सुकन्या समृद्धि योजना : दो दिन में निपटा लें ये जरूर काम, नहीं तो आपकी बेटी के नाम पर चल रहे अकाउंट होंगे क्लोज
Pratibha ranaa | Sept 29, 2024, 10:08 IST
sukanya samriddhi yojana
मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में नया नियम लागू किया है। इस बदलाव का उद्देश्य खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आइए इस योजना के बारे में जानते है...
मोदी सरकार ने बेटियों के भविष्य को संवारने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ये बदलाव 1 अक्टूबर 2024 से लागू होंगे।
अब से सुकन्या समृद्धि योजना का खाता केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही संचालित कर सकेंगे। यदि कोई अभिभावक या कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त व्यक्ति खाता नहीं चलाता है, तो वह खाता बंद किया जा सकता है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य खातों की सुरक्षा और प्रबंधन को सख्त बनाना है, ताकि बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए जुटाए गए धन की रक्षा की जा सके।
सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, जिसका उद्देश्य बेटियों के भविष्य को सुनिश्चित करना है। इस योजना में केवल 250 रुपए की न्यूनतम राशि से खाता खोला जा सकता है। इसके साथ ही, इस पर सरकार द्वारा 8.2% का आकर्षक ब्याज भी दिया जाता है, जिससे यह योजना एक लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श बन जाती है।
अब दादा-दादी या नाना- नानी द्वारा खोले गए सुकन्या समृद्धि खातों को योजना के मूल दिशा- निर्देशों के तहत कानूनी अभिभावक या प्राकृतिक माता-पिता के नाम पर ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा। पहले दादा-दादी द्वारा पोतियों के लिए खाते खोलना एक सामान्य प्रथा थी, लेकिन नए नियमों के अनुसार, केवल कानूनी अभिभावक या प्राकृतिक माता-पिता ही खाते खोल और प्रबंधित कर सकते हैं।
अगर किसी परिवार में दो से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए हैं, तो नए नियमों के अनुसार, अतिरिक्त खातों को बंद कर दिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य योजना के दिशानिर्देशों को अधिक सख्ती से लागू करना और खातों के प्रबंधन में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है। यह सुनिश्चित करता है कि केवल वे ही लोग, जो बेटियों के कानूनी अभिभावक हैं, इस योजना का लाभ उठा सकें।
ये खबर भी पढ़िए..केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में किए बदलाव, डिपोजिट करने से पहले जान लें जरूरी डिटेल्स
सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) भारत सरकार की एक बचत योजना है, जिसे विशेष रूप से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह योजना 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की गई थी।
सुकन्या समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सुरक्षा देना है, ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिले।
यह खाता केवल एक बेटी के लिए खोला जा सकता है और एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं। अगर जुड़वां बेटियां हैं या तीसरी बेटी है तो तीसरे खाते की अनुमति दी जा सकती है।
खाता बेटी के जन्म के समय से लेकर 10 साल की उम्र तक ही खोला जा सकता है।
ये खबर भी पढ़िए...छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों को तोहफा, सरकार ने 0.30 फीसदी तक बढ़ाया ब्याज, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8% ब्याज मिलता रहेगा
इस योजना पर सरकार समय-समय पर ब्याज दर तय करती है। यह दर अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक होती है।
यह दस्तावेज़ बेटी की उम्र को प्रमाणित करने के लिए आवश्यक है। इसमें बेटी का नाम, जन्म की तारीख और जन्म स्थान की जानकारी होनी चाहिए। बेटी का पैन कार्ड भी जरूरी है। नॉमिनेशन भी अनिवार्य है, जो एक या अधिक व्यक्तियों के लिए किया जा सकता है, लेकिन चार से अधिक लोगों को नामित नहीं किया जा सकता।
यह खाता न्यूनतम 250 रुपए से खोला जा सकता है और प्रति वित्तीय वर्ष इसमें अधिकतम 1,50,000 रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक इसमें धनराशि जमा की जा सकती है। खाता 21 साल की अवधि पूरी होने पर मैच्योर होता है।
क्या है नया नियम?
250 रुपए से खुलेगा खाता
दादा-दादी द्वारा खोले गए खाते
बंद होंगे अतिरिक्त खाते
ये खबर भी पढ़िए..केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में किए बदलाव, डिपोजिट करने से पहले जान लें जरूरी डिटेल्स
योजना के बारे में जानिए...
उद्देश्य
खाता खोलने की पात्रता
खाता बेटी के जन्म के समय से लेकर 10 साल की उम्र तक ही खोला जा सकता है।
ये खबर भी पढ़िए...छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों को तोहफा, सरकार ने 0.30 फीसदी तक बढ़ाया ब्याज, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8% ब्याज मिलता रहेगा
न्यूनतम और अधिकतम जमा राशि
- न्यूनतम जमा राशि 250 प्रति वर्ष है।
- अधिकतम जमा राशि 1.5 लाख प्रति वर्ष है।
ब्याज दर
जरूरी दस्तावेज
बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
यह खाता न्यूनतम 250 रुपए से खोला जा सकता है और प्रति वित्तीय वर्ष इसमें अधिकतम 1,50,000 रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक इसमें धनराशि जमा की जा सकती है। खाता 21 साल की अवधि पूरी होने पर मैच्योर होता है।
माता-पिता या कानूनी अभिभावक का पहचान पत्र
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- वोटर आईडी कार्ड
thesootr links
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA