धान खरीदी में अनियमितता: किसानों को नहीं मिला भुगतान, किया हंगामा

रीवा के परसिया केंद्र पर किसानों ने धान परिवहन ठप कर दिया। 4000 क्विंटल धान की फीडिंग न होने और भुगतान अटकने से किसान नाराज हैं। वहीं, प्रशासन ने पोर्टल की खराबी बताई।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • त्योंथर में भुगतान न मिलने पर किसानों ने ट्रकों को रोका।

  • 4000 क्विंटल धान की तौल हुई, पर फीडिंग नहीं हुई।

  • भुगतान न मिलने से 40 किसान आर्थिक संकट में हैं।

  • अधिकारियों ने पोर्टल की तकनीकी समस्या का हवाला दिया है।

  • प्रशासन की निगरानी में अब केंद्र का धान सुरक्षित रहेगा।

News In Detail

Rewa News. रीवा के परसिया केंद्र पर किसानों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार 30 जनवरी को धान से लदे पांच ट्रकों को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। कांग्रेस नेता अरुण गौतम की अगुवाई में यह रास्ता जाम किया गया। किसानों ने केंद्र के बाहर ट्रैक्टर खड़े कर परिवहन रोक दिया। उनका कहना है कि लगातार धान खरीदी में मनमानी हो रही है। 

तौल हुई पर पोर्टल पर फीडिंग नहीं

किसानों का आरोप है कि 4000 क्विंटल धान तौला जा चुका है। लगभग 40 किसानों की धान एक महीने से केंद्र (धान खरीदी में अनियमितता) पर है। यह धान बारदानों में पैक होकर परिसर में रखा हुआ है। पोर्टल पर फीडिंग न होने से भुगतान अब तक अटका है। किसान पिछले एक महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल पहुंचा

हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फूड कंट्रोलर और एडिशनल एसपी सहित कई अधिकारी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने की काफी कोशिश की। मौके पर करीब चार घंटे तक तीखी बहस चलती रही।

पोर्टल की तकनीकी खराबी बनी मुख्य बाधा

अधिकारियों ने बताया कि भोपाल स्तर से पोर्टल में दिक्कत है। पोर्टल खुलने के बाद ही धान की फीडिंग संभव होगी। प्रशासन ने धान की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। एसडीएम ने कहा कि धान अब प्रशासन की निगरानी में रहेगा।

भुगतान तक जारी रहेगा किसानों का आंदोलन

कांग्रेस नेता अरुण गौतम ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि फीडिंग और भुगतान तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने साफ किया कि वे अब और आश्वासन नहीं चाहते। वे केवल अपने हक का पैसा और समाधान चाहते हैं।
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