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Gandhi Fellowship 2026: आजकल के युवा सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाना चाहते हैं। ऐसे में गांधी फेलोशिप 2026-28 पिरामल फाउंडेशन की एक जबरदस्त पहल है। ये फेलोशिप युवाओं को समाज में बदलाव लाने का मौका देती है। ये 2 साल का रेजिडेंशियल प्रोग्राम है।
यहां आप ग्राउंड लेवल पर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करते हैं। फेलोशिप का ऑब्जेक्टिव युवाओं में लीडरशिप और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को डेवेलप करना है।
फेलो रूरल और सेमी-अर्बन इलाकों में सरकारी सिस्टम के साथ काम करते हैं। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी जैसे इम्पोर्टेन्ट इश्यूज पर इनोवेटिव सलूशन ढूंढते हैं।
गांधी फेलोशिप के क्या-क्या फायदे हैं
मंथली स्टाइपेंड:
चयनित फेलोज को हर महीने 24 हजार 5 सौ रुपए तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा। ये राशि लोकेशन और खर्चों के बेस पर तय होती है।
इंट्रेस्ट-फ्री रिजर्व फंड:
कुल स्टाइपेंड में से 7 हजार रुपए हर महीने एक रिजर्व फंड के रूप में जमा किए जाएंगे।
क्युमुलेटिव ग्रांट:
ये जमा किया गया पैसा (लगभग 1.6 लाख रुपए) फेलोशिप के 2 साल सक्सेसफुली पूरे करने के बाद आपको एक साथ दिया जाएगा।
फ्यूचर सपोर्ट:
इस रिजर्व राशि का इस्तेमाल आप अपना खुद का सोशल स्टार्टअप शुरू करने, हायर स्टडीज या इंटरनेशनल एक्सपोजर के लिए कर सकते हैं।
प्रोफेशनल मेंटरशिप:
आपको देश के टॉप एक्सपर्ट्स और अनुभवी मेंटर्स से सीधे सीखने का मौका मिलेगा।
लीडरशिप ट्रेनिंग:
प्रोग्राम के दौरान आपकी पर्सनल डेवलपमेंट और लीडरशिप स्किल्स को निखारने के लिए रिगोरस ट्रेनिंग दी जाएगी।
ग्राउंड लेवल एक्सपीरियंस:
आपको भारत के पब्लिक सिस्टम्स को गहराई से समझने और उसे बेहतर बनाने का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा।
गांधी फेलोशिप की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
एजुकेशनल क्वालिफिकेशन:
आपके पास किसी भी स्ट्रीम (Arts, Science, Commerce, Engineering, etc.) में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
अपियरिंग छात्र:
अगर आप अपने फाइनल ईयर में हैं और जून 2026 तक आपकी डिग्री पूरी हो जाएगी, तो आप भी अप्लाई कर सकते हैं।
मिनिमम मार्क्स:
आपकी 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन (PG, यदि लागू हो) में कम से कम 55% एग्रीगेट मार्क्स होने चाहिए।
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आयु सीमा
नॉर्मल कैंडिडेट्स के लिए उम्र 18 से 26 साल के बीच होनी चाहिए।
अगर आपके पास 1 साल का फुल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस है, तो उम्र 29 साल तक मान्य है।
अचीवर्स को प्रॉयोरिटी: अगर आप पढ़ाई के अलावा स्पोर्ट्स, NCC, NSS, राइटिंग या किसी सोशल वर्क में एक्टिव रहे हैं, तो आपको सिलेक्शन में एक्स्ट्रा वेटेज मिलेगा।
पिछला रिकॉर्ड: ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने पहले कभी गांधी फेलोशिप जॉइन की थी और बीच में छोड़ दी, वे दोबारा अप्लाई नहीं कर सकते।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट
फोटोग्राफ: आपकी एक लेटेस्ट और साफ पासपोर्ट साइज फोटो।
ID प्रूफ: आधार कार्ड (Mandatory) और कोई अन्य वैलिड पहचान पत्र।
एकेडमिक मार्कशीट्स: 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की मार्कशीट। (अगर आप फाइनल ईयर में हैं, तो पिछले सेमेस्टर के रिजल्ट)।
अपडेटेड रिज्यूमे: एक प्रोफेशनल CV जिसमें आपकी स्किल्स और उपलब्धियां लिखी हों।
संपर्क जानकारी: मोबाइल नंबर और प्रोफेशनल ईमेल आईडी।
आवेदन करने का तरीका
फेलोशिप के लिए अप्लाई करना पूरी तरह ऑनलाइन है:
रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना नाम, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
फॉर्म भरना: लॉग-इन करने के बाद अपनी पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशन और बैकग्राउंड की जानकारी भरें।
डॉक्यूमेंट अपलोड: ऊपर बताए गए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को सही फॉर्मेट में पोर्टल पर अपलोड करें।
एप्लीकेशन फीस: अंत में अपनी कैटेगरी के अनुसार फीस भरें (General के लिए 200 रुपए और SC/ST के लिए 150 रुपए)।
सबमिट: फॉर्म को एक बार री-चेक करें और 'Submit' बटन पर क्लिक कर दें। इसके बाद आपको कन्फर्मेशन मेल आ जाएगा।
गांधी फेलोशिप क्या है
गांधी फेलोशिप प्रोग्राम (Fellowship Program) एक 2 साल का रेजिडेंशियल लीडरशिप प्रोग्राम (Govt Fellowship) है। इसे पिरामल फाउंडेशन चलाता है। ये उन ग्रेजुएट्स के लिए है जो समाज में बदलाव लाना चाहते हैं। इसमें फेलोज को भारत के ग्रामीण इलाकों में रहकर सरकारी स्कूलों और कम्युनिटी के साथ काम करना होता है।
इसका मकसद युवाओं में एंपैथी, रेजिलिएंस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग Leadership स्किल्स डेवलप करना है। फेलोज को हर महीने 24 हजार 5 सौ रुपए तक का स्टाइपेंड मिलता है। ये फेलोशिप नेशन-बिल्डिंग और पब्लिक पॉलिसी में करियर बनाने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है।
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