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बजट में किसानों के लिए नई योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान देने की बात की। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने नारियल उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह योजना नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके तहत, प्रमुख नारियल-उत्पादक राज्यों में पुराने पेड़ों को नई किस्मों के पौधों से बदला जाएगा।
काजू और नारियल उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
भारतीय काजू और कोको के लिए एक विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया है। इसका लक्ष्य भारत को कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बनाना है। इससे निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। 2030 तक भारतीय काजू और कोको को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड में बदला जा सकेगा।
चंदन खेती को बढ़ावा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि चंदन भारत की संस्कृति और समाज से गहरा जुड़ा हुआ है। सरकार अब राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगी, ताकि भारतीय चंदन की प्रतिष्ठा फिर से वापस लाई जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने बागानों को फिर से उपजाऊ बनाया जाएगा। इससे अखरोट, बादाम और चिलगोजा की खेती को बढ़ावा मिलेगा।एक खास कार्यक्रम शुरु किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं को इससे जोड़कर उत्पादों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए गए ऐलान
- 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास होगा।
- पशुपालन क्षेत्र में नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।
- कोकोनट प्रोत्साहन योजना से 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को सहायता मिलेगी।
- भारत का काजू और कोको 2030 तक ग्लोबल ब्रैंड बनेंगे।
ये भी जानें...
- ग्रामीण इलाकों में एक जिला-एक उत्पाद योजना को मजबूत करेंगे।
- खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव।
- तटवर्ती क्षेत्र के किसानों के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
- बादाम और अखरोट की पैदावार बढ़ाने के लिए मदद मिलेगी।
- नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे।
- चंदन के पेड़ों और लकड़ी के लिए विशेष योजना शुरु की जाएगी।
- रेशम, ऊन और जूट फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी।
- पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी।
- बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
- किसानों के लिए Ai टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
- तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
- पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
- पशुधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा।
- पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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