मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर होगी 50, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भेजे 12 नाम, राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 31, 2026, 14:24 IST
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए 12 जजों के नाम सुझाए हैं। इनमें 7 वकील और 5 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पुराने मामलों का निपटारा अब तेज हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 12 नए जजों के नाम सुझाए हैं। इनमें सात वकील और पांच न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। सभी की नियुक्ति होने पर जजों की संख्या 50 हो जाएगी। इससे पुराने मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है। जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर की बेंचों को भी इसका फायदा मिलेगा।
हालांकि, अभी इन 12 नए जजों की नियुक्ति नहीं हुई है। फिलहाल कॉलेजियम ने सिर्फ इनके नामों की सिफारिश की है। अब इन नामों को मंजूरी मिलने का इंतजार है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार नियुक्ति की अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद ही नए जज शपथ लेकर काम शुरू करेंगे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। कई लोगों को सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे लोगों को समय पर न्याय मिलने में परेशानी होती है। जजों की कमी से अदालतों पर काम का दबाव बढ़ता है। इसी वजह से मामलों की सुनवाई में देरी हो सकती है। कई बार फैसले आने में भी काफी समय लग जाता है।
ऐसे में नए जजों की नियुक्ति काफी जरूरी मानी जा रही है। नए जज आने से अदालतों का काम तेजी से चल सकेगा। इससे ज्यादा मामलों की सुनवाई होने की उम्मीद है। MP High Court Judges की संख्या बढ़ने से लोगों को राहत मिलेगी। खासकर उन लोगों को फायदा होगा, जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं।
हालांकि, हर मामले में जल्दी फैसला आना जरूरी नहीं है। यह मामले की स्थिति और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सात वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने की सिफारिश की है। इनमें डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला और कनकलता सिंह शामिल हैं। इनके अलावा भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल केलकर और अविनाश जरगर हैं। इन सभी के नाम बार कोटे से चुने गए हैं।
यानी ये लोग वकालत के क्षेत्र से जज बनने के लिए चुने गए हैं। हालांकि, इनकी नियुक्ति अभी तय नहीं हुई है। इसके लिए अंतिम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
कॉलेजियम ने पांच वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के नाम भी सुझाए हैं। इन्हें हाईकोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की गई है।
इनमें रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा और वीरेंद्र सिंह राजपूत शामिल हैं। ममता जैन और अशिता श्रीवास्तव के नाम भी शामिल हैं।
इन सभी के नाम न्यायिक सेवा कोटे से भेजे गए हैं। कुल 12 नामों में पांच न्यायिक अधिकारी और सात वकील हैं।
हालांकि, इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ये हाईकोर्ट में जज बनेंगे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे पहले चुने गए नाम केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेजे जाएंगे। मंत्रालय में जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फाइल राष्ट्रपति के पास जाएगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति वारंट जारी किया जाएगा।
इसके बाद केंद्र सरकार नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। फिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नए जजों को शपथ दिलाएंगे। शपथ लेने के बाद ही नए जज अपना काम शुरू कर सकेंगे। ऐसे में फिलहाल इन नामों को नियुक्त जज कहना सही नहीं होगा।
इन 12 नए जजों के आने से हाईकोर्ट में 50 जज हो जाएंगे। इससे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी। ज्यादा जज होने से पुराने मामलों को निपटाने में मदद मिलेगी। लोगों को भी जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नए जज कब नियुक्त होंगे, यह अभी तय नहीं है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में है। इंदौर और ग्वालियर में भी हाईकोर्ट की खंडपीठ हैं। इन तीनों जगहों पर बड़ी संख्या में केस सुने जाते हैं। नए जजों की नियुक्ति से अदालतों का काम आसान हो सकता है। इससे लंबित मामलों को निपटाने में भी तेजी आ सकती है।
हालांकि, अभी नए जजों की पोस्टिंग को लेकर जानकारी नहीं आई है। कौन सा जज किस पीठ में जाएगा, यह अभी साफ नहीं है। इसलिए जबलपुर, इंदौर या ग्वालियर में किसी की पोस्टिंग तय नहीं है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को जल्द 12 नए न्यायाधीश मिल सकते हैं। इनके नामों की सिफारिश पहले ही की जा चुकी है। अब नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद ही नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण होगा।
इन नियुक्तियों से न्यायाधीशों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इससे हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है। मुख्य पीठ और दोनों खंडपीठों को भी इसका फायदा मिलेगा। लोगों को अपने मामलों में जल्द सुनवाई की उम्मीद बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में क्यों जरूरी हैं नए जज?
ऐसे में नए जजों की नियुक्ति काफी जरूरी मानी जा रही है। नए जज आने से अदालतों का काम तेजी से चल सकेगा। इससे ज्यादा मामलों की सुनवाई होने की उम्मीद है। MP High Court Judges की संख्या बढ़ने से लोगों को राहत मिलेगी। खासकर उन लोगों को फायदा होगा, जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं।
हालांकि, हर मामले में जल्दी फैसला आना जरूरी नहीं है। यह मामले की स्थिति और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
सात वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने की सिफारिश
यानी ये लोग वकालत के क्षेत्र से जज बनने के लिए चुने गए हैं। हालांकि, इनकी नियुक्ति अभी तय नहीं हुई है। इसके लिए अंतिम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम भी शामिल
इनमें रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा और वीरेंद्र सिंह राजपूत शामिल हैं। ममता जैन और अशिता श्रीवास्तव के नाम भी शामिल हैं।
इन सभी के नाम न्यायिक सेवा कोटे से भेजे गए हैं। कुल 12 नामों में पांच न्यायिक अधिकारी और सात वकील हैं।
हालांकि, इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ये हाईकोर्ट में जज बनेंगे।
जानें किन 12 नामों की हुई सिफारिश
| क्रमांक | नाम | श्रेणी |
|---|---|---|
| 1 | रेणुका कंचन | न्यायिक अधिकारी |
| 2 | कृष्णमूर्ति मिश्रा | न्यायिक अधिकारी |
| 3 | वीरेंद्र सिंह राजपूत | न्यायिक अधिकारी |
| 4 | ममता जैन | न्यायिक अधिकारी |
| 5 | अशिता श्रीवास्तव | न्यायिक अधिकारी |
| 6 | डॉ. विवेक शरण | वकील |
| 7 | राजेश कुमार शुक्ला | वकील |
| 8 | कनकलता सिंह | वकील |
| 9 | भक्ति व्यास | वकील |
| 10 | श्रेयस पंडित | वकील |
| 11 | मृणाल केलकर | वकील |
| 12 | अविनाश जरगर | वकील |
नए जजों की नियुक्ति कैसे होगी?
इसके बाद केंद्र सरकार नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। फिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नए जजों को शपथ दिलाएंगे। शपथ लेने के बाद ही नए जज अपना काम शुरू कर सकेंगे। ऐसे में फिलहाल इन नामों को नियुक्त जज कहना सही नहीं होगा।
जजों की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी
जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर को भी मिल सकती है राहत
हालांकि, अभी नए जजों की पोस्टिंग को लेकर जानकारी नहीं आई है। कौन सा जज किस पीठ में जाएगा, यह अभी साफ नहीं है। इसलिए जबलपुर, इंदौर या ग्वालियर में किसी की पोस्टिंग तय नहीं है।
अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार
इन नियुक्तियों से न्यायाधीशों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इससे हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है। मुख्य पीठ और दोनों खंडपीठों को भी इसका फायदा मिलेगा। लोगों को अपने मामलों में जल्द सुनवाई की उम्मीद बढ़ेगी।
FAQ
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कितने नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश हुई है?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए 12 नए न्यायाधीशों के नाम की सिफारिश की है। - हाईकोर्ट जज बनाने के लिए किन पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम प्रस्तावित हैं?
न्यायिक सेवा कोटे से रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, ममता जैन और अशिता श्रीवास्तव के नाम की सिफारिश की गई है। - नए जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया क्या होगी?
नए जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी से शुरू होगी। इसके बाद नियुक्ति वारंट जारी किया जाएगा।
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