचानक बढ़ी प्रवासियों की भीड़

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी शहर सेउटा में बड़ा मानवीय और सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है। जुलाई के आखिरी हफ्ते में हजारों प्रवासी मोरक्को से सेउटा में घुसपैठिएदाखिल होने लगे। अनुमान है कि यह संख्या दो हजार से लेकर तीस हजार तक हो सकती है।

प्रवासियों ने तराजल ब्रेकवाटर के पास समुद्र में तैरकर सीमा पार की। कई लोगों ने टायर ट्यूब का सहारा लिया तो कुछ पैदल चलकर आए। कई जगह कंटीले तारों की बाड़ भी तोड़ी गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सिविल गार्ड पुलिस पूरी तरह लाचार नजर आई।

34 प्रवासियों की गई जान

इस भगदड़ जैसी स्थिति और समुद्र पार करने की कोशिश में कम से कम 34 प्रवासियों की मौत हो गई। सिविल गार्ड के अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह अराजक बताया है। स्थानीय रिसेप्शन सेंटर भी अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा भर चुके हैं।

हजारों प्रवासी बिना किसी आश्रय के पार्कों और सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। इनमें बिना अभिभावक वाले बच्चे भी शामिल हैं। यह हालात एक गंभीर मानवीय संकट का रूप ले चुके हैं।

स्थानीय लोगों में फैली दहशत

स्थिति बिगड़ने से सेउटा में डर का माहौल है। कई दुकानें और व्यवसाय बंद कर दिए गए हैं। स्थानीय व्यापारियों को लगता है कि पुलिस बल पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से कई व्यापारियों ने खुद अपनी सुरक्षा के लिए समूह बना लिए हैं। शहर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

कोर्ट के फैसले ने बढ़ाया संकट

इस भारी घुसपैठ के पीछे एक अहम कानूनी फैसला बताया जा रहा है। स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समुद्र से सेउटा या मेलिला पहुंचने वालों पर तुरंत वापसी की प्रक्रिया लागू नहीं होगी। ऐसे प्रवासियों को सामान्य इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

स्पेन के आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक मानव तस्करी करने वाले नेटवर्क ने इसी फैसले का फायदा उठाया। उन्होंने प्रवासियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा।

सरकार ने तैनात की सेना

बॉर्डर संकट से निपटने के लिए स्पेन सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस की मदद के लिए सशस्त्र बलों को शहर में तैनात किया गया है। मुख्य भूमि से अतिरिक्त पुलिस अधिकारी और सैनिक भी भेजे गए हैं।

हालात की गंभीरता देखते हुए प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और आंतरिक मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मारलास्का शुक्रवार सुबह सेउटा पहुंचे। सेउटा के मेयर जुआन जीसस विवास ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की थी। हालांकि सरकार ने यह मांग खारिज कर दी।

सेउटा का इतिहास और अहमियत

सेउटा और मेलिला अफ्रीका में स्पेन के दो छोटे शहर हैं। इनकी सीमाएं मोरक्को से लगती हैं। पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में यह यूरोपीय संघ (EU – European Union) की एकमात्र जमीनी सीमाएं हैं।

यही वजह है कि बेहतर जिंदगी की तलाश में अफ्रीकी प्रवासी यहीं से यूरोप में घुसने की कोशिश करते हैं। मई 2021 में भी ऐसा ही संकट देखने को मिला था, जब आठ हजार से ज्यादा प्रवासी अचानक सेउटा पहुंच गए थे।

यूरोप में बढ़ी चिंता

सेउटा को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। कई विश्लेषक इसे मोरक्को की तरफ से दबाव बनाने की रणनीति भी मानते हैं। चूंकि सेउटा यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा है, इसलिए इस घटना ने पूरे यूरोप की चिंता बढ़ा दी है।

इटली ने चेतावनी दी है कि यह अनियंत्रित घुसपैठ पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इटली ने बिना वीजा वाले शेंगेन ओपन-बॉर्डर सिस्टम की समीक्षा तक की मांग उठाई है। मोरक्को सरकार का कहना है कि वह स्पेन के साथ स्थिति संभालने में सहयोग कर रही है।

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