सूर्य देव का मकर राशि में गोचर, जानें सूर्य के 12 स्वरूपों का रहस्य

मकर संक्रांति पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं। पुराणों के मुताबिक, सूर्य के 12 रूप हमारे जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करते हैं।

author-image
Kaushiki
New Update
surya dev 12 roop
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

News in short

  • 14 जनवरी को सूर्य देव धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है।

  • शास्त्रों में सूर्य के 12 स्वरूप साल के 12 महीनों और जीवन की अलग-अलग ऊर्जाओं को नियंत्रित करते हैं।

  • मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य देने और उनके 12 नामों का जाप करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है।

  • आज से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं जिससे शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

  • ज्योतिष में इसे पिता (सूर्य) और पुत्र (शनि) का मिलन माना जाता है।

News in detail

12 aaditya pujan

Latest Religious News: 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि त्याग कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस गोचर को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सूर्य देव हर महीने अपनी राशि बदलते रहते हैं। जब वे एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं, तो उसे संक्रांति कहते हैं।

वेदों और पुराणों में सूर्य देव के 12 अलग-अलग स्वरूपों का वर्णन मिलता है। इन 12 रूपों को आदित्य कहा जाता है। ये साल के 12 महीनों के प्रतीक हैं। आइए सूर्य देव के इन दिव्य स्वरूपों को विस्तार से समझते हैं...

Important Facts

द्वादश आदित्य के नाम और महत्व - 12 Aditya names in Hindi

12 आदित्यों का स्वरूप और उनका महत्व

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सूर्य देव के 12 स्वरूपों की पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य और शक्ति प्राप्त होती है। प्रत्येक मास का आदित्य हमारे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर अपना प्रभाव डालता है।

  • अंशुमान: ये सूर्य देव का वह रूप हैं जो हमें तेज और रोशनी प्रदान करते हैं।

  • अर्यमा: अर्यमा पितरों के देव माने जाते हैं और जीवन में अनुशासन लाते हैं।

  • इंद्र: देवराज इंद्र के रूप में सूर्य देव ऐश्वर्य और सत्ता का सुख देते हैं।

  • त्वष्टा: यह स्वरूप वनस्पतियों और औषधियों में प्राण शक्ति का संचार करता है।

  • धाता: सृष्टि के रचयिता के रूप में ये हर जीव का पालन-पोषण करते हैं।

  • पर्जन्य: बादलों के स्वामी के रूप में ये वर्षा और हरियाली के कारक हैं।

  • पूषा: यह स्वरूप अन्न और पोषण प्रदान कर दरिद्रता का नाश करता है।

  • भग: सौभाग्य और ऐश्वर्य देने वाले इस रूप की पूजा सुख बढ़ाती है।

  • मित्र: विश्व के कल्याण और मैत्री भाव का संचार करने वाला सौम्य रूप है।

  • वरुण: जल तत्व के अधिपति के रूप में ये जगत को शीतलता प्रदान करते हैं।

  • विवस्वान: ये अग्नि स्वरूप हैं जो पाचन शक्ति और तेज को नियंत्रित करते हैं।

  • विष्णु: यह स्वरूप अधर्म का विनाश कर धर्म की स्थापना में सहायक होता है।

do puja of surya dev like this on sunday रविवार को इस तरह करें भगवान सूर्य  की पूजा, सफलता चूमेगी आपके कदम , एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan

मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा विधि

  • मकर संक्रांति पर उत्तरायण होते सूर्य देव की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। 

  • इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। 

  • तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन और फूल डालकर अर्घ्य अर्पित करें। 

  • सूर्य के 12 नामों का जाप करने से कुंडली के दोष दूर होते हैं। 

  • दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य मिलता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। 

  • भगवान सूर्य की कृपा से मनुष्य को मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

Sootr Knowledge

Surya dev puja know puja vidhi importance of worship god sur

सूर्य देव के गोचर का वैज्ञानिक प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, आध्यात्मिक दृष्टि से उत्तरायण का समय देवताओं का दिन माना जाता है। वैज्ञानिक रूप से भी इस दिन से रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य की किरणें सीधी होने के कारण शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।

यह पर्व प्रकृति और मनुष्य के बीच अटूट संबंध को दर्शाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य की उपासना से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है। 12 आदित्यों का ध्यान करने से सभी शारीरिक रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

Surya Dev Puja Niyam: रविवार को इस विधि-विधान के साथ करें सूर्य देव की पूजा,  निरोगी शरीर और स्वस्थ जीवन का मिलेगा आशीर्वाद - India TV Hindi

संक्रांति का ज्योतिषीय विज्ञान

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सूर्य का मकर राशि में आना केवल एक धार्मिक घटना नहीं बल्कि खगोलीय घटना भी है। इस दिन सूर्य की स्थिति बदलने से पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में प्रकाश बढ़ने लगता है। ज्योतिष में सूर्य को 'आत्मा' और शनि को 'कर्म' का कारक माना जाता है।

मकर राशि शनि की राशि है, इसलिए यहां सूर्य का आना पिता-पुत्र के मिलन और कर्म प्रधान समय की शुरुआत है। यह समय नई शुरुआत, संकल्प लेने और पुराने नकारात्मक कर्मों को त्यागने के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

निष्कर्ष

Surya Dev Worship: सूर्य देव को जल देते समय बस ध्यान रखें ये छोटी-छोटी  बातें, पूजा का मिलेगा दोगुना फल | surya dev puja on sunday keep these point  in mind while

नई शुरुआत और शुभ कार्यों का आगाज

मकर संक्रांति के साथ ही अब देश भर में मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की शुभ शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, साल 2026 में शुक्र तारा अस्त होने की वजह से विवाह के मुख्य और बड़े मुहूर्त फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू होंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से अगले 30 दिन सूर्य देव मकर राशि में रहकर आपके करियर में अनुशासन और बड़ी स्थिरता लेकर आएंगे।

सूर्य के 12 दिव्य स्वरूपों की आराधना न केवल हमारी सोई हुई ऊर्जा को जगाती है, बल्कि हमें अंधकार को मिटाकर जीवन में नया प्रकाश फैलाने की प्रेरणा भी देती है। भक्ति और दान का यह पावन संगम हमें आने वाले पूरे साल के लिए नई शक्ति, असीम मानसिक शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

FAQ

सूर्य देव के 12 स्वरूपों को सामूहिक रूप से क्या कहा जाता है?
सूर्य देव के इन 12 रूपों को हिंदू शास्त्रों में द्वादश आदित्य कहा जाता है।
मकर संक्रांति पर सूर्य देव किस राशि में प्रवेश करते हैं?
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।
सूर्य के 12 रूपों की पूजा करने से क्या विशेष लाभ होता है?
इनकी पूजा से आरोग्य, आत्मविश्वास, मान-सम्मान और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

ये खबर भी पढ़ें...

23 साल बाद मकर संक्रांति 2026 पर बना एकादशी का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, फिर भी टलेंगी शादियां, जानें वजह

मौन स्नान और दान का महापर्व है मौनी अमावस्या 2026, जानें शुभ मुहूर्त

पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे

मकर संक्रांति ज्योतिष शास्त्र सूर्य सूर्य उत्तरायण उत्तरायण मकर Latest Religious News
Advertisment