Fact Check : अमित शाह को लेकर वायरल Edited Video का क्या है सच, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
BHOPAL. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक एडिटेड वीडियो वायरल हो रहा है। इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। गृहमंत्री के एडिटेड वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस को 2 शिकायतें मिली थीं। इसमें एक शिकायत बीजेपी की ओर से की गई थी, जबकि दूसरी शिकायत गृह मंत्रालय की तरफ से की गई थी। शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल साइबर विंग IFSO यूनिट ने FIR दर्ज की है। अमित शाह के एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद एडिटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। एडिटेड वीडियो में गृहमंत्री को एससी/एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। इस एडिटेड वीडियो को लेकर बीजेपी ने देशभर में एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया है।
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वीडियो को बीजेपी ने बताया फर्जी
पुलिस को दी शिकायत में बीजेपी ने कहा कि अमित शाह ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण खत्म करने को लेकर कोई बात नहीं की है। जो वीडियो वायरल किया जा रहा है वह फर्जी है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि मूल वीडियो में अमित शाह ने तेलंगाना में मुसलमानों के लिए असंवैधानिक आरक्षण को हटाने पर चर्चा की थी। बीजेपी और गृह मंत्रालय की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने IPC की धारा 153/153A/465/469/171G और IT एक्ट की धारा 66C के तहत केस दर्ज किया है।
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झारखंड कांग्रेस ने किया था पोस्ट
झारखंड कांग्रेस ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया था, इसमें लिखा था कि अमित शाह का चुनावी भाषण वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी की सरकार दोबारा बनी तो ओबीसी और एससी/एसटी आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा।
अमित मालवीय ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक एडिटेड वीडियो वायरल कर रही है, जो पूरी तरह से फर्जी है। इससे बड़े पैमाने पर हिंसा होने की आशंका है। गृहमंत्री अमित शाह ने इसी आधार पर मुसलमानों को दिए गए असंवैधानिक आरक्षण को हटाने की बात कही है। एससी/एसटी और ओबीसी की हिस्सेदारी कम करने के बाद यह फर्जी वीडियो कई कांग्रेस नेताओं द्वारा शेयर किया गया है, अब वह कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।