सोना-चांदी ही नहीं, धनतेरस पर सिर्फ एक झाड़ू खरीदने से कैसे बदल सकती है किस्मत? जानें धनतेरस की खरीदारी के पीछे छिपा धार्मिक कारण

Kaushiki | Oct 31, 2026, 15:22 IST
Share
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की पौराणिक कहानी, महालक्ष्मी का रूप और धनतेरस व्यापारी वर्ग का नया साल
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की पौराणिक कहानी, महालक्ष्मी का रूप और धनतेरस व्यापारी वर्ग का नया साल

Dhanteras 2026: दिवाली का त्योहार आते ही खुशियां छा जाती हैं। हर घर में साफ-सफाई शुरू हो जाती है। धनतेरस के दिन लोग बाजार जाते हैं। वे बर्तन और सोना-चांदी खरीदते हैं। इसके साथ ही एक छोटी सी झाड़ू भी खरीदी जाती है।अमीर हो या गरीब, हर कोई झाड़ू जरूर लाता है।

क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है? झाड़ू जैसी साधारण चीज का इतना महत्व क्यों है? इसके पीछे पौराणिक और धार्मिक कारण छिपे हैं। शास्त्रों में झाड़ू को बहुत पवित्र माना गया है। इसे सीधे माता लक्ष्मी से जोड़ा जाता है।

धनतेरस पर व्यापारी नया काम शुरू करते हैं। वे पुराने बहीखाते बंद करके नए खाते खोलते हैं। यह दिन नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आइए जानें झाड़ू और लक्ष्मी जी का संबंध। साथ ही समझेंगे व्यापारियों के लिए इसका खास महत्व।

झाड़ू में महालक्ष्मी का वास

मत्स्य पुराण में एक बहुत सुंदर कथा आती है। झाड़ू को अलक्ष्मी को भगाने वाला यंत्र माना गया है। अलक्ष्मी दरिद्रता और दुखों की देवी होती हैं। जहां गंदगी होती है, वहां अलक्ष्मी का वास होता है। झाड़ू घर का सारा कचरा बाहर निकालती है। कचरा बाहर जाते ही अलक्ष्मी घर छोड़ देती हैं। अलक्ष्मी के जाते ही लक्ष्मी जी प्रवेश करती हैं। इसलिए झाड़ू को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक कहते हैं।

झाड़ू दरिद्रता को जड़ से मिटा देती है। शास्त्रों में इसे महालक्ष्मी का रूप कहा गया है। जिस तरह मां घर का ध्यान रखती हैं। उसी तरह झाड़ू घर को स्वच्छ रखती है। स्वच्छता से ही घर में आरोग्य आता है। बीमारियां दूर होती हैं और धन की बचत होती है। इसलिए धनतेरस पर नई झाड़ू लाना बहुत शुभ है।

दिवाली पर क्यों पूजे जाते हैं गणेश जी, जानिए पौराणिक रहस्य और महत्व | Why is Lord Ganesha worshipped on Diwali? Know the mythological secret and importance
Diwali 2026: दिवाली पर विष्णु जी नहीं, क्यों लक्ष्मी जी के साथ पूजे जाते हैं गणेश जी? जानें इसके पीछे का पौराणिक रहस्य
31 Oct 2026 ,
By Kaushiki
<b>Diwali 2026:</b> दिवाली का त्योहार खुशियां लेकर आता है। हर तरफ दीयों की जगमगाहट होती है। लोग सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। इस रात माता लक्ष्मी की पूजा होती है। उनके साथ गणेश जी भी विराजमान रहते हैं।ऐस में लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि सामान्य नियम के मुताबिक लक्ष्मी जी के साथ विष्णु जी होने चाहिए।
<b>Diwali 2026:</b> दिवाली का त्योहार खुशियां लेकर आता है। हर तरफ दीयों की जगमगाहट होती है। लोग सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। इस रात माता लक्ष्मी की पूजा होती है। उनके साथ गणेश जी भी विराजमान रहते हैं।ऐस में लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि सामान्य नियम के मुताबिक लक्ष्मी जी के साथ विष्णु जी होने चाहिए।

समुद्र मंथन और धनतेरस का संबंध

पौराणिक कथा के मुताबिक, देवों ने समुद्र मंथन किया था। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए। वे अपने हाथों में अमृत कलश लेकर आए थे।इसी पावन तिथि को माता लक्ष्मी भी प्रकट हुई थीं।

इसलिए इस दिन को धनतेरस कहा जाने लगा। इस दिन धन्वंतरि और लक्ष्मी जी की पूजा होती है। इसी दिन झाड़ू की खरीदारी की परंपरा भी शुरू हुई। माना जाता है कि नई झाड़ू से सफाई होती है। घर में शुद्धता आने से देव प्रसन्न होते हैं।

धन्वंतरि देव सेहत का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। लक्ष्मी जी धन और अनाज का भंडार भरती हैं। दोनों की कृपा पाने के लिए सफाई जरूरी है। झाड़ू इसी सफाई का सबसे मुख्य माध्यम बनती है। इसलिए धनतेरस पर इसे खरीदना बेहद फलदायी होता है।

व्यापारी वर्ग का नया वित्तीय वर्ष

धनतेरस व्यापारी वर्ग के लिए बेहद खास दिन माना जाता है। सदियों से व्यापारी इस दिन को नया साल मानते हैं। वे अपने पुराने लेन-देन का हिसाब पूरा करते हैं। इस दिन नए बहीखाते खरीदे जाते हैं।

बहीखातों पर रोली और अक्षत से स्वास्तिक बनाते हैं। वे मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते हैं। व्यापारी अपने दुकानों की अच्छी तरह सफाई करते हैं। पुरानी झाड़ू हटाकर नई झाड़ू से पूजा करते हैं। व्यापार में लाभ के लिए प्रार्थना की जाती है।

सफाई से दुकान में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ग्राहक दुकान की तरफ आकर्षित होते हैं। इस तरह व्यापार में लगातार उन्नति होती रहती है। इसी वजह से धनतेरस व्यापारियों का सबसे बड़ा दिन है। वे इस दिन नए निवेश की शुरुआत भी करते हैं।

समुद्र मंथन से क्यों हुई दिवाली की शुरुआत? जानें लक्ष्मी जी के प्राकट्य की पूरी कथा | Why did Diwali start with Samudra Manthan? Know the complete story of Goddess Lakshmi's appearance
क्या सच में दिवाली के दिन प्रकट हुई थीं देवी लक्ष्मी? जानें समुद्र मंथन और दिवाली का पौराणिक सच
29 Oct 2026 ,
By Kaushiki
दिवाली का त्योहार हर घर में खुशियां लाता है। इस दिन हम देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। सब मानते हैं कि इस दिन लक्ष्मी जी आई थीं। लेकिन क्या वह सच में दिवाली के दिन प्रकट हुईं? क्या समुद्र मंथन से उनका जन्म दिवाली पर हुआ? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है।
दिवाली का त्योहार हर घर में खुशियां लाता है। इस दिन हम देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। सब मानते हैं कि इस दिन लक्ष्मी जी आई थीं। लेकिन क्या वह सच में दिवाली के दिन प्रकट हुईं? क्या समुद्र मंथन से उनका जन्म दिवाली पर हुआ? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है।

झाड़ू खरीदने के सही नियम

धनतेरस पर केवल सींक वाली या फूल झाड़ू खरीदें। प्लास्टिक की झाड़ू खरीदना शास्त्र सम्मत नहीं होता है। हमेशा विषम संख्या में झाड़ू खरीदनी चाहिए। जैसे एक, तीन या पांच झाड़ू खरीदें। कभी भी दो या चार झाड़ू न खरीदें। नई झाड़ू पर सफेद धागा बांधना शुभ होता है। झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा छिपाकर और लिटाकर रखना चाहिए।

झाड़ू पर कभी पैर नहीं लगाना चाहिए। अगर गलती से पैर लग जाए तो प्रणाम करें। इसे लक्ष्मी जी का अपमान माना जाता है। झाड़ू को मुख्य द्वार के सामने न रखें। रात के समय झाड़ू से सफाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है। इन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

सफाई से बदलती है घर की किस्मत

घर की सफाई का सीधा संबंध मानसिक शांति से है। गंदे घर में रहने से तनाव बढ़ता है। चिड़चिड़ापन और आपसी झगड़े होते हैं। झाड़ू से घर साफ होते ही माहौल बदल जाता है। घर में खुशहाली और नई ऊर्जा आती है। परिवार के सदस्य स्वस्थ और प्रसन्न रहते हैं।

यही प्रसन्नता सुख और समृद्धि का रास्ता खोलती है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदकर हम यही संकल्प लेते हैं। हम अपने विचार और घर साफ रखेंगे। जब विचार और घर साफ होंगे, तब लक्ष्मी रुकेंगी। जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं होगा। यही इस त्योहार का असली और सुंदर संदेश है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

धनतेरस 2026: पीतल-तांबे का अनदेखा सच, जो बदल सकता है घर की किस्मत, जानें पौराणिक रहस्य | Dhanteras 2026: The unseen truth of brass-copper that can change your home's fortune, know the mythological secret
क्या है पीतल-तांबे का वो अनदेखा सच, जो धनतेरस पर बदल सकता है घर की किस्मत, जानें इसके पीछे का पौराणिक रहस्य
29 Oct 2026 ,
By Kaushiki
दिवाली का त्योहार बहुत पास आ गया है। धनतेरस से इस त्योहार की शुरुआत होती है। इस दिन बाजार में बहुत भीड़ होती है। लोग बर्तन और गहने जमकर खरीदते हैं। ज्यादातर लोग पीतल और तांबे के बर्तन लेते हैं। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों है? केवल पीतल और तांबा ही क्यों खरीदा जाता है?
दिवाली का त्योहार बहुत पास आ गया है। धनतेरस से इस त्योहार की शुरुआत होती है। इस दिन बाजार में बहुत भीड़ होती है। लोग बर्तन और गहने जमकर खरीदते हैं। ज्यादातर लोग पीतल और तांबे के बर्तन लेते हैं। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों है? केवल पीतल और तांबा ही क्यों खरीदा जाता है?
FAQs:

  1. धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का क्या महत्व है?
    धनतेरस पर झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि यह महालक्ष्मी का प्रतीक है। झाड़ू की खरीदारी से घर में स्वच्छता आती है, जिससे देवी लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।
  2. झाड़ू को क्यों पवित्र माना जाता है?
    झाड़ू को शास्त्रों में पवित्र माना गया है क्योंकि इसे अलक्ष्मी को भगाने वाला यंत्र माना जाता है। जहां गंदगी होती है, वहां अलक्ष्मी का वास होता है, और झाड़ू से सफाई करने पर अलक्ष्मी घर छोड़ देती हैं।
  3. धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के विशेष नियम क्या हैं?
    धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है जैसे कि केवल सिंगल या फूल झाड़ू खरीदें, हमेशा विषम संख्या में झाड़ू खरीदें, और इसे खड़ा करके नहीं रखें।
Tags:
  • धनतेरस
  • Dhanteras
  • महालक्ष्मी का रूप
  • झाड़ू खरीदने के नियम
  • नए बहीखाते
  • दिवाली खरीदारी
  • Diwali Shopping
  • धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का रहस्य
  • दिवाली
  • Diwali
राजस्थान में बारिश के बाद 8 डिग्री तक गिरा तापमान, दिन में बढ़ी ठिठुरन; अब निकलेगी तेज धूप

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में बारिश के बाद 8 डिग्री तक गिरा तापमान, दिन में बढ़ी ठिठुरन; अब निकलेगी तेज धूप
भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों पर वॉटर केनन चलाने के मामले की जांच पूरी: पुलिस को क्लीन चिट, कॉलेज प्रबंधन पर सवाल

By Sourabh Bhatnagar

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों पर वॉटर केनन चलाने के मामले की जांच पूरी: पुलिस को क्लीन चिट, कॉलेज प्रबंधन पर सवाल
CG Nursing Admission 2026: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन की डेडलाइन तीसरी बार बढ़ी, 11 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले का इंतजार

By Umeshwari Baghel

CG Nursing Admission 2026: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन की डेडलाइन तीसरी बार बढ़ी, 11 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले का इंतजार
भीलवाड़ा में नहीं चला सोशल मीडिया का जादू, फेमस यूट्यूबर पवन साहू की पत्नी रहीं तीसरे स्थान पर

By Jageshwar Prasad

भीलवाड़ा में नहीं चला सोशल मीडिया का जादू, फेमस यूट्यूबर पवन साहू की पत्नी रहीं तीसरे स्थान पर
RSS के संगठन बदलाव पर अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल में लगेगी मुहर, फोकस में जेन जी भी शामिल

By Sanjay Gupta

RSS के संगठन बदलाव पर अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल में लगेगी मुहर, फोकस में जेन जी भी शामिल
नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल, 100 अफसर-कर्मचारी इधर से उधर, 53 CMO और 24 इंजीनियर भी बदले

By VINAY VERMA

नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल, 100 अफसर-कर्मचारी इधर से उधर, 53 CMO और 24 इंजीनियर भी बदले
कई प्राइवेट आयुष कॉलेजों की फीस अब तक तय नहीं, बिना फीस जाने एडमिशन लेने को मजबूर विद्यार्थी

By Manya Jain

कई प्राइवेट आयुष कॉलेजों की फीस अब तक तय नहीं, बिना फीस जाने एडमिशन लेने को मजबूर विद्यार्थी