RTE Fee Reimbursement से अब राज्य सरकार भरेगी गरीब बच्चों की प्राइवेट स्कूल फीस, यहां जानें डिटेल

Kaushiki | Sept 29, 2025, 13:39 IST
Share
sarkari-yojana-mp-govt-pay-private-school-fees-rte-children
sarkari-yojana-mp-govt-pay-private-school-fees-rte-children

मध्य प्रदेश (MP) सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत 8.45 लाख बच्चों की प्राइवेट स्कूल फीस भरने के लिए 489 करोड़ रुपए जारी किए। यह फैसला गरीब बच्चों के लिए शिक्षा में समानता लाएगा।

मध्यप्रदेश की राज्य सरकार ने लाखों गरीब और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की भारी-भरकम फीस का बोझ खुद उठाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को आगे बढ़ाते हुए आज (29 सितंबर, 2025) को हरदा जिले के खिरकिया से एक ही क्लिक में 489 करोड़ रुपए की राशि सीधे 20 हजार 652 निजी स्कूलों के बैंक खातों में ट्रांसफर की।

ये पैसा शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत 2023-24 में पढ़ रहे 8 लाख 45 हजार बच्चों के फीस का मुआवजा के लिए दिया गया है।

RTE के तहत लाखों परिवारों को बड़ी राहत

आज के दौर में, प्राइवेट स्कूलों की फीस एक आम अभिभावक के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है। बड़े और नामी स्कूलों की सालाना फीस तो 1 लाख रुपए से भी ज्यादा हो चुकी है।

ऐसे में मामूली आमदनी वाले माता-पिता के लिए अपने बच्चे को अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का सपना टूट जाता था। तो ऐसे में राज्य सरकार ने इसी आर्थिक बोझ को समझते हुए यह इम्पोर्टेन्ट डिशन्स लिया है।

RTE के नियम

शिक्षा का अधिकार (Right to Education - RTE) अधिनियम, 2009, भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का कानूनी अधिकार देता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि गैर-अनुदान प्राप्त सभी निजी स्कूलों को अपनी न्यूनतम 25% सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। इन बच्चों की फीस का भुगतान राज्य सरकार द्वारा स्कूल को प्रतिपूर्ति के रूप में किया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षा में समानता लाना है।
ये खबर भी पढ़ें...SBI Scholarship: SBI की आशा स्कॉलरशिप करेगी 20 लाख रुपए तक की मदद, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

योजना से जुड़े जरूरी पॉइंट्स

  • योजना का नाम: शिक्षा का अधिकार (RTE) फी रीइंबर्समेंट।
  • योजना की शुरुआत: मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था वर्ष 2011-12 से लागू है।
  • डिस्ट्रीब्यूशन डेट: 29 सितंबर, 2025 को राशि डिस्ट्रीब्यूशन की गई।
  • वितरित राशि: एक क्लिक में 489 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
  • कुल लाभार्थी बच्चे: 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस का भुगतान किया गया।
  • कुल लाभार्थी स्कूल: 20 हजार 6 सौ 52 निजी स्कूलों के बैंक खातों में राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
  • लक्ष्य: RTE अधिनियम के तहत 25% सीटों पर गरीब और वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देना।
  • अब तक का लाभ: योजना की शुरुआत से अब तक 19 लाख से अधिक बच्चों को लाभ मिल चुका है।

अब तक 19 लाख बच्चों को लाभ

बता दें कि, मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने का बड़ा काम किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जब से यह योजना शुरू हुई है (2011-12 से) 19 लाख बच्चों को इसका सीधा लाभ मिल चुका है।

इन वर्षों में सरकार 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक की फीस का भुगतान कर चुकी है। यह आंकड़ा केवल एक स्टैटिस्टिक नहीं है बल्कि लाखों परिवारों के लिए इकनोमिक रिलीफ और बच्चों के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है।

ये खबर भी पढ़ें...सोयाबीन किसानों को होगा नुकसान, तो भावांतर योजना के जरिए सरकार करेगी भरपाई

क्या कहा सीएम ने

सीएम मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम केवल अवसर का द्वार नहीं खोल रहा है बल्कि यह शिक्षा को समानता का माध्यम भी बना रहा है। इस कदम से गरीब और अमीर के बच्चों को एक साथ पढ़ने का मौका मिलगा जिससे सामाजिक समरसता और समान विकास का बढ़ावा होगा।

मुख्यमंत्री ने खिरकिया में इस कार्यक्रम के दौरान अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया जो दिखाता है कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास पर भी जोर दे रही है। यह फैसला उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है, जो फीस की वजह से अपने बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में दाखिला नहीं दिला पाते थे।

ये खबर भी पढ़ें...

कक्षा 9 से 12 के छात्रों को Muskaan Scholarship करता शिक्षा में मदद, मिलेगी 12 हजार रुपए तक की स्कॉलरशिप

MMVY Scholarship: MP सरकार की इस योजना से आपका करियर बनेगा स्ट्रॉन्ग, यहां से लें पूरी डिटेल

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • Right To Education
  • शिक्षा का अधिकार
  • RTE
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती