यूक्रेन युद्ध के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फोन वार्ता हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने सीजफायर के बारे में चर्चा की। यह वार्ता लगभग 90 मिनट तक चली और इसमें ग्लोबल सिक्योरिटी (वैश्विक सुरक्षा) और दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने पर विचार किया गया। पुतिन के बिजनेस प्रतिनिधि किरिल दिमित्रिएव ने कहा कि दोनों देशों की लीडरशिप ने दुनिया को एक सुरक्षित जगह बनाने का प्रयास किया है।
रूस और अमेरिका के बीच पिछले दो महीने में चौथी वार्ता
पुतिन और ट्रम्प के बीच इस वार्ता से पहले, पिछले दो महीनों में चार प्रमुख बैठकें हुई हैं। इनमें से कुछ प्रमुख बैठकें...
12 फरवरी: राष्ट्रपति ट्रम्प और पुतिन के बीच फोन पर बात।
27 फरवरी: इस्तांबुल में अमेरिकी और रूसी डिप्लोमैट्स की बैठक।
13 मार्च: ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ की पुतिन से मुलाकात।
18 मार्च: ट्रम्प और पुतिन के बीच सीजफायर पर 90 मिनट की वार्ता।
इन सभी वार्ताओं का उद्देश्य यूक्रेन जंग के दौरान सीजफायर की दिशा में कदम बढ़ाना था।
यूक्रेन ने 11 मार्च को सऊदी अरब में हुई बैठक के दौरान 30 दिन के सीजफायर पर सहमति दी थी। हालांकि, रूस ने अस्थाई सीजफायर से इनकार कर दिया था। रूस ने इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों से एक व्यापक सुरक्षा समझौते की मांग की है, जिसमें यूक्रेन को NATO में शामिल न करने की गारंटी भी शामिल है।
रूस ने पिछले तीन सालों में यूक्रेन का लगभग 20% हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया है, जिसमें डोनेट्स्क, लुहांस्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन जैसे प्रमुख प्रांत शामिल हैं। हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अब भी जारी है।
FAQ- खबर से संबंधित सवाल
यूक्रेन जंग में सीजफायर के बारे में ट्रम्प और पुतिन की बातचीत में क्या बातें हुईं?
ट्रम्प और पुतिन के बीच 90 मिनट की वार्ता में सीजफायर के साथ-साथ ग्लोबल सिक्योरिटी पर भी चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को सामान्य बनाने और एक सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए विचार व्यक्त किए।
क्या रूस और यूक्रेन के बीच कोई अस्थाई सीजफायर हुआ है?
यूक्रेन ने 30 दिन के सीजफायर पर सहमति जताई है, लेकिन रूस ने अस्थाई सीजफायर से इनकार कर दिया। रूस ने सुरक्षा समझौते की मांग की है, जिसमें यूक्रेन को NATO में शामिल न करने की गारंटी भी शामिल है।
रूस ने यूक्रेन के कितने हिस्से पर नियंत्रण किया है?
रूस ने पिछले तीन सालों में यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिसमें डोनेट्स्क, लुहांस्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।