HC के जज राम मनोहर नारायण ने कहा था- ब्रेस्ट पकड़ना, पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप नहीं, SC ने फटकारा
Sourabh Bhatnagar | Mar 26, 2025, 12:21 IST
thesootr
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए इसे असंवेदनशील बताया है। कोर्ट ने नाबालिग के साथ हुए यौन उत्पीड़न को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने यह कहा था कि नाबालिग के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप नहीं माना जाएगा। यह निर्णय उस समय लिया गया जब इस टिप्पणी के खिलाफ विभिन्न कानूनी विशेषज्ञों और नेताओं ने आपत्ति जताई थी।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और एजे मसीह की बेंच ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। बेंच ने कहा, "हाईकोर्ट की टिप्पणी पूरी तरह से असंवेदनशील और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।" सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
खबर यह भी...स्तन पकड़ना और पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप की कोशिश नहीं, HC का अजीबोगरीब फैसला
जानें, क्या था
कासगंज में एक महिला ने अपनी 14 साल की बेटी के साथ हुए यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट्स को छुआ और उसके पायजामे की डोरी तोड़ी थी। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने आरोपियों पर गंभीर धाराएं हटा दीं, जिससे यह विवाद पैदा हुआ।
खबर यह भी...सुप्रीम कोर्ट को मिले एक और जज : जस्टिस जॉयमाल्य बागची बनेंगे 2031 में मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत कदम उठाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए यह कहा कि कोर्ट की टिप्पणी से बुरी मानसिकता को बढ़ावा मिलता है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला भी पलट दिया था, जिसमें एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया गया था कि बिना त्वचा से त्वचा के संपर्क के यौन उत्पीड़न नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत ठहराया था और कहा था कि किसी बच्चे के यौन अंगों को छूने को यौन हमला माना जाएगा।
हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सवाल
THESOOTR
खबर यह भी...स्तन पकड़ना और पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप की कोशिश नहीं, HC का अजीबोगरीब फैसला
जानें, क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला ?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने कहा था कि नाबालिग लड़की का ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप का मामला नहीं है। यह फैसले के विरोध में तुरंत कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा आलोचना की गई थी। कोर्ट ने मामले में आरोपियों पर 'अटेम्प्ट टू रेप' की धाराएं हटाने का आदेश दिया था।
यह केस क्या था?
खबर यह भी...सुप्रीम कोर्ट को मिले एक और जज : जस्टिस जॉयमाल्य बागची बनेंगे 2031 में मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
पिछला मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट का निर्णय पलट चुका है
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava