फ्री एजुकेशन देने वाला देश का पहला राज्य बना केरल, अब फ्री में होगा ग्रेजुएशन
Kaushiki | Feb 04, 2026, 12:33 IST
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केरल ने 2026 का बजट पेश करते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। अब 12वीं के बाद फ्री एजुकेशन देने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही, अब डिग्री कोर्सेज भी फ्री में होंगे। छात्रों के लिए बीमा और ग्लोबल स्कूल खोलने का भी ऐलान किया गया है।
अगर आप एक छात्र हैं और अपने सपनों की उड़ान भरना चाहते हैं, तो केरल से आई ये खबर आपको जोश से भर देगी। केरल सरकार ने अपना बजट 2026-27 पेश किया है। वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल ने बजट 2026-27 में एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह री-डिफाइन कर दिया है।
केरल के युवाओं को 12वीं के बाद डिग्री कोर्सेज के लिए अपनी जेब खाली नहीं करनी होगी। ये बजट छात्रों को ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बनाने के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी कवर भी देगा।
अब आर्थिक तंगी किसी भी स्टूडेंट के रास्ते का रोड़ा नहीं बनेगी। केरल सरकार का ये फैसला पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। ये एक ऐसा विजन है, जहां टैलेंट को पैसों की कमी नहीं बल्कि सरकार का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही केरल भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने ग्रेजुएशन लेवल तक की पढ़ाई को पूरी तरह फ्री कर दी है। आइए, डिटेल से समझें...
केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सरकार ने घोषणा की है कि अब राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) कॉलेजों में आर्ट्स और साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्सेज पूरी तरह से फ्री होंगे।
अभी तक केरल में कक्षा 12 तक फ्री शिक्षा का प्रोविजन था। लेकिन अब केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने डिग्री लेवल तक की पढ़ाई को फ्री कर दिया है।
ये कदम उन हजारों छात्रों के लिए ब्लेस्सिंग्स साबित (Free Education)होगा जो पैसों की कमी के कारण कॉलेज नहीं जा पाते थे। सरकार का मानना है कि हायर एजुकेशन पर सबका समान हक होना चाहिए।
शिक्षा के साथ-साथ सरकार ने छात्रों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है। बजट में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूली बच्चों के लिए एक नई एक्सीडेंट इन्शुरन्स स्कीम शुरू करने का ऐलान किया गया है।
इस योजना के लिए सरकार हर साल 15 करोड़ रुपए का बजट खर्च करेगी। इसका मतलब ये है कि अब स्कूल जाने वाले बच्चों को न केवल मुफ्त शिक्षा मिलेगी। बल्कि उन्हें लाइफ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस का कवर भी मिलेगा। ये पहल पेरेंट्स के लिए एक बड़ी मेन्टल रिलीफ लेकर आई है।
केरल सरकार ने देखा कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र हायर एजुकेशन के लिए विदेश जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इससे राज्य से सालाना 8 हजार रुपए करोड़ बाहर चले जाते हैं।
इस ब्रेन ड्रेन को रोकने के लिए बजट में एक ग्लोबल स्कूल बनाने का प्रपोजल रखा गया है। ये इंस्टिट्यूट मॉडर्न टेक्नोलॉजी, वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करेगा।
यहां छात्रों को फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी और टेक्नो-इकोनॉमिक्स जैसे एडवांस सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाएंगे। सरकार ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए 10 करोड़ रुपए का इनिशियल एलोकेशन भी कर दिया है।
हायर एजुकेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए kerelaबजट में कई बड़े फंड्स का प्रावधान किया गया है।
अक्सर देखा जाता है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले छात्रों के लिए शहर में रहना बहुत महंगा पड़ता है। इस समस्या को सुलझाने के लिए सरकार ने पब्लिक हॉस्टल स्कीम लॉन्च करने का फैसला किया है।
शुरुआत में ये हॉस्टल एर्नाकुलम, त्रिशूर और कोझिकोड जैसे बड़े शहरों में बनाए जाएंगे। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि रहने की समस्या किसी भी छात्र की पढ़ाई के बीच में बाधा न बने।
शिक्षा के अलावा, ये बजट सामाजिक न्याय पर भी केंद्रित है। साथ ही, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसेप 2.0 और सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए पहले पांच दिन का मुफ्त इलाज जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह बजट पूरी तरह से आम आदमी और विशेषकर युवा पीढ़ी के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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केरल के युवाओं को 12वीं के बाद डिग्री कोर्सेज के लिए अपनी जेब खाली नहीं करनी होगी। ये बजट छात्रों को ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बनाने के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी कवर भी देगा।
अब आर्थिक तंगी किसी भी स्टूडेंट के रास्ते का रोड़ा नहीं बनेगी। केरल सरकार का ये फैसला पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। ये एक ऐसा विजन है, जहां टैलेंट को पैसों की कमी नहीं बल्कि सरकार का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही केरल भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने ग्रेजुएशन लेवल तक की पढ़ाई को पूरी तरह फ्री कर दी है। आइए, डिटेल से समझें...
ग्रेजुएशन तक की शिक्षा अब बिल्कुल फ्री
अभी तक केरल में कक्षा 12 तक फ्री शिक्षा का प्रोविजन था। लेकिन अब केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने डिग्री लेवल तक की पढ़ाई को फ्री कर दिया है।
ये कदम उन हजारों छात्रों के लिए ब्लेस्सिंग्स साबित (Free Education)होगा जो पैसों की कमी के कारण कॉलेज नहीं जा पाते थे। सरकार का मानना है कि हायर एजुकेशन पर सबका समान हक होना चाहिए।
15 करोड़ रुपए की एक्सीडेंट इन्शुरन्स स्कीम
इस योजना के लिए सरकार हर साल 15 करोड़ रुपए का बजट खर्च करेगी। इसका मतलब ये है कि अब स्कूल जाने वाले बच्चों को न केवल मुफ्त शिक्षा मिलेगी। बल्कि उन्हें लाइफ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस का कवर भी मिलेगा। ये पहल पेरेंट्स के लिए एक बड़ी मेन्टल रिलीफ लेकर आई है।
ग्लोबल स्कूल की स्थापना
इस ब्रेन ड्रेन को रोकने के लिए बजट में एक ग्लोबल स्कूल बनाने का प्रपोजल रखा गया है। ये इंस्टिट्यूट मॉडर्न टेक्नोलॉजी, वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करेगा।
यहां छात्रों को फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी और टेक्नो-इकोनॉमिक्स जैसे एडवांस सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाएंगे। सरकार ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए 10 करोड़ रुपए का इनिशियल एलोकेशन भी कर दिया है।
PhD स्कॉलर्स और रिसर्च पर मेहरबानी
- PhD सहायता: ऐसे फुल टाइम पीएचडी स्कॉलर्स (PhD scholars fellowship)जिन्हें कोई अन्य फेलोशिप नहीं मिल रही। उन्हें अब 15 हजार रुपए प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
- स्कॉलरशिप फंड: स्कॉलरशिप और फेलोशिप के लिए कुल 38.76 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है।
- यूनिवर्सिटी रिफॉर्म्स: हायर एजुकेशन में सुधार के लिए 851.46 करोड़ रुपए और टेक्निकल एजुकेशन के लिए 295 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
पब्लिक हॉस्टल स्कीम की शुरुआत
शुरुआत में ये हॉस्टल एर्नाकुलम, त्रिशूर और कोझिकोड जैसे बड़े शहरों में बनाए जाएंगे। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि रहने की समस्या किसी भी छात्र की पढ़ाई के बीच में बाधा न बने।
शिक्षा के अलावा, ये बजट सामाजिक न्याय पर भी केंद्रित है। साथ ही, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसेप 2.0 और सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए पहले पांच दिन का मुफ्त इलाज जैसी योजनाएं शामिल हैं। यह बजट पूरी तरह से आम आदमी और विशेषकर युवा पीढ़ी के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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