महिला कर्मचारियों को Family Pension के लिए बच्चों को नॉमिनेट करने की अनुमति, केंद्र सरकार का अहम फैसला

BP Shrivastava | Jan 30, 2024, 16:50 IST
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 महिला कर्मचारियों को Family Pension के लिए बच्चों को नॉमिनेट करने की अनुमति, केंद्र सरकार का अहम फैसला
महिला कर्मचारियों को Family Pension के लिए बच्चों को नॉमिनेट करने की अनुमति, केंद्र सरकार का अहम फैसला

केंद्र करकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है, जिसके अनुसार महिला कर्मचारियों को अपने पति के बजाय अपने बेटा या बेटियों को फैमिली पेंशन के लिए नामांकित करने की अनुमति मिल गई है।

NEW DELHI. केंद्र करकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है, जिसके अनुसार महिला कर्मचारियों (female employees) को अपने पति के बजाय अपने बेटा या बेटियों को फैमिली पेंशन के लिए नामांकित करने की अनुमति मिल गई है। 29 जनवरी, सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगियों के लिए पारिवारिक पेंशन नियमों में बदलाव पर प्रकाश डाला गया। यह भी कहा गया कि पहले मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी के पति या पत्नी को ही पारिवारिक पेंशन दी जाती थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य पति या पत्नी की अयोग्यता या मृत्यु के बाद ही पेंशन के पात्र होते थे।

केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में किया गया संशोधन

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में एक संशोधन पेश किया है। इसके अनुसार महिला सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को अपने पति या पत्नी के स्थान पर अपने स्वयं के निधन के बाद अपने पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन देने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि संशोधन उन स्थितियों को संबोधित करेगा जहां वैवाहिक कलह के बाद घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम या भारतीय दंड संहिता जैसे कानूनों के तहत तलाक की कार्यवाही चल रही है।

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा

उन्होंने कहा कि दूरगामी सामाजिक-आर्थिक प्रभाव वाले एक पथ-प्रदर्शक निर्णय में और महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने लंबे समय से स्थापित नियम में संशोधन किया है, जिससे महिला कर्मचारी को अपने पति के बजाय पारिवारिक पेंशन के लिए अपने बेटे या बेटी को नामित करने का अधिकार दिया गया है, जैसा कि अब तक प्रथा रही है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर यह जानकारी दी गई है। सिंह ने कहा कि यह संशोधन प्रधानमंत्री मोदी की हर क्षेत्र में महिला पदाधिकारियों को उचित और वैध अधिकार देने की नीति के अनुरूप है।

लिखित अनुरोध देने के बाद महिला कर्मचारियों को मिलेगी सुविधा

कार्मिक एवं कार्य विभाग ने कहा है कि महिला सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी को संबंधित कार्यालय प्रमुख को लिखित अनुरोध करना होगा जिसमें यह जानकारी होगी कि कार्यवाही के दौरान उसकी मृत्यु होने की स्थिति में उसके पात्र बच्चे/बच्चों को पारिवारिक पेंशन दी जानी चाहिए। बयान में कहा गया है, 'अगर कार्यवाही के दौरान महिला सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो उसी के अनुसार पारिवारिक पेंशन का वितरण किया जाएगा।'

... तो विधुर होगा पेंशन का पात्र

इसमें कहा गया है कि यदि किसी महिला कर्मचारी के परिवार में कोई ऐसा विधुर है और उसका कोई पात्र बच्चा नहीं है तो विधुर को पारिवारिक पेंशन देय होगी। हालांकि, यदि विधुर नाबालिग बच्चे या मानसिक विकार से पीड़ित बच्चे का अभिभावक है, तो पारिवारिक पेंशन विधुर को देय होगी, जब तक कि वह अभिभावक बना रहता है, बयान में कहा गया है कि एक बार जब बच्चा वयस्क हो जाता है और पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र हो जाता है, तो यह सीधे बच्चे को देय होगा। ऐसे मामलों में जहां मृतक महिला सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी के परिवार में विधुर है और बच्चे जो बालिग हो चुके हैं, और पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र हैं, ऐसे बच्चों को पारिवारिक पेंशन देय होगी।

कामकाजी महिलाओं के अनुकूल माहौल बनाने कई सुधार

सिंह ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से शासन में कई सुधार किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार की नौकरियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने और उन्हें पेशेवर के साथ-साथ पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन प्रदान करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं।

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