देश में 80 हजार करोड़ रुपए लावारिस, जानें इस Unclaimed Wealth के नॉमिनी और विल क्यों हैं जरूरी
Anjali Dwivedi | Nov 12, 2025, 17:16 IST
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देश में 80 हजार करोड़ रुपए लावारिस पड़े हैं। ये पैसा बैंक खातों और म्यूच्यूअल फंड्स में है। ज्यादातर परिवारों को इसकी जानकारी नहीं होती है। जानें क्यों नॉमिनी जोड़ना जरूरी है। विल या वसीयत को कैसे प्रभावी बनाएं। अपने फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स सही रखें।
भारत में करोड़ों रुपए बिना दावे के पड़े हुए हैं। इन पैसों को कोई पूछने वाला नहीं मिल रहा है। हजारों परिवार अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठते हैं। बहुत से लोगों को पता ही नहीं होता कि उनके पैसे कहां हैं। इन पैसों के असली हकदारों की जानकारी किसी को नहीं है।
कई परिवार हैं जिनके सदस्यों के पैसे बैंक खातों में हैं। ये पैसे बीमा फंडों या म्यूच्यूअल फंड्स में भी हैं। मगर परिवार के लोगों को इसकी खबर नहीं है।
सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर अभिषेक कुमार ने बताया कि करीब 80 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। इन पैसों का कोई दावेदार नहीं मिल रहा है। अभिषेक कुमार ने कहा कि यह बहुत जरूरी विषय है। लेकिन कम लोग ही इस पर बात करते हैं।
उनका कहना है कि यह स्थिति इसलिए नहीं है। क्योंकि लोगों के पास पैसा कम है। इसकी असली वजह कम्युनिकेशन की कमी है। पेपरवर्क की जटिलता भी एक बड़ा कारण है। परिवारों में जागरूकता का भी अभाव होता है।
अभिषेक कुमार ने लोगों से सवाल पूछा। क्या आपके परिवार को आपके पैसों की जानकारी है। अक्सर ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। उसके बाद परिवार को उसके निवेशों की खबर नहीं होती। इससे वह पैसा सालों तक बिना दावे के पड़ा रह जाता है।
एक क्लाइंट की पत्नी को पता नहीं था। उनके MUTUAL FUNDSमें 15 लाख रुपए जमा थे। एक परिवार को बैंक खाता अनलॉक कराने में दो साल लग गए थे। क्योंकि उसमें नॉमिनी का नाम नहीं था।
सिर्फ वसीयतनामा (
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि विल बनाना ही काफी है। अभिषेक कुमार ने इस पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ वसीयतनामा ही पर्याप्त नहीं है। वसीयतनामा तभी प्रभावी और वैध होती है। जब वह कानूनी प्रक्रिया से तैयार की गई हो।
बैंक अकाउंट में नॉमिनी कराने के लिएसही सबूतों और प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। देश में लाखों परिवार ऐसे ही फंसे हुए हैं। उनकी कमाई कई वित्तीय संस्थानों में फंसी है।
अभिषेक ने कहा कि उचित डॉक्यूमेंट्स के बिना विल। वह बिना नींव के घर जैसी होती है। विल बनाते समय मेडिकल सर्टिफिकेट जरूर लें। हस्ताक्षर की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराएं। अपनी वसीयत को रजिस्टर्ड जरूर कराएं। ये सभी जरूरी कदम हैं। ये कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
जानकारों का भी यही कहना है कि लोगों को अपने निवेश की जानकारी देनी चाहिए। सभी खातों में नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए, और अपने जरूरी दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखना चाहिए, ताकि भविष्य में आपकी संपत्ति Unclaimed Money न हो। सही Financial Planning से आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।
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कई परिवार हैं जिनके सदस्यों के पैसे बैंक खातों में हैं। ये पैसे बीमा फंडों या म्यूच्यूअल फंड्स में भी हैं। मगर परिवार के लोगों को इसकी खबर नहीं है।
अनक्लेम्ड क्यों रह जाती है यह रकम
उनका कहना है कि यह स्थिति इसलिए नहीं है। क्योंकि लोगों के पास पैसा कम है। इसकी असली वजह कम्युनिकेशन की कमी है। पेपरवर्क की जटिलता भी एक बड़ा कारण है। परिवारों में जागरूकता का भी अभाव होता है।
कम्युनिकेशन की कमी सबसे बड़ी वजह
एक क्लाइंट की पत्नी को पता नहीं था। उनके MUTUAL FUNDSमें 15 लाख रुपए जमा थे। एक परिवार को बैंक खाता अनलॉक कराने में दो साल लग गए थे। क्योंकि उसमें नॉमिनी का नाम नहीं था।
सिर्फ वसीयतनामा (Will ) ही काफी नहीं है
बैंक अकाउंट में नॉमिनी कराने के लिएसही सबूतों और प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। देश में लाखों परिवार ऐसे ही फंसे हुए हैं। उनकी कमाई कई वित्तीय संस्थानों में फंसी है।
वसीयत को कानूनी रूप से ऐसे बनाएं मजबूत
अपनी संपत्ति को लावारिस होने से बचाएं
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