अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर
RSS के संगठन बदलाव पर अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल में लगेगी मुहर, फोकस में जेन जी भी शामिल
Sanjay Gupta | Oct 31, 2026, 15:08 IST
इंदौर के डेली कॉलेज में RSS की अखिल भारतीय बैठक होगी। मोहन भागवत समेत 408 पदाधिकारी शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की सालाना बैठक इंदौर में होगी। इस बार बैठक का आयोजन डेली कॉलेज में किया जाएगा। इसके लिए संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत इंदौर पहुंच चुके हैं। उनके साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और कई बड़े पदाधिकारी भी पहुंचे हैं। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसकी जानकारी 31 अक्टूबर शनिवार को दी गई है।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर ने मीडिया से बातचीत की है। इस दौरान मध्यक्षेत्र के प्रचार प्रमुख कैलाश चंद्र भी मौजूद रहे। अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर और प्रदीप जोशी भी मौजूद थे। मालवा प्रांत के संघ चालक प्रकाश शास्त्री भी इस दौरान मौजूद रहे।
आम्बेकर ने बताया कि बैठक में 408 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेयजी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कार्यकारिणी के सभी सदस्य और पदाधिकारी भी आएंगे। संघ की व्यवस्था 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों में बंटी है। इन सभी क्षेत्रों और प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी बैठक में आएंगे। इनमें संघ चालक, सह संघ चालक और कार्यवाह शामिल हैं। साथ ही सह कार्यवाह, प्रचारक और सह प्रचारक भी मौजूद रहेंगे।
आम्बेकर ने बताया कि संघ में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। पिछली प्रतिनिधि सभा में संघ की संरचना बदलने पर चर्चा हुई थी। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद नई व्यवस्था का फैसला हो जाएगा। मार्च में नागपुर में संघ की प्रतिनिधि सभा होने वाली है। इससे पहले संघ का नया ढांचा तैयार कर लिया जाएगा।
इस साल संघ में चुनाव भी होने हैं। चुनाव की प्रक्रिया जिला स्तर से शुरू होगी। इसके बाद विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर चुनाव होंगे। फिर प्रतिनिधि सभा में अखिल भारतीय सह कार्यवाह का चुनाव होगा। संघ अब अपनी व्यवस्था को ज्यादा विकेंद्रित करना चाहता है। इसके लिए प्रांतों को संभाग स्तर पर बांटने की तैयारी है।
जैसे मालवा प्रांत को दो हिस्सों में बांटने का विचार है। इसमें इंदौर और उज्जैन को अलग-अलग संभाग बनाया जा सकता है। इस बदलाव पर अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में अंतिम फैसला होगा।
आम्बेकर ने बताया कि देशभर में संघ की शाखाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब संघ की एक लाख एक हजार 151 नियमित शाखाएं हैं। संघ देश के एक लाख 10 हजार स्थानों तक पहुंच चुका है। शताब्दी वर्ष में ही संघ की 13 हजार शाखाएं बढ़ी हैं। इस साल देशभर में 65 हजार 660 हिंदू सम्मेलन हुए हैं। संघ के कार्यक्रमों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।
युवाओं को लेकर बताया गया कि उनसे लगातार बातचीत होती है। हाल ही में संघ प्रमुख ने भी युवाओं से संवाद किया था। युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर संघ चिंतित है। इस मुद्दे पर सामाजिक संगठनों से लगातार चर्चा हो रही है। नशे से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर भी काम हो रहा है।
द सूत्र ने सवाल किया कि संघ के रजिस्ट्रेशन पर बार-बार सवाल उठते हैं। क्या इस बैठक में संघ का रजिस्ट्रेशन कराने पर विचार होगा? इस पर आम्बेकर ने कहा कि ऐसा कोई विचार नहीं है। युवाओं के इतने उग्र होने की वजह भी उनसे पूछी गई। उन्होंने कहा कि बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। बैठक खत्म होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।
वहीं सवाल उठा कि क्या संघ ने जंतर-मंतर के बाद युवाओं से संवाद में देरी की। यह पहले किया जाना था। इस पर आम्बेकर ने कहा कि देश में कोई आवाज उठाता है तो इसमें को पक्ष या विपक्ष नहीं माना जाना चाहिए। देश के संदर्भ में कोई प्रश्न उठाता है तो उठा सकते हैं, बस मुद्दा यह है कि जो भी आंदोलन हो वह देश हित में हो।
देश को आगे ले जाने के लिए हो सभी को इसमें सतर्क रहना चाहिए कि कोई भी शक्तियां इसका दुरुपयोग नहीं करें और ऐसी शक्तियां इसमें प्रवेश नहीं करें जो देश हित में नहीं हो। संघ भी इसका ध्यान रखता है।
वहीं युवाओं के लिए रणनीति पर संघ ने कहा कि इसमें रणनीति की जरूरत नहीं है। संघ का स्वरूप ही ऐसा है कि वह लगातार युवाओं तक पहुंचता है। रोज इसके लिए प्रयास होते हैं। सभी कामों में युवाओं का जुड़ना लगातार होता है। युवा सम्मेलन भी इसी क्रम में होते हैं। आम्बेकर ने कहा कि अस्थिरता के दौर में भी भारत प्रगति कर रहा है और लगातार आगे बढ़ रहा है।
बैठक में यह सभी आ रहे हैं
संगठन की संरचना में बदलाव तय होगा
इस साल संघ में चुनाव भी होने हैं। चुनाव की प्रक्रिया जिला स्तर से शुरू होगी। इसके बाद विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर चुनाव होंगे। फिर प्रतिनिधि सभा में अखिल भारतीय सह कार्यवाह का चुनाव होगा। संघ अब अपनी व्यवस्था को ज्यादा विकेंद्रित करना चाहता है। इसके लिए प्रांतों को संभाग स्तर पर बांटने की तैयारी है।
जैसे मालवा प्रांत को दो हिस्सों में बांटने का विचार है। इसमें इंदौर और उज्जैन को अलग-अलग संभाग बनाया जा सकता है। इस बदलाव पर अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में अंतिम फैसला होगा।
देश भर में संघ की 1 लाख शाखाएं
युवाओं पर फोकस
संघ का पंजीयन कराने का विचार नहीं
जंतर-मंतर के बाद ही संवाद क्यों किया
देश को आगे ले जाने के लिए हो सभी को इसमें सतर्क रहना चाहिए कि कोई भी शक्तियां इसका दुरुपयोग नहीं करें और ऐसी शक्तियां इसमें प्रवेश नहीं करें जो देश हित में नहीं हो। संघ भी इसका ध्यान रखता है।
युवा लगातार संघ से जुड़ा
FAQ
- RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक कब और कहाँ हो रही है?
RSS की अखिल भारतीय बैठक इंदौर के डेली कॉलेज में होगी, जबकि बैठक की तिथि का उल्लेख नहीं किया गया है। - इस बैठक में कितने कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे?
बैठक में कुल 408 कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे, जो देश के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से आएंगे। - बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?
बैठक में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव, प्रांतों के पुनर्गठन और संघ के प्रशासनिक चुनावों की प्रक्रिया पर चर्चा होने की संभावना है।
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