एमपी के सरकारी स्कूलों में मिलेगी फ्री NEET-JEE की ट्रेनिंग, 9वीं से ही शुरू होगा फाउंडेशन क्लास
Kaushiki | May 11, 2026, 10:32 IST
mp govt school
एमपी के सरकारी स्कूलों में अब नीट और जेईई की तैयारी 9वीं क्लास से शुरू होगी। पीएमश्री और सांदीपनि स्कूलों में कॉम्पिटिटिव माहौल बनाने के लिए सरकार फाउंडेशन मॉडल ला रही है। स्मार्ट क्लास और एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए बच्चों का करियर संवारा जाएगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- एमपी के सरकारी स्कूलों में अब नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी होगी।
- इस साल से 799 पीएमश्री और 274 सांदीपनि स्कूलों में यह प्रोग्राम शुरू होगा।
- 9वीं क्लास से ही बच्चों का फाउंडेशन मजबूत करने पर सरकार का पूरा फोकस है।
- इसमें कोचिंग की जगह करियर काउंसलिंग और एप्टीट्यूड टेस्ट पर ध्यान दिया जाएगा।
- स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड वाले स्कूलों को पहले चरण में चुना गया है।
एमपी के सरकारी स्कूलों में शुरू होगा फाउंडेशन मॉडल
यह सुविधा राज्य के कुछ चुनिंदा पीएमश्री और सांदीपनि स्कूलों में इस सत्र से मिलने लगेगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर से प्रतियोगी परीक्षा का डर दूर करना है।
9वीं क्लास से ही शुरू हो जाएगी तैयारी
इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार 9वीं से ही क्लास शुरू करेगी। पहले साल 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को इस योजना में जोड़ेंगे। अगले साल से 8वीं क्लास के बच्चों को भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा।
रट्टा की जगह स्मार्ट लर्निंग पर जोर
इसे एप्टीट्यूड टेस्ट कहा जाता है जिससे बच्चे की रुचि का पता चलेगा। इसके बाद एक्सपर्ट्स बच्चों की करियर काउंसलिंग करेंगे और उन्हें सही रास्ता दिखाएंगे। इससे बच्चों को समझ आएगा कि उन्हें आगे चलकर किस फील्ड में जाना है।
तैयार होगा खास एग्जाम पैटर्न
हफ्ते के अंत यानी वीकेंड पर बच्चों के लिए विशेष कोचिंग क्लास लगेंगी। इन क्लासेस में नेशनल लेवल के एग्जाम के हिसाब से एमसीक्यू हल कराए जाएंगे। इसका मकसद बच्चों को कॉम्पिटिटिव माहौल के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
स्मार्ट क्लास वाले स्कूलों को प्राथमिकता
साथ ही कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की सुविधा होना भी बहुत जरूरी है। फिलहाल एक हजार से ज्यादा स्कूलों में ये मॉडल पायलट बेस पर शुरू होगा।
शिक्षकों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
सरकार का प्लान है कि आईआईटी और मेडिकल कॉलेज के छात्र भी मेंटर बनें। वे समय-समय पर सरकारी स्कूलों के बच्चों को गाइडेंस देने के लिए आएंगे।
सुपर 100 से कितना अलग है ये नया मॉडल
इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर एक बड़ा प्रतियोगी माहौल तैयार करना है। इसमें कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और फाउंडेशन तैयार करने पर ज्यादा मेहनत की जाएगी।
करियर काउंसलिंग से दूर होगी करियर की उलझन
यह फाउंडेशन मॉडल उन्हें शुरू से ही स्पष्टता और आत्मविश्वास प्रदान करेगा। जुलाई से सितंबर के बीच बच्चों का चयन काउंसलिंग के जरिए किया जाएगा। इससे बच्चों की बुनियादी समझ मजबूत होगी और वे बड़े सपने देख सकेंगे।
FAQ
- मप्र के किन स्कूलों में नीट और जेईई की तैयारी कराई जाएगी
ये योजना मध्यप्रदेश के कुल 1073 सरकारी स्कूलों में शुरू की जा रही है। इसमें 799 पीएमश्री स्कूल और 274 'सांदीपनि' स्कूल शामिल हैं। पहले चरण में केवल उन्हीं स्कूलों को लिया गया है जहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। - बच्चों का चयन इस प्रोग्राम के लिए कैसे और कब होगा?
विद्यार्थियों का चयन जुलाई से सितंबर महीने के बीच करियर काउंसलिंग के जरिए किया जाएगा। इसमें बच्चों की रुचि, उनके एप्टीट्यूड टेस्ट के स्कोर और क्लास में उनके प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। शुरुआती दौर में सीमित संख्या में बच्चों को ही इस फाउंडेशन बैच में शामिल किया जाएगा ताकि गुणवत्ता बनी रहे। - क्या यह योजना
सुपर 100 योजना की जगह लेगी?
नहीं, यह योजना सुपर 100 से पूरी तरह अलग है। सुपर 100 मेनली प्रदेश के टॉपर्स के लिए एक रेजिडेंशियल कोचिंग मॉडल है। जबकि यह नई योजना स्कूल लेवल पर एक फाउंडेशन मॉडल है। इसका उद्देश्य सिर्फ टॉपर्स नहीं, बल्कि 9वीं क्लास के ज्यादा से ज्यादा बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति समझ और माहौल विकसित करना है।
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