Indian IT companies में क्यों बढ़ रहा एआई का यूज, बदल रहा है काम का तरीका
Kaushiki | Jun 04, 2026, 13:00 IST
AI in Indian IT Sector
भारत की टॉप आईटी कंपनियां अब एआई के सहारे आगे बढ़ रही हैं। टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों के 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी एआई कोपायलट टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं गूगल और एनवीडिया जैसी कंपनियां भी भारत में बड़ा निवेश कर रही हैं।
AI in Indian IT Sector: आजकल टेक्नोलॉजी की दुनिया में एआई सबसे बड़ा दांव बन चुका है। भारत की बड़ी आईटी कंपनियों से लेकर वैश्विक दिग्गज इस पर पैसा लगा रहे हैं। नए सॉफ्टवेयर टूल और डेटा सेंटर बनाने की होड़ तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई ही अब कंपनियों की तरक्की तय करेगा। एआई से ही कंपनियों का मुनाफा और बाजार में उनकी साख तय होगी। यही वजह है कि भारतीय कंपनियां अब इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अब एआई दफ्तरों में रोज के काम का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। भारत की तीन सबसे बड़ी आईटी कंपनियां इसमें सबसे आगे चल रही हैं। इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।
इन तीनों बड़ी कंपनियों में एआई कोपायलट टूल के तीन लाख लाइसेंस हैं। पहले इन सीटों की संख्या केवल 50 हजार के आसपास हुआ करती थी। अब हर कंपनी में ये संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। दफ्तरों में इन एआई टूल्स का इस्तेमाल 95 फीसदी तक पहुंच गया है। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा एआई रोलआउट बताया है। कंपनियां अब अपना पूरा ढांचा एआई के इर्द-गिर्द बना रही हैं। इस तकनीक की मदद से कंपनियों को बड़ा आर्थिक फायदा भी हो रहा है। इससे दफ्तरों में काम करने की क्षमता 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गई है। इससे हर तिमाही लाखों वर्किंग दिनों की बचत हो रही है।
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet)ने भी बहुत बड़ी योजना बनाई है। वो एआई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी फंड जुटाएगी। इसके लिए 90 अरब डॉलर यानी 7.6 लाख करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इस फंड को जुटाने के लिए कंपनी अपने शेयर बाजार में बेचेगी। कुछ शेयर सीधे बड़ी कंपनियों को भी बेचे जाएंगे। इस भारी रकम को एआई कंप्यूटर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही टाटा ग्रुप भी ओपनएआई AI टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर काम कर रहा है। टीसीएस कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़ा काम करने की तैयारी में है। वे मिलकर नए एआई डेटा सेंटर का निर्माण भी करेंगे। एआई चिप (एआई तकनीक) बनाने वाली मशहूर कंपनी एनवीडिया भी भारत पर दांव लगा रही है। एनवीडिया के मेजर जेन्सेन हुआंग ने इस बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने मार्वेल टेक्नोलॉजी को भविष्य की बड़ी कंपनी बताया है। मार्वेल टेक्नोलॉजी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा भारत में है। कंपनी (tcs) के 17 सौ से ज्यादा इंजीनियर भारत के मेन शहरों में काम कर रहे हैं। ये इंजीनियर बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में तैनात हैं। अमेरिका के बाहर इस कंपनी का सबसे बड़ा केंद्र पुणे में स्थित है। यहां एक लाख वर्गफुट का एक बहुत बड़ा इनोवेशन हब बनाया गया है। यहां कस्टम एआई चिप्स बनाने की नई तकनीक पर काम चल रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने एक जरूरी बात कही है। उन्होंने भारतीय कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सावधान करने की कोशिश की। उन्होंने गूगल की कमाई का एक उदाहरण सबके सामने रखा। उदय कोटक ने बताया कि गूगल की पैरेंट कंपनी का मुनाफा बहुत ज्यादा है। उसका सालाना मुनाफा करीब 100 अरब डॉलर यानी 15 लाख करोड़ रुपए है। ये कमाई भारतीय कंपनियों के मुकाबले बहुत बड़ी है। गूगल आईटी कंपनी का मार्केट कैप भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल मुनाफे के बराबर है। उदय कोटक ने कहा कि यह सभी भारतीय कंपनियों के लिए एक वेकअप कॉल है। हमें आज से ही भविष्य की तकनीक में निवेश करना होगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि एआई ही अब कंपनियों की तरक्की तय करेगा। एआई से ही कंपनियों का मुनाफा और बाजार में उनकी साख तय होगी। यही वजह है कि भारतीय कंपनियां अब इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अब एआई दफ्तरों में रोज के काम का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। भारत की तीन सबसे बड़ी आईटी कंपनियां इसमें सबसे आगे चल रही हैं। इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।
माइक्रोसॉफ्ट टेक कंपनियों को क्या हो रहा फायदा
गूगल की कंपनी AI पर कितना पैसा खर्च करेगा
एनवीडिया कंपनी भारत के इंजीनियरों के साथ क्या बना रही है
एआई को लेकर उदय कोटक की चेतावनी
FAQ
- भारत की कौन सी टॉप आईटी कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई कोपायलट का इस्तेमाल कर रही हैं?
भारत की तीन सबसे बड़ी आईटी कंपनियां टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो बड़े पैमाने पर माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट का इस्तेमाल कर रही हैं। इन कंपनियों के 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी अब एआई टूल की मदद से काम कर रहे हैं। - एआई टूल्स के इस्तेमाल से भारतीय आईटी कंपनियों को बिजनेस में क्या फायदे मिल रहे हैं?
एआई टूल्स के इस्तेमाल से इन कंपनियों की उत्पादकता में 20 से 25 फीसदी का बड़ा सुधार हुआ है। इससे कंपनियों को हर तिमाही लगभग 2.5 लाख वर्किंग दिनों की भारी बचत हो रही है और काम तेज हुआ है। - गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट एआई तकनीक के विस्तार के लिए कितना बड़ा फंड जुटाने जा रही है?
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट एआई कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए 90 अरब डॉलर यानी करीब 7.6 लाख करोड़ रुपए का भारी फंड जुटाने की तैयारी में है। यह पैसा शेयरों की बिक्री से आएगा।
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