भगवान विष्णु को प्रिय है शंख, फिर भी बद्रीनाथ धाम में क्यों लगी है इस पर सख्त पाबंदी?

Kaushiki | Apr 24, 2026, 16:07 IST
Share
BADRINATH DHAM
BADRINATH DHAM

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं। यहां भगवान विष्णु के मंदिर में शंख नहीं बजाया जाता है। इसके पीछे कई रोचक धार्मिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हैं।

Badrinath Dham: उत्तराखंड के हिमालय में स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु का पवित्र निवास है। चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही यहां भक्तों का तांता लगा है। अब मंदिर के कपाट पूरे विधि-विधान से खुल चुके हैं। बद्रीनाथ मंदिर अपनी सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लेकिन यहां की एक परंपरा सबको बहुत हैरान कर देती है।

भगवान विष्णु के इस धाम में कभी भी शंख नहीं बजाया जाता है। शंख को तो भगवान विष्णु का बहुत प्रिय आभूषण माना जाता है। फिर भी इस मंदिर में इसे बजाने पर सख्त पाबंदी लगी है। आइए जानें ऐसा क्यों...

Badrinath Dham Mystery: Why Is Blowing a Shankh Forbidden in Badrinath? |  Times Now
Badrinath Dham Mystery: Why Is Blowing a Shankh Forbidden in Badrinath? | Times Now


माता लक्ष्मी की तपस्या

पौराणिक कथा के मुताबिक, यह स्थान भगवान विष्णु की पावन तपोभूमि है। एक बार माता लक्ष्मी यहां एकांत में कठोर तपस्या कर रही थीं। उसी समय भगवान विष्णु ने यहां एक क्रूर राक्षस का वध किया। शास्त्रों के मुताबिक, विजय प्राप्त करने के बाद शंखनाद करना अनिवार्य है।

परंतु भगवान विष्णु ने जीत के बाद भी शंख नहीं बजाया था। वे नहीं चाहते थे कि लक्ष्मी जी की दिव्य साधना भंग हो। माता की शांति के लिए प्रभु ने मौन रहना ही उचित समझा। तभी से इस मंदिर में शंख न बजाने की परंपरा चली आ रही है।

WHY IS CONCH/SHANKH NOT BLOWN IN BADRINATH DHAM Though the conch always  accompanies Sri Vishnu, still in Badrinath Dham, it is not blown. It is  said that once there was a great
WHY IS CONCH/SHANKH NOT BLOWN IN BADRINATH DHAM Though the conch always accompanies Sri Vishnu, still in Badrinath Dham, it is not blown. It is said that once there was a great


शंखचूड़ राक्षस की कथा

एक अन्य प्राचीन कथा के मुताबिक, एक असुर शंख में छिप गया था। उस राक्षस का नाम शंखचूड़ था जो बहुत ही ज्यादा मायावी था। ऋषियों का मानना था कि शंख बजाने पर वह राक्षस जाग जाएगा।

वह बाहर निकलकर प्रकृति और निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा सकता था। लोक कल्याण के लिए ऋषियों ने शंख बजाना बंद कर दिया था। ये परंपरा आज भी पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। लोग आज भी उस पौराणिक भय और आस्था का सम्मान करते हैं।

Conch sounds positive energy gives good luck even Shankh not played in Badrinath  Dham temple Why | Conch: बद्रीनाथ धाम में आखिर क्यों नहीं बजाया जाता शंख?  मान्यता पौराणिक है जिसमें छिपा
Conch sounds positive energy gives good luck even Shankh not played in Badrinath Dham temple Why | Conch: बद्रीनाथ धाम में आखिर क्यों नहीं बजाया जाता शंख? मान्यता पौराणिक है जिसमें छिपा


नागों का निवास स्थान

बद्रीनाथ क्षेत्र को प्राचीन काल से नागों का निवास स्थान माना गया है। यहां की गुफाओं और पहाड़ों में दिव्य नागों का वास है। मान्यता है कि शंख की ध्वनि बहुत तीव्र और कंपकंपी वाली होती है।

ये तेज ध्वनि दिव्य नागों की शांति में बाधा डाल सकती है। नागों के क्रोधित होने से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने का डर रहता था। पुराने समय के लोग प्रकृति के हर जीव का सम्मान करते थे। इसलिए उन्होंने इस क्षेत्र में शंखनाद करना पूरी तरह वर्जित कर दिया।

बद्रीनाथ मंदिर में शंख क्यों नहीं बजाते, इसका रहस्‍य धार्मिक है या  वैज्ञानिक? - Conch is not blown in Badrinath Kedarnath temple religious or  scientific Mysteries of Badrinath Temple ...
बद्रीनाथ मंदिर में शंख क्यों नहीं बजाते, इसका रहस्‍य धार्मिक है या वैज्ञानिक? - Conch is not blown in Badrinath Kedarnath temple religious or scientific Mysteries of Badrinath Temple ...


बर्फीले पहाड़ों का क्या है रहस्य

इस परंपरा (बद्रीनाथ धाम के दर्शन शुरू) के पीछे केवल धर्म ही नहीं बल्कि विज्ञान भी है। बद्रीनाथ मंदिर बहुत ऊंचे और बर्फीले पहाड़ों के बीच स्थित है। यहां चारों ओर बर्फ की बहुत मोटी और नाजुक परतें जमी रहती हैं। वैज्ञानिक नजरिए से शंख की ध्वनि में बहुत ज्यादा फ्रीक्वेंसी होती है।

ये आवाज पहाड़ों से टकराकर बहुत तेज गूंज और कंपन पैदा करती है। इस कंपन की वजह से पहाड़ों पर एवलांच यानी हिमस्खलन हो सकता है। बर्फ में दरार पड़ने से यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है। इसी खतरे को टालने के लिए शंख बजाने की मनाही है।

Badrinath Temple
Badrinath Temple


क्या आपने कभी सोचा है Badrinath Dham में शंख क्यों नहीं बजते और शांत क्यों  रहते हैं कुत्ते? जानें रहस्य - why don t we blow conch shells and why don t
क्या आपने कभी सोचा है Badrinath Dham में शंख क्यों नहीं बजते और शांत क्यों रहते हैं कुत्ते? जानें रहस्य - why don t we blow conch shells and why don t


बिना शंख के भी गूंजती है भक्ति की शक्ति

बद्रीनाथ मंदिर (बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले) में पूजा की पवित्रता में कोई कमी नहीं आती है। यहां हर प्रहर की आरती बहुत ही भव्य तरीके से होती है। शंख की जगह यहां घंटियों और मंत्रों का मधुर नाद होता है।

भक्त यहां आकर एक असीम और दिव्य शांति का अनुभव करते हैं। बिना शंख की आवाज के भी यहां भक्ति बहुत गहरी महसूस होती है। यह नियम दिखाता है कि आस्था और विज्ञान साथ चल सकते हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

शत्रु और रोग पर विजय दिलाती हैं मां बगलामुखी, जानें पूजा का मुहूर्त और विधि

प्रदोष काल में क्यों होती है भगवान परशुराम की पूजा, जानें पूजा का सही समय

चारधाम यात्रा में क्या है केदारनाथ मंदिर का महत्व, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यताएं

शिवलिंग की पूजा से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानें शिव महापुराण में क्या है लिखा

Tags:
  • बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले
  • बद्रीनाथ धाम के दर्शन शुरू
  • चारधाम यात्रा
  • Badrinath
  • बद्रीनाथ
  • Badrinath Dham
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज