सत्र खत्म पर अब तक नहीं मिली MMVY Scholarship, फॉर्म तक नहीं भर पा रहे छात्र, जानें वजह
Manya Jain | Apr 24, 2026, 16:46 IST
MMVY Scholarship
एमपी की मेधावी छात्र योजना में देरी से छात्र परेशान हैं। सत्र खत्म होने पर भी स्कॉलरशिप नहीं मिली है। मेडिकल और इंजीनियरिंग के हजारों छात्र अब भी पोर्टल पर पैसे का इंतजार कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार की मेधावी योजना छात्रों की मदद करती है। यह योजना आजकल अपनी देरी के कारण चर्चा में है। सत्र खत्म होने वाला है पर पैसा नहीं मिला। इंदौर सहित कई जिलों के छात्र बहुत परेशान हैं। हजारों विद्यार्थी अब भी अपनी स्कॉलरशिप का इंतजार कर रहे। इंजीनियरिंग और मेडिकल के छात्रों की चिंता बढ़ गई है। इन प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस बहुत ज्यादा होती है। इतना ही नहीं की कई छात्र फॉर्म भी नहीं भर पा रहे हैं।
अब तक सरकार इस योजना के माध्यम से 5.10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 3290 करोड़ रुपए की सहायता दे चुकी है। लेकिन वर्तमान सत्र की पेंडेंसी ने छात्रों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। mmvy scholarship न मिलने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार ने मेधावी छात्रों के लिए खास योजना शुरू की है। यह उन छात्रों के लिए है जो फीस नहीं भर सकते। सरकार स्नातक स्तर की पूरी फीस खुद भरेगी।
मैनेजमेंट कोटे को छोड़कर बाकी सारा खर्च सरकार उठाएगी। यह योजना 462 सरकारी कॉलेजों में लागू है। इसके साथ 72 अनुदान प्राप्त कॉलेजों को भी जोड़ा गया है। आईआईटी और एम्स जैसे बड़े संस्थान भी इसमें शामिल हैं। एनआईटी में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, स्कॉलरशिप की प्रक्रिया काफी पिछड़ गई है। जहां फॉर्म भरने की प्रक्रिया आमतौर पर सत्र की शुरुआत में पूरी हो जानी चाहिए, वहीं इस बार कई संस्थानों में यह 8 महीने की देरी से फरवरी-मार्च में शुरू हो पाई है।
इस साल स्कॉलरशिप पोर्टल और डेटा वेरिफिकेशन (Data Verification) की प्रक्रिया में देरी होने के कारण हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं। ग्रांट प्राप्त कॉलेजों में फॉर्म भरने की प्रक्रिया तकनीकी कारणों से रुकी रही।
मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्रों को हर साल लाखों रुपए फीस देनी होती है। स्कॉलरशिप में देरी का मतलब है कि छात्रों को खुद कर्ज लेकर या परिवार की बचत से फीस भरनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।
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अब तक सरकार इस योजना के माध्यम से 5.10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 3290 करोड़ रुपए की सहायता दे चुकी है। लेकिन वर्तमान सत्र की पेंडेंसी ने छात्रों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। mmvy scholarship न मिलने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना क्या है?
मैनेजमेंट कोटे को छोड़कर बाकी सारा खर्च सरकार उठाएगी। यह योजना 462 सरकारी कॉलेजों में लागू है। इसके साथ 72 अनुदान प्राप्त कॉलेजों को भी जोड़ा गया है। आईआईटी और एम्स जैसे बड़े संस्थान भी इसमें शामिल हैं। एनआईटी में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
स्कॉलरशिप की वर्तमान स्थिति
- कुल आवेदन: 5 लाख 50 हजार 456 रुपए
- वास्तविक लाभार्थी: 5 लाख 10 हजार 601 रुपए
- भुगतान पेंडिंग (Total Pending Payment): लगभग 186.13 करोड़ रुपये।
- सत्र 2025-26 के आवेदक: लगभग 70 हजार विद्यार्थी।
| विभाग (Department) | लाभार्थी विद्यार्थी | कुल भुगतान (राशि) |
| उच्च शिक्षा (Higher Education) | 4 लाख 7 हजार 972 | ₹319.70 करोड़ |
| तकनीकी शिक्षा (Technical Education) | 21 हजार 421 | ₹180.78 करोड़ |
| नेशनल इंस्टीट्यूट (IIT आदि) | 16 हजार 899 | ₹193.99 करोड़ |
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना की एलिजिबिलिटी
- मध्यप्रदेश बोर्ड (MP Board) के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक जरूरी हैं।
- सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड (CBSE/ICSE) के छात्रों के लिए 85% अंक जरूरी हैं।
- मध्यप्रदेश बोर्ड (MP Board) के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक जरूरी हैं।
- सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड (CBSE/ICSE) के छात्रों के लिए 85% अंक जरूरी हैं।
- परिवार की सालाना कुल आय 8 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
- परिवार की सालाना कुल आय 8 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
- आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।
- आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।
- इंजीनियरिंग के लिए JEE Mains में अच्छा रैंक और मेडिकल (MBBS/BDS) के लिए NEET पास होना चाहिए, ताकि सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल सके।
- इंजीनियरिंग के लिए JEE Mains में अच्छा रैंक और मेडिकल (MBBS/BDS) के लिए NEET पास होना चाहिए, ताकि सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल सके।
- सामान्य कोर्सेज के लिए केवल सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में दाखिला लेने पर ही फीस वापस मिलती है। निजी कॉलेज इस योजना में शामिल नहीं हैं (कुछ खास कोर्सेज को छोड़कर)।
- सामान्य कोर्सेज के लिए केवल सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में दाखिला लेने पर ही फीस वापस मिलती है। निजी कॉलेज इस योजना में शामिल नहीं हैं (कुछ खास कोर्सेज को छोड़कर)।
किन पाठ्यक्रमों में मिलती है स्कॉलरशिप?
- आयुष विभाग: बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस, बीयूएमएस।
- मेडिकल एजुकेशन: एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस।
- तकनीकी शिक्षा: इंजीनियरिंग, बी.टेक, आईआईटी, एनआईटी।
- एग्रीकल्चर: बीएससी (कृषि), बी.टेक, पीएचडी।
- पैरामेडिकल: बीपीटी (BPT), बीएमएलटी और अन्य डिग्री/डिप्लोमा।
- प्रबंधन: आईआईएम (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के कोर्स।
भुगतान में देरी के कारण और छात्रों की परेशानी
मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्रों को हर साल लाखों रुपए फीस देनी होती है। स्कॉलरशिप में देरी का मतलब है कि छात्रों को खुद कर्ज लेकर या परिवार की बचत से फीस भरनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।
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