Don 3 Controversy अब पहुंचा कोर्ट, रणवीर सिंह ने बैन के खिलाफ भेजा लीगल नोटिस

Anjali Dwivedi | Jun 03, 2026, 15:24 IST
Share
don-3
don-3

फिल्म डॉन 3 को लेकर रणवीर सिंह और FWICE का विवाद अब कोर्ट पहुंच गया है। प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल और खुद रणवीर सिंह ने इस अनऑफिशियल बैन के खिलाफ कानूनी रास्ता चुना है। इस पूरे मामले से फिल्म का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • रणवीर सिंह अचानक फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 से बाहर हो गए हैं।
  • इसके बाद फिल्म मेकर्स को लगभग 45 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ।
  • नुकसान के बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन कोऑपरेशन ऑर्डर जारी किया।
  • दिग्गज फिल्म प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने इस बैन के खिलाफ कोर्ट में केस किया।
  • एक्टर रणवीर सिंह ने भी FWICE को एक कड़ा लीगल नोटिस भेज दिया है।
बॉलीवुड की मच अवेटेड फिल्म डॉन 3 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब ये पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। इस कहानी में सबसे मजेदार मोड़ आ चुका है। कोर्ट में न तो रणवीर पहुंचे हैं और न ही फरहान अख्तर। रणवीर सिंह पर दबाव बनाने वाली संस्था अब खुद मुश्किल में है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज यानी FWICE कानूनी पचड़े में फंस गई है।

दिग्गज फिल्म प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने उनके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। टीपी अग्रवाल ने FWICE और IMPPA दोनों के खिलाफ पिटीशन दायर की है। उन्होंने यह केस मुंबई के दिंडोशी सिविल कोर्ट में किया है। अग्रवाल ने इस अनऑफिशियल बैन को पूरी तरह से गलत बताया है।

क्या था FWICE का नॉन कोऑपरेशन ऑर्डर

कुछ समय पहले FWICE ने रणवीर के खिलाफ एक बड़ा आदेश जारी किया था। उन्होंने इसे नॉन कोऑपरेशन डायरेक्टिव का नाम दिया था। इसका सीधा मतलब रणवीर सिंह पर एक तरह का प्रतिबंध लगाना था।

इस आदेश के तहत 5 लाख वर्कर रणवीर के साथ काम नहीं करते। इसमें फिल्म इंडस्ट्री के तमाम आर्टिस्ट्स और टेक्नीशियन्स शामिल थे। इससे रणवीर सिंह के बाकी सभी प्रोजेक्ट्स पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।

टीपी अग्रवाल ने अपनी पिटीशन में इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को ऐसा बैन लगाने का अधिकार नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री हमेशा आपसी सहयोग और तालमेल की भावना से चलती है।

17 साल तक IMPPA के अध्यक्ष रहे टीपी अग्रवाल

टीपी अग्रवाल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा और जाना-माना नाम हैं। वह खुद 17 साल तक IMPPA के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह चार बार फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट भी रहे हैं।

अग्रवाल का मानना है कि ऐसे मामलों का निपटारा कानूनी तरीके से होना चाहिए। किसी भी कलाकार को काम करने से रोकना बिल्कुल सही नहीं है। ऐसी कार्रवाइयों का लोगों के रोजगार पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

उन्होंने साल 2017 के एक पुराने अदालती फैसले का हवाला भी दिया। तब कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ने भी इसे अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था। अब देखना होगा कि इस बार कोर्ट क्या फैसला सुनाता है।

रणवीर सिंह ने भी भेजा लीगल नोटिस

इस पूरे विवाद के बीच रणवीर सिंह भी अब पूरी तरह एक्शन में हैं। उन्होंने 2 जून को FWICE को एक फॉर्मल लीगल नोटिस भेजा है। रणवीर ने इस नोटिस के जरिए उनके आदेश को सीधी चुनौती दी है।

रणवीर सिंह का तर्क है कि इस मामले में वर्कर्स बॉडी का कोई रोल नहीं है। उनके पास एक्टर पर बैन लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि नोटिस की पूरी बातें अभी सामने नहीं आई हैं।

इस कानूनी नोटिस के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल बहुत तेज हो गई है। FWICE ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने का फैसला किया है। उन्होंने 3 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।

रणवीर और फरहान के बीच क्यों शुरू हुआ विवाद

अब बात करते हैं कि इस पूरे बड़े विवाद की शुरुआत आखिर हुई कहां से। रणवीर सिंह को फिल्म डॉन 3 के लिए लीड रोल में चुना गया था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने में कुछ ही दिन बचे थे।

तभी रणवीर सिंह कथित तौर पर अचानक इस बड़े प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। उनके इस फैसले से प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट हैरान रह गया। मेकर्स को इसकी वजह से करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

प्री-प्रोडक्शन कॉस्ट और शेड्यूलिंग कमिटमेंट्स के कारण 45 करोड़ का नुकसान बताया गया। इसी भारी नुकसान के बाद FWICE ने रणवीर के खिलाफ कड़ा कदम उठाया था। संस्था ने अपने सभी मेंबर से रणवीर का साथ छोड़ने को कहा था।

रणवीर सिंह के स्पोकपर्सन ने दी सफाई

बैन की खबर के बाद रणवीर सिंह के स्पोकपर्सन का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा कि रणवीर फिल्म जगत का और डॉन फ्रेंचाइजी का बहुत सम्मान करते हैं। वह इस मामले पर जानबूझकर शांत बने हुए हैं।

रणवीर का मानना है कि प्रोफेशनल बातों को मैच्योरिटी के साथ सुलझाना चाहिए। आपसी सम्मान के साथ ही ऐसी बातों का हल निकल सकता है। इस विवाद के बाद फिल्म डॉन 3 का भविष्य खतरे में है।

साल 2023 में Ranveer Singh को नए डॉन के रूप में पेश किया गया था। फिल्म की शूटिंग साल 2026 में शुरू होने वाली थी। अब फिल्म कब बनेगी और कौन हीरो होगा, यह कोई नहीं जानता।

FAQ

  1. रणवीर सिंह और फिल्म डॉन 3 के मेकर्स के बीच मुख्य विवाद क्या है?
    रणवीर सिंह के डॉन 3 से अचानक हटने से एक्सेल एंटरटेनमेंट को 40-45 करोड़ का नुकसान हुआ। प्री-प्रोडक्शन और डेट्स लॉक होने के बाद फिल्म छोड़ने पर मेकर्स की शिकायत के बाद FWICE ने एक्टर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
ये खबरें भी पढ़ें...

सलमान खान का बड़ा एक्शन: फिल्म काला हिरण के मेकर्स को भेजा लीगल नोटिस

काला हिरण शिकार केस में सलमान खान के वकीलों ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 13 जुलाई को सुनवाई

सलमान खान का छलका दर्द: 60 की उम्र में तन्हाई पर लिखी पोस्ट, फैंस ने दिए रिएक्शन

सलमान खान को नहीं मिली राहत, पान मसाले के भ्रामक प्रचार के आरोप, जानिए पूरा मामला

Tags:
  • बॉलीवुड
  • Ranveer Singh
  • रणवीर सिंह
  • हिंदी फिल्म इंडस्ट्री
  • फरहान अख्तर
  • डॉन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा