पुष्य नक्षत्र में हुआ देवगुरु बृहस्पति का गोचर, ऐसे दूर होगी तंगी
Kaushiki | Jun 16, 2026, 14:34 IST
guru pushya nakshatra parivartan 2026
देवगुरु बृहस्पति 18 जून 2026 को पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसा 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में रहते हुए गुरु का यह गोचर बेहद खास है। इससे मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि समेत कई लोगों को बड़ा धन लाभ और सुख मिलेगा।
Guru Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का हमारे जीवन पर बहुत गहरा असर होता है। इस साल यानी 18 जून 2026 को एक बेहद बड़ी और पवित्र ज्योतिषीय घटना हुआ है।
देवगुरु बृहस्पति 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में रहते हुए नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। गुरु और पुष्य नक्षत्र का यह महामिलन ब्रह्मांड में गुरु पुष्य योग का निर्माण करेगा, जो 18 अगस्त तक था।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, यह महागोचर धन, सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का वरदान पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली गोचर का आपकी राशि और जीवन पर क्या असर होने वाला है।
![Guru Nakshatra Parivartan]()
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में इसका स्थान 8वां है। पुष्य शब्द का अर्थ है पोषण करने वाला या ऊर्जा देने वाला। यही वजह है कि इस नक्षत्र को बेहद शुभ, पवित्र और कल्याणकारी माना जाता है। इसके देवता स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और सुख के कारक हैं, जबकि इसके स्वामी न्याय के देवता शनि देव हैं।
जब गुरु और शनि का यह अनूठा तालमेल मिलता है, तो यह नक्षत्र तरक्की और समृद्धि के नए रास्ते खोलता है। इस दौरान किए गए सभी शुभ कार्य, खरीदारी और नए बिजनेस की शुरुआत बहुत सफल और फलदायी मानी जाती है।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जब गुरु पुष्य नक्षत्र में आते हैं, तो व्यापक बदलाव होते हैं। पुष्य नक्षत्र को मुख्य रूप से पोषण, विकास और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस गोचर के प्रभाव से पूरी दुनिया में ज्ञान, शिक्षा और अध्यात्म का प्रसार बहुत तेजी से बढ़ेगा। देश की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा और नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे।
इस दौरान शेयर बाजार और कीमती धातुओं जैसे सोने-चांदी के दामों में उछाल आ सकता है। शिक्षा व्यवस्था और न्याय प्रणाली में सरकार कुछ बड़े और सकारात्मक बदलाव कर सकती है। लोगों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ेगा और पुरानी महामारियों या बीमारियों के असर में कमी आएगी। दुनिया भर में भुखमरी और गरीबी से निपटने के लिए बड़े स्तर पर अच्छे काम शुरू होंगे।
![Guru Nakshatra Parivartan]()
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस महागोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर बहुत गहरा पड़ने वाला है। कुछ राशियों के लिए जहां भाग्य के द्वार खुलेंगे, वहीं कुछ को थोड़ी सावधानी रखनी होगी।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस 12 साल गुरू का गोचर का लाभ उठाने और परेशानियों को दूर करने के लिए ये उपाय जरूर करें:
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देवगुरु बृहस्पति 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में रहते हुए नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। गुरु और पुष्य नक्षत्र का यह महामिलन ब्रह्मांड में गुरु पुष्य योग का निर्माण करेगा, जो 18 अगस्त तक था।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, यह महागोचर धन, सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का वरदान पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली गोचर का आपकी राशि और जीवन पर क्या असर होने वाला है।
Guru Nakshatra Parivartan
पुष्य नक्षत्र क्या है
जब गुरु और शनि का यह अनूठा तालमेल मिलता है, तो यह नक्षत्र तरक्की और समृद्धि के नए रास्ते खोलता है। इस दौरान किए गए सभी शुभ कार्य, खरीदारी और नए बिजनेस की शुरुआत बहुत सफल और फलदायी मानी जाती है।
देश-दुनिया पर क्या असर होगा
इस दौरान शेयर बाजार और कीमती धातुओं जैसे सोने-चांदी के दामों में उछाल आ सकता है। शिक्षा व्यवस्था और न्याय प्रणाली में सरकार कुछ बड़े और सकारात्मक बदलाव कर सकती है। लोगों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ेगा और पुरानी महामारियों या बीमारियों के असर में कमी आएगी। दुनिया भर में भुखमरी और गरीबी से निपटने के लिए बड़े स्तर पर अच्छे काम शुरू होंगे।
Guru Nakshatra Parivartan
सभी राशियों को क्या लाभ होगा
मेष राशि:
नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बहुत बेहतरीन ऑफर मिल सकते हैं। अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे और फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है।वृषभ राशि:
आपकी सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी लेकिन बिना वजह के खर्च भी बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को गुप्त रखें।मिथुन राशि:
आपको मानसिक शांति मिलेगी और परिवार में चल रहे आपसी मतभेद हमेशा के लिए समाप्त होंगे। छात्रों और ज्ञानार्जन से जुड़े लोगों के लिए यह समय किसी वरदान जैसा है।कर्क राशि:
गुरु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं जिससे समाज में आपका मान-सम्मान बहुत बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा लेकिन लेन-देन के मामलों में सावधानी रखना बहुत जरूरी है।सिंह राशि:
आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी और रुके हुए सरकारी काम बिना बाधा के पूरे होंगे। व्यापार या शिक्षा के सिलसिले में की गई यात्राएं बहुत सुखद और लाभकारी रहेंगी।कन्या राशि:
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन भाई-बहनों से किसी बात पर वैचारिक मतभेद हो सकता है। संपत्ति से जुड़े मामलों में जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला न लें।तुला राशि:
नया मकान, जमीन या वाहन खरीदने के बहुत ही मजबूत योग बन रहे हैं। यदि आप बिजनेस पार्टनरशिप में हैं, तो आपसी तालमेल बेहतर होगा और मुनाफा भी बढ़ेगा।वृश्चिक राशि:
भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा और धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि अचानक बढ़ेगी। सेहत के प्रति थोड़ी सावधानी रखें और बाहर के खान-पान से पूरी तरह परहेज करें।धनु राशि:
अचानक कहीं से रुका हुआ धन मिलने से आपकी आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें वरना करीबी दोस्तों से संबंध बिगड़ने की आशंका है।मकर राशि:
वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का हर काम में पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं जो आगे चलकर फायदेमंद होंगे।कुंभ राशि:
शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी लेकिन सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। किसी को भी बड़ा कर्ज देने से बचें वरना आपका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता।मीन राशि:
संतान पक्ष से कोई बहुत अच्छी खुशखबरी मिल सकती है जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी अच्छा खासा लाभ होने की उम्मीद है।
क्या उपाय करें?
- हल्दी का तिलक:
गोचर के दौरान अपने माथे और नाभि पर नियमित रूप से हल्दी का तिलक लगाएं। इससे कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होते हैं और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। - विष्णु सहस्रनाम का पाठ:
अगर आपका पैसा कहीं फंसा है, तो रोज या हर गुरुवार को इसका पाठ करें। पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। - पीली वस्तुओं का गुप्त दान:
गुरु पुष्य योग में चने की दाल, केला, पीले वस्त्र या हल्दी का गुप्त दान करें। इससे घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। - केले के वृक्ष की पूजा:
गुरू का गोचरहर गुरुवार केले की जड़ में हल्दी, चने की दाल और गुड़ मिलाकर जल अर्पित करें। वहां दीपक जलाकर "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का जाप करें। - गाय को गुड़-चना खिलाएं:
सेहत से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं, तो गुरुवार को गाय को गुड़-चना खिलाएं। गाय की पीठ पर हाथ फेरकर आशीर्वाद लेने से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं।
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