सर्दियों में बढ़ सकती है डिप्रेशन की परेशानी, जानें नींद और बॉडी क्लॉक का कनेक्शन

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 27, 2026, 15:13 IST
Share
कम या ज्यादा नींद आना डिप्रेशन का संकेत हो सकता है।
कम या ज्यादा नींद आना डिप्रेशन का संकेत हो सकता है।

नींद और मानसिक सेहत का आपस में गहरा संबंध है। अगर कोई व्यक्ति लगातार कम सोता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा सोना भी ध्यान देने वाली बात है। कई बार नींद में बदलाव मानसिक परेशानी का संकेत हो सकता है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्टडी में 11 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया।

ये सभी लोग मेजर डिप्रेशन से पीड़ित थे। इनमें करीब 25% लोगों में सीजनल डिप्रेशन पाया गया। स्टडी में नींद और डिप्रेशन के बीच गहरे संबंध की बात सामने आई। हालांकि, केवल नींद के समय से डिप्रेशन का पता नहीं चलता। इसके लिए दूसरे लक्षणों को समझना भी जरूरी है।

नींद और डिप्रेशन का क्या है संबंध?

हमारे शरीर में एक अंदरूनी घड़ी होती है। यह तय करने में मदद करती है कि हमें कब सोना है। यही घड़ी जागने का समय तय करने में भी मदद करती है। इसे बायोलॉजिकल क्लोक कहा जाता है। जब सोने और जागने का समय बिगड़ता है, तो शरीर प्रभावित हो सकता है। इसका असर मानसिक सेहत पर भी पड़ सकता है।

कुछ लोगों को रात में नींद नहीं आती। कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सोते हैं। वहीं, कुछ लोगों की नींद बार-बार टूटती है। डिप्रेशन के दौरान भी ऐसे बदलाव दिख सकते हैं। नींद की समस्या और डिप्रेशन एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं। खराब नींद से मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, डिप्रेशन के कारण नींद का पैटर्न भी बिगड़ सकता है।

हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में ब्यूरोक्रेसी का दखल: डॉक्टरों के पदों पर अफसरों की तैनाती से IMA भड़का, आर-पार की जंग का ऐलान | Bureaucracy's Interference in Health Administration: IMA Enraged by Posting of Officers on Doctors' Posts, Declares All-Out War
हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में ब्यूरोक्रेसी का दखल: डॉक्टरों के पदों पर अफसरों की तैनाती से IMA भड़का, आर-पार की जंग का ऐलान
27 Oct 2026 ,
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और सरकार के बीच तनातनी तेज हो गई है। आईएमए के मुताबिक वजह है डॉक्टरों के पदों पर आईएएस बैठाने का सरकारी फैसला। आईएमए रायपुर ने इसे डॉक्टरों के हक पर डाका बताया है। संगठन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इस विरोध में अब सियासत भी जुड़ गई है।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और सरकार के बीच तनातनी तेज हो गई है। आईएमए के मुताबिक वजह है डॉक्टरों के पदों पर आईएएस बैठाने का सरकारी फैसला। आईएमए रायपुर ने इसे डॉक्टरों के हक पर डाका बताया है। संगठन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इस विरोध में अब सियासत भी जुड़ गई है।

डिप्रेशन के तीन प्रकार और नींद पर असर

  • मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर
मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर में व्यक्ति लंबे समय तक उदास रह सकता है। उसे पसंदीदा कामों में भी दिलचस्पी कम हो सकती है। थकान और ध्यान लगाने में परेशानी भी हो सकती है। इसके साथ नींद में बदलाव जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।खबर में बताया गया है कि ऐसे 80 से 100 प्रतिशत मरीजों को अनिद्रा हो सकती है। अनिद्रा का मतलब है पर्याप्त नींद न आना। हालांकि, हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते।

  • एटिपिकल डिप्रेशन
एटिपिकल डिप्रेशन में कुछ लोगों को ज्यादा नींद आती है। वे दिन में भी सोते रह सकते हैं। इसके साथ भूख बढ़ने की समस्या भी हो सकती है। कुछ लोगों को शरीर में भारीपन महसूस होता है। पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान रह सकती है। अगर इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हों, तो विशेषज्ञ से सलाह लें।

  • सीजनल डिप्रेशन
सीजनल डिप्रेशन के लक्षण मौसम बदलने पर सामने आ सकते हैं। कुछ लोगों में सर्दियों के दौरान परेशानी बढ़ जाती है। इस मौसम में दिन छोटे होते हैं। प्राकृतिक रोशनी भी कम मिलती है। ऐसे लोगों को ज्यादा नींद आ सकती है। उन्हें सुबह उठने में परेशानी हो सकती है। दिनभर थकान महसूस होना भी एक लक्षण हो सकता है।

हालांकि, सर्दियों में ज्यादा सोना डिप्रेशन का पक्का संकेत नहीं है। इसके लिए दूसरे लक्षणों को भी समझना जरूरी है।

MP BJP में क्या चल रहा है? नरोत्तम मिश्रा को न्योता नहीं, सिंधिया भी दूसरी बार बैठक से दूर | What's happening in MP BJP? Narottam Mishra not invited, Scindia also absent from meeting for the second time
MP BJP में क्या चल रहा है? नरोत्तम मिश्रा को न्योता नहीं, सिंधिया भी दूसरी बार बैठक से दूर
27 Oct 2026 ,
By Aman Vaishnav
मध्य प्रदेश भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में दो बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार दूसरी बार बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं बताया गया कि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को बैठक का न्योता ही नहीं भेजा गया। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के कोर ग्रुप से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
मध्य प्रदेश भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में दो बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार दूसरी बार बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं बताया गया कि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को बैठक का न्योता ही नहीं भेजा गया। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के कोर ग्रुप से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

बॉडी क्लॉक बिगड़ने से क्या होता है?

शरीर की अंदरूनी घड़ी को Circadian Rhythm कहा जाता है। यह शरीर को दिन और रात के हिसाब से चलने में मदद करती है। इससे नींद और जागने का समय प्रभावित होता है। शरीर की कई प्रक्रियाएं भी इससे जुड़ी होती हैं।अगर कोई व्यक्ति रोज अलग-अलग समय पर सोता है, तो नींद बिगड़ सकती है। रात में देर तक मोबाइल चलाने से भी परेशानी हो सकती है। सुबह प्राकृतिक रोशनी न मिलने का असर भी पड़ सकता है।

मौसम बदलने पर कुछ लोगों की नींद प्रभावित होती है। सर्दियों में सुबह देर तक अंधेरा रह सकता है। इससे उठने का समय भी बदल सकता है। हालांकि, बॉडी क्लॉक में बदलाव होना डिप्रेशन का प्रमाण नहीं है। इसके लिए दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए।

त्योहारी सीजन में ESB SI परीक्षा: उम्मीदवारों को ट्रेन-बस टिकट का भारी संकट, परीक्षा स्थगित करने की मांग | ESB SI Exam during Festive Season: Candidates face severe train-bus ticket crisis, demand exam postponement
ESB की SI परीक्षा से पहले नई मुसीबत! ट्रेन-बसों में टिकट नहीं, उम्मीदवार बोले- टाइमिंग ही खराब है
27 Oct 2026 ,
By Sanjay Gupta
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ गई है। परीक्षा 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग शहरों में होगी। पहले वेबसाइट की खराबी के कारण उम्मीदवार एडमिट कार्ड नहीं निकाल पा रहे थे। अब परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की चिंता है। त्योहार के चलते ट्रेन और बसों में टिकट नहीं मिल रहे हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ गई है। परीक्षा 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग शहरों में होगी। पहले वेबसाइट की खराबी के कारण उम्मीदवार एडमिट कार्ड नहीं निकाल पा रहे थे। अब परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की चिंता है। त्योहार के चलते ट्रेन और बसों में टिकट नहीं मिल रहे हैं।

नींद सुधारने के लिए अपनाएं 5 आसान तरीके

  • सोने और उठने का समय तय करें
हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने की कोशिश करें। सुबह भी तय समय पर उठने की आदत डालें। छुट्टी वाले दिन भी दिनचर्या में ज्यादा बदलाव न करें। इससे शरीर को नियमित समय की आदत पड़ सकती है।

  • सुबह प्राकृतिक रोशनी लें
सुबह उठने के बाद कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में बिताएं। इससे शरीर की अंदरूनी घड़ी को मदद मिल सकती है। यह आदत दिन और रात का समय समझने में सहायक होती है।

  • रात में मोबाइल का इस्तेमाल कम करें
सोने से पहले मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम करें। तेज रोशनी से भी दूरी बनाने की कोशिश करें। सोने से पहले शांत माहौल रखें। इससे नींद आने में मदद मिल सकती है।

  • अपनी नींद का रिकॉर्ड रखें
ध्यान दें कि आप रोज कितने बजे सोते हैं। सुबह उठने का समय भी लिखकर रखें। यह भी नोट करें कि रात में नींद कितनी बार टूटती है। दिन में होने वाली थकान पर भी ध्यान दें। इससे नींद में होने वाले बदलाव समझने में मदद मिल सकती है। जरूरत पड़ने पर यह जानकारी डॉक्टर को भी बताई जा सकती है।

  • परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर से मिलें
अगर लगातार उदासी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान और नींद में बदलाव पर भी ध्यान दें। किसी काम में मन न लगना भी एक संकेत हो सकता है। अगर ये लक्षण दो सप्ताह या उससे ज्यादा रहें, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें।

मंत्री-विधायकों के रात्रि विश्राम पर अमल नहीं, अब खुद गांवों में रात बिताएंगे CM मोहन यादव, गड़बड़ी मिलने पर होगा एक्शन | Ministers-MLAs did not comply with night stay, now CM Mohan Yadav will spend nights in villages himself, action will be taken if irregularities are found
मंत्री-विधायकों के रात्रि विश्राम पर अमल नहीं, अब खुद गांवों में रात बिताएंगे CM मोहन यादव, गड़बड़ी मिलने पर होगा एक्शन
27 Oct 2026 ,
By Arohi Raj
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब खुद जिलों में जाकर रात बिताएंगे। वे गांवों में लोगों से मिलेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेंगे। इस दौरान मिलने वाली समस्याओं को 48 घंटे में दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मंत्रियों और विधायकों को गांवों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, कुछ ही जनप्रतिनिधियों ने इन निर्देशों का पालन किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब खुद जिलों में जाकर रात बिताएंगे। वे गांवों में लोगों से मिलेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेंगे। इस दौरान मिलने वाली समस्याओं को 48 घंटे में दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मंत्रियों और विधायकों को गांवों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, कुछ ही जनप्रतिनिधियों ने इन निर्देशों का पालन किया।

क्या नींद से डिप्रेशन का पता लगाया जा सकता है?

नींद की आदतें मानसिक सेहत के संकेत दे सकती हैं। लेकिन सिर्फ इनके आधार पर डिप्रेशन की पुष्टि नहीं की जा सकती। कम नींद आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। तनाव, काम का दबाव और दवाएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।

इसी तरह, ज्यादा सोना हमेशा डिप्रेशन का संकेत नहीं होता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर दूसरे लक्षणों को भी देखते हैं। वे व्यक्ति की दिनचर्या और स्वास्थ्य की स्थिति समझते हैं। इसलिए नींद में बदलाव को नजरअंदाज न करें। लेकिन खुद से किसी बीमारी का निष्कर्ष भी न निकालें। नियमित दिनचर्या अपनाना फायदेमंद हो सकता है। परेशानी बनी रहने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

FAQs

  1. क्या नींद की आदतों से डिप्रेशन का पता चल सकता है?
    नींद में बदलाव डिप्रेशन का एक संकेत हो सकता है, लेकिन केवल नींद के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए अन्य लक्षणों और डॉक्टर की जांच की आवश्यकता होती है।
  2. सीजनल डिप्रेशन क्या होता है?
    सीजनल डिप्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें डिप्रेशन के लक्षण मौसम में बदलाव के साथ दिखाई देते हैं, और कुछ लोगों में सर्दियों के दौरान ये लक्षण बढ़ सकते हैं।
  3. बॉडी क्लॉक क्या होती है?
    बॉडी क्लॉक शरीर की अंदरूनी व्यवस्था है, जो सोने-जागने के समय और दिनचर्या को संचालित करने में मदद करती है। इसे बनाए रखने के लिए हर दिन लगभग एक ही समय पर सोना और उठना फायदेमंद होता है।
Tags:
  • डिप्रेशन
  • नींद और मानसिक सेहत
  • Depression Symptoms
  • Sleep and Depression
  • Seasonal Depression
  • Mental Health
  • मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर
  • Biological Clock
  • नींद न आने की समस्या
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जांच लंबित होने पर भी मिलेगी प्रोविजनल पेंशन, 50% ग्रेच्युटी

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जांच लंबित होने पर भी मिलेगी प्रोविजनल पेंशन, 50% ग्रेच्युटी
हाई कोर्ट की बड़ी पहल: जमानत, क्रिमिनल केस के लिए इंदौर में नौ दिन के लिए बनीं तीन स्पेशल बेंच

By Sanjay Gupta

हाई कोर्ट की बड़ी पहल: जमानत, क्रिमिनल केस के लिए इंदौर में नौ दिन के लिए बनीं तीन स्पेशल बेंच
बिलासपुर का युवक रूस में लापता: टेलीग्राम पर मिली थी नौकरी, बहन ने लगाया युद्ध में भेजने और मारपीट का आरोप

By Harrison Masih

बिलासपुर का युवक रूस में लापता: टेलीग्राम पर मिली थी नौकरी, बहन ने लगाया युद्ध में भेजने और मारपीट का आरोप
MP Cabinet Decisions: कम बारिश वाले जिलों के किसानों को मिलेगी मदद, EOW के लिए 345 करोड़ मंजूर, दो बड़े चिंतन शिविरों की तैयारी

By Sourabh Bhatnagar

MP Cabinet Decisions: कम बारिश वाले जिलों के किसानों को मिलेगी मदद, EOW के लिए 345 करोड़ मंजूर, दो बड़े चिंतन शिविरों की तैयारी
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से किया इनकार, अब जेल में वापस लौटना होगा

By Jageshwar Prasad

आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से किया इनकार, अब जेल में वापस लौटना होगा
जयपुर से दुबई के लिए नई फ्लाइट शुरू, सप्ताह में 3 दिन मिलेगी हवाई सेवा; यात्रियों को मिलेंगे 3 विकल्प

By Jyoti Mahender Bhardwaj

जयपुर से दुबई के लिए नई फ्लाइट शुरू, सप्ताह में 3 दिन मिलेगी हवाई सेवा; यात्रियों को मिलेंगे 3 विकल्प
पुलिस ड्राइवर फिरोज खान की कंपनियों का यह नेटवर्क, इन्हीं से खड़ी की 68 करोड़ की संपत्तियां

By Sanjay Gupta

पुलिस ड्राइवर फिरोज खान की कंपनियों का यह नेटवर्क, इन्हीं से खड़ी की 68 करोड़ की संपत्तियां