MP में 18 साल बाद निकली संगीत शिक्षक भर्ती फंसी, 10 महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार

Anjali Dwivedi | May 12, 2026, 13:27 IST
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MP Music Teacher Recruitment
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एमपी में 18 साल बाद निकली संगीत-नृत्य शिक्षकों की भर्ती विवादों में है। बता दें कि 10 महीने बीतने के बाद भी चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग नहीं मिली है, जबकि नियम 3 महीने में नियुक्ति का है। छात्र अब आंदोलनरत हैं।

शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश में संगीत और नृत्य शिक्षकों की भर्ती लगभग 18 वर्षों के अंतराल के बाद निकली है।
  • नियम पुस्तिका के अनुसार 3 महीने में जॉइनिंग मिलनी थी, लेकिन 10 महीने से प्रक्रिया अटकी है।
  • साल 2022 में विज्ञापन से शुरू हुई यह भर्ती 2023 की पात्रता परीक्षा और 2025 की चयन परीक्षा के बाद भी अधूरी है।
  • अभी तक न तो पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की अंतिम सूची आई है और न ही स्कूलों के चुनाव का मौका मिला है।
  • प्रदेश में लगभग 1 लाख शिक्षकों के पद खाली होने के बावजूद चयनित उम्मीदवार बेरोजगार बैठे हैं।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सुर और ताल की गूंज सुनाई देने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। प्रदेश में करीब 18 साल के वनवास के बाद संगीत और डांस शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। लेकिन अब यह प्रक्रिया विवादों के घेरे में है। चयन सूची में नाम आने के बाद भी अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

सालों बाद भी शिक्षक खाली हाथ

इस भर्ती की कहानी साल 2022 में विज्ञापन जारी होने के साथ शुरू हुई थी। अभ्यर्थियों ने एक लंबी प्रक्रिया का सामना किया है। साल 2023 में एलिजिबिलिटी टेस्ट के बाद अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा हुई थी।

सितंबर 2025 में इसके रिजल्ट भी घोषित कर दिए गए। विडंबना यह है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नियम पूरे होने के बाद भी चयनित शिक्षक खाली हाथ हैं।

3 महीने का काम 10 महीने में भी अधूरा

चयनित उम्मीदवारों ने परीक्षा संचालन रूलबुक के नियम 3.28 का हवाला देते हुए, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस नियम के मुताबिक, सिलेक्शन लिस्ट जारी होने के तीन महीने के अंदर नियुक्ति आदेश जारी हो जाने चाहिए।

इसके बावजूद 10 महीने बीत जाने के बाद भी न तो पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया अब तक शुरू की गई है।

अभ्यर्थियों ने क्या आरोप लगाया?

अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब दूसरे विषयों की भर्ती प्रक्रिया, परिणाम और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एक साथ हुआ, तो केवल संगीत और नृत्य शिक्षकों की नियुक्ति क्यों रुकी? विभाग के पास इस पिक एंड चूज नीति का कोई ठोस जवाब नहीं है।

DPI के चक्कर काटकर थके अभ्यर्थी

अपनी मांगों को लेकर ये अभ्यर्थी अब तक कई बार लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की दहलीज लांघ चुके हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, 30 जनवरी, 16 फरवरी, 26 फरवरी, 18 मार्च, 1 अप्रैल, 17 अप्रैल और हाल ही में 6 मई को बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने गुहार लगाई। हर बार विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने उन्हें केवल इंतजार करने की नसीहत देकर वापस भेज दिया।

शिक्षकों की कमी, फिर भी नियुक्तियां अटकी

एक तरफ सरकार बेहतर शिक्षा का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सीएजी की रिपोर्ट (CAG Report) डराने वाले आंकड़े पेश करती है। रिपोर्ट के अनुसार, एमपी के 1 हजार 895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।

आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 29 हजार 116 स्कूलों में करीब 99 हजार 682 शिक्षकों (सरकारी शिक्षक) के पद खाली हैं। इतनी बड़ी कमी के बावजूद एक हजार से अधिक पात्र शिक्षकों को नियुक्ति न देना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है।

अभ्यर्थियों ने दिया आंदोलन की चेतावनी

नियुक्ति की बाट जोह रहे करीब एक हजार चयनित अभ्यर्थियों ने अब सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। सोशल मीडिया पर जॉइनिंग दो अभियान तेज हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

FAQ

  1. एमपी संगीत शिक्षक भर्ती में जॉइनिंग की देरी का क्या कारण है?
    मुख्य कारण विभाग द्वारा अंतिम चयन सूची (Final Selection List) और चॉइस फिलिंग प्रक्रिया का रुकना है। सितम्बर 2025 में रिजल्ट आने और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बावजूद, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने अब तक संगीत और नृत्य शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए हैं, जबकि अन्य विषयों की जॉइनिंग हो चुकी है।
  2. भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्ति कितने समय में मिलनी चाहिए?
    परीक्षा नियम पुस्तिका के नियम 3.28 के तहत, रिजल्ट या सिलेक्शन लिस्ट जारी होने के 3 महीने के भीतर नियुक्ति आदेश जारी करना अनिवार्य है। संगीत शिक्षकों के मामले में यह समय सीमा समाप्त हुए 7 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है (कुल 10 महीने की देरी)।
  3. मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के कितने पद खाली हैं?
    CAG रिपोर्ट के अनुसार, एमपी के 1,895 स्कूल शिक्षक विहीन हैं और कुल 29,116 स्कूलों में लगभग 99,682 शिक्षकों की कमी है। इसी भारी कमी का हवाला देकर चयनित अभ्यर्थी अपनी तत्काल नियुक्ति (Immediate Appointment) की मांग कर रहे हैं।
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