दलित राजनीति का सितारा आकाश आनंद क्यों हुआ एकदम से अस्त, जानें अंदर की कहानी
Pratibha ranaa | May 08, 2024, 08:36 IST
Mayawati- Akash Anand
मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया है। बसपा सुप्रीमो ने उन्हें पिछले साल दिसंबर में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। फिर ऐसा क्या हुआ...
BHOPAL. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ( Mayawati ) ने अपने भतीजे आकाश आनंद ( Akash Anand ) को पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी की जिम्मेदारी से अलग कर दिया है। उन्होंने एक्स पर इसकी जानकारी दी थी। पूर्ण परिपक्वता आने तक आकाश आनंद को दोनों अहम जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है।
चुनाव के बीच बसपा में इस बड़े फेरबदल के ये हो सकते है कारण...
गौरतलब है कि सीतापुर में बीएसपी जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती के भतीजे आकाश ने भारतीय जनता पार्टी ( बीजेपी ) की तुलना आतंकवादी से की थी। इसके बाद आकाश आनंद ( Akash Anand ) पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था और उसके बाद सभी जनसभाएं व चुनावी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए थे।
दावे किए जा रहे हैं कि आकाश आनंद के बयानों ने मायावती को नाराज कर दिया था। जिस तरह की राजनीति मायावती करती रही हैं और जिस तरह के बयान वह देती आई हैं, उसमें आकाश आनंद की यह भाषा-शैली 'मिसफिट' हो रही थी। आकाश आनंद के कुछ बयानों ने बसपा को काफी डैमेज किया है।
आकाश आनंद को शुरुआत में जब जिम्मेदारियां दी गई थीं, तब वह काफी सौम्यता से बातें करते थे, लेकिन बाद में जब वह भीड़ के सामने आए तो कई बार आपा खो बैठे। माना जा रहा है कि उन्हें उत्तराधिकारी और नेशनल कॉर्डिनेटर बनाने के फैसले को वापस लेने के पीछे यह एक अहम वजह हो सकती है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में आकाश आनंद को अपरिपक्व नेता बताया। मायावती ने कहा कि बसपा ने आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर और अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, लेकिन पार्टी और आंदोलन के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।
बसपा ने दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। बता दें, 28 साल के आकाश आनंद ने लंदन से एमबीए में मास्टर्स डिग्री हासिल की है। 2017 में मायावती ने आकाश को सहारनपुर की जनसभा में सबसे पहले लांच किया था जहां वह पहली बार मायावती के साथ मंच पर दिखाई दिए थे।
चुनाव के बीच बसपा में इस बड़े फेरबदल के ये हो सकते है कारण...
आतंकवादी से की थी BJP की तुलना
गौरतलब है कि सीतापुर में बीएसपी जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती के भतीजे आकाश ने भारतीय जनता पार्टी ( बीजेपी ) की तुलना आतंकवादी से की थी। इसके बाद आकाश आनंद ( Akash Anand ) पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था और उसके बाद सभी जनसभाएं व चुनावी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए थे।
आकाश के बयानों से नाराज थीं मायावती
दावे किए जा रहे हैं कि आकाश आनंद के बयानों ने मायावती को नाराज कर दिया था। जिस तरह की राजनीति मायावती करती रही हैं और जिस तरह के बयान वह देती आई हैं, उसमें आकाश आनंद की यह भाषा-शैली 'मिसफिट' हो रही थी। आकाश आनंद के कुछ बयानों ने बसपा को काफी डैमेज किया है।
ये भी हो सकती हैं मुख्य वजह
आकाश आनंद को शुरुआत में जब जिम्मेदारियां दी गई थीं, तब वह काफी सौम्यता से बातें करते थे, लेकिन बाद में जब वह भीड़ के सामने आए तो कई बार आपा खो बैठे। माना जा रहा है कि उन्हें उत्तराधिकारी और नेशनल कॉर्डिनेटर बनाने के फैसले को वापस लेने के पीछे यह एक अहम वजह हो सकती है।
आनंद को अपरिपक्व नेता बताया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में आकाश आनंद को अपरिपक्व नेता बताया। मायावती ने कहा कि बसपा ने आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर और अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, लेकिन पार्टी और आंदोलन के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।
पिछले साल घोषित किया था उत्तराधिकारी
बसपा ने दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। बता दें, 28 साल के आकाश आनंद ने लंदन से एमबीए में मास्टर्स डिग्री हासिल की है। 2017 में मायावती ने आकाश को सहारनपुर की जनसभा में सबसे पहले लांच किया था जहां वह पहली बार मायावती के साथ मंच पर दिखाई दिए थे।
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