सोशल स्टार्टअप प्रोग्राम: अजीम प्रेमजी फाउंडेशन दे रहा नया एनजीओ बनाने के लिए ग्रांट, ऐसे करें एप्लाई
Amresh Kushwaha | Nov 03, 2026, 23:23 IST
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने सोशल स्टार्टअप प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू किए हैं।
अगर आप भी अपना NGO बनाकर सामाजिक क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं तो अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एक बड़ा मौका दे रहा है। इसके तहत आप विकास क्षेत्र में पेशेवर ढंग से नया संगठन बना सकते हैं। पहले 8 महीने सीडिंग सपोर्ट मिलेगा। इसके बाद संगठन को 2 साल तक ग्रांट मिल सकती है।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने सोशल स्टार्टअप प्रोग्राम के आवेदन खोले हैं। इसका मकसद विकास क्षेत्र के पेशेवरों को खुद का संगठन खड़ा करने में मदद देना है। आवेदन 31 दिसंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।
पात्र होने के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट डिग्री जरूरी है। उम्र 1 जनवरी 2027 तक 40 साल से कम होनी चाहिए। विकास क्षेत्र में कम से कम तीन साल का फील्ड अनुभव भी चाहिए।
आवेदक को ग्रामीण स्तर पर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। चुने गए इलाके में जाकर रहना और काम शुरू करना होगा। पहले से कोई रजिस्टर्ड संगठन नहीं होना चाहिए। दरअसल यह कार्यक्रम ऐसे सामाजिक उद्यमियों के लिए है जो खुद अपना नया गैर-सरकारी संगठन चलाना चाहते हैं।
प्रोग्राम का नाम Social Startups Programme है और यह दो चरणों में बंटा है। पहले चरण में नींव तैयार होती है, और दूसरे में उसे चलाने का सहारा मिलता है।
इस चरण में संगठन का रजिस्ट्रेशन और जरूरी कानूनी काम कराए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन इस चरण का अनिवार्य नतीजा है। इस दौरान 45,000 रुपए मासिक मानदेय भी मिलेगा।
एक महीने का आवासीय प्रशिक्षण होगा, जिसे बूट कैंप कहा जाता है। इसमें बजट, टैक्स, कानूनी पालन और मानव संसाधन (HR) जैसे विषय सिखाए जाएंगे।
सीडिंग के बाद चुने गए संगठनों के लिए यह ग्रांट योजना दो साल की है। सालाना 15 से 20 लाख रुपए तक की ग्रांट मिल सकती है। रकम संगठन के आकलन और तय लक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
यह रकम फाउंडर के सहयोग, जमीनी कार्यक्रम और टीम की क्षमता बढ़ाने में लगेगी।
सीडिंग के दौरान फाउंडेशन रजिस्ट्रेशन और कानूनी पालन में मदद करेगा। इसके अलावा फील्ड अध्ययन और समुदायों से जुड़ने में भी सहयोग मिलेगा। Azim Premji Foundation की ओर से ट्रेनिंग और नियमित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
फाउंडेशन के पार्टनर नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे फील्ड विजिट का मौका मिलेगा। Social Entrepreneurs India और NGO Grant India की खोज करने वालों के लिए यह जानकारी उपयोगी है।
संगठन उत्तर-पूर्वी भारत, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश या बेंगलुरु में खोले जा सकते हैं। काम के विषय आदिवासी समुदाय, स्वास्थ्य, ग्रामीण आजीविका, शहरी पहल और युवा हैं। Development Sector Careers की तलाश करने वालों के लिए यह मौका नई दिशा दे सकता है।
आवेदक को चुने हुए इलाके में ही शिफ्ट होना होगा। इसलिए स्थान बदलने की तैयारी पहले से करनी होगी।
इस एनजीओ आवेदन के लिए समय सीमा 31 दिसंबर 2026 है। फाउंडेशन के मुताबिक, अधिक जानकारी के लिए +91 8095957650 पर बात की जा सकती है। या फिर https://azimpremjifoundation.org पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं।
यह कार्यक्रम विकास क्षेत्र के पेशेवरों को खुद संगठन बनाने का मौका देता है। पहले 8 महीने का सीडिंग सपोर्ट और फिर 2 साल की ग्रांट इसे व्यावहारिक बनाती है। जमीनी काम बढ़ने से आदिवासी समुदाय, स्वास्थ्य और ग्रामीण आजीविका पर असर पड़ सकता है। यह न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के उस लक्ष्य से भी जुड़ता है, जो फाउंडेशन का मूल विचार है।
रेफरेंस:
आवेदन लिंक: https://tinyurl.com/mufvv9tn
सामाजिक संगठन शुरू करें: किन शर्तों पर मिलेगा मौका
आवेदक को ग्रामीण स्तर पर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। चुने गए इलाके में जाकर रहना और काम शुरू करना होगा। पहले से कोई रजिस्टर्ड संगठन नहीं होना चाहिए। दरअसल यह कार्यक्रम ऐसे सामाजिक उद्यमियों के लिए है जो खुद अपना नया गैर-सरकारी संगठन चलाना चाहते हैं।
दो चरणों में चलेगा प्रोग्राम
पहला चरण: 8 महीने की सीडिंग
एक महीने का आवासीय प्रशिक्षण होगा, जिसे बूट कैंप कहा जाता है। इसमें बजट, टैक्स, कानूनी पालन और मानव संसाधन (HR) जैसे विषय सिखाए जाएंगे।
दूसरा चरण: 2 साल की ग्रांट
यह रकम फाउंडर के सहयोग, जमीनी कार्यक्रम और टीम की क्षमता बढ़ाने में लगेगी।
प्रोग्राम में क्या सपोर्ट मिलेगा
फाउंडेशन के पार्टनर नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे फील्ड विजिट का मौका मिलेगा। Social Entrepreneurs India और NGO Grant India की खोज करने वालों के लिए यह जानकारी उपयोगी है।
कहां और किन मुद्दों पर काम होगा
इलाके जहां काम हो सकता है
आवेदन की आखिरी तारीख और संपर्क
यह खबर क्यों जरूरी है:
रेफरेंस:
आवेदन लिंक: https://tinyurl.com/mufvv9tn
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