BJP का 2 सीट से 303 सीट तक का सफर, 2004 में गिरा पार्टी का ग्राफ, मोदी आए लेहर लाए

भारतीय जनता पार्टी तो 1980 में बनी,  लेकिन इससे पहले ही 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर भारतीय जनसंघ बनाया था। हालांकि 1952 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ को सिर्फ 3 सीटें मिली थी। 

author-image
Pratibha ranaa
एडिट
New Update
gbgb

लोकसभा चुनाव 2024

Listen to this article
0.75x 1x 1.5x
00:00 / 00:00

BHOPAL.  लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ ही दिन बचे है। आज 16 मार्च को चुनाव आयोग, चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। थोड़ी देर में साफ हो जाएगा की देश में कितने चरणों में चुनाव होंगे। चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही देशभर में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। 

ये खबर भी पढ़िए...IAS अफसरों का प्रभार बदला , IFS अधिकारियों के ट्रांसफर, 131 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमोशन

मुखर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर बनाया था भारतीय जनसंघ 

बीजेपी का जो गौरवशाली वर्तमान है, इसके पीछे अतीत का लंबा संघर्ष है। संघर्ष की ये परंपरा आजादी के कुछ ही दिनों बाद 1951 में शुरू होती है। जब स्वतंत्रता सेनानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण अडवाणी से होते हुए आज पार्टी नरेंद्र मोदी की अगुवाई तक पहुंच गई है। संघर्ष के दौर से निकल कर पार्टी आज सत्ता के शिखर पर है।

ये खबर भी पढ़िए...लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान आज, 8 फेज में हो सकती है वोटिंग

आइए जानते हैं भारतीय जनता पार्टी का अब तक का सफर और कैसे बनी पार्टी....

BJP पार्टी 1980 में बनी

भारतीय जनता पार्टी तो 1980 में बनी,  लेकिन इससे पहले ही 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर भारतीय जनसंघ बनाया था। हालांकि 1952 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ को सिर्फ 3 सीटें मिली थी। 

पहली बार अटल वाजपेयी बने पीएम 

1996 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 161 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। जब भारतीय जनता पार्टी बनी तो उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी अध्यक्ष बने।

1984 के चुनाव में दो सीट

1989 में 85 सीट 

1991 में 120 सीटें 

1996 में 161 सीट

1998 में 182 सीटें 

2014 में  282  सीटें 

वहीं 2019 में 303 लोकसभा सीटें मिली

ये खबर भी पढ़िए...MPPSC की मेन्स 2023 के साथ पुराना सिलेबस खत्म, मध्य प्रदेश में अब अधिकारी बनना है तो जनजातीय समाज को समझना होगा

अब विस्तार में समझिए....

1984 मे सिर्फ 2 सांसद

1984 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 224 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, लेकिन सिर्फ 2 लोगों को ही जीत मिल सकी। आंध्र प्रदेश की हनमकोंडा लोकसभा सीट से चंदूपतला जंगा रेड्डी और गुजरात की मेहसाणा लोकसभा सीट से एके पटेल भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा में पहले सांसद थे। 1984 में सिर्फ 7.74 प्रतिशत की ही वोटिंग हुई थी।

1989 में 85 सांसद

1989 में पार्टी ने 225 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसमें पार्टी के 85 सांसदों की जीत मिली थी। 1989 में पार्टी का वोट प्रतिशत 11.36 प्रतिशत रहा था। 1989 में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मध्य प्रदेश (उस समय छत्तीसगढ़ अलग नहीं था) से मिली, मध्य प्रदेश में पार्टी 27 सीटों पर जीत प्राप्त करने में कामयाब हुई। 

1991 में 120 सांसद

1991 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने 468 प्रत्याशी मैदार में उतारे थे। इस साल कुल 120 सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी। 1991 के लोकसभा चुनावों में 20.11 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। अकेले उत्तर प्रदेश से पार्टी को 51 सीटें मिली थीं। 

ये खबर भी पढ़िए...employees को लामबंद देख घबराई सरकार, जारी किया DA बढ़ाने का आदेश

1996 में 161 सांसद 

1996 के लोकसभा चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में भी सरकार बनाने का मौका मिला। 1996 के चुनाव में भाजपा 161 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनकर उभरी और देशभर में पार्टी का वोट शेयर 20.29 प्रतिशत तक पहुंच गया था। 

1998 में 182 सांसद

1998 में बीजेपी ने कुल 182 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी का वोट शेयर 25.59 प्रतिशत तक पहुंचा। 1998 में पार्टी ने यूपी से 57, मध्य प्रदेश से 30, बिहार से 20, गुजरात से 19, कर्नाटक से 13 और ओडिशा से 7 सीटों पर कब्जा किया था। 

1999 में भी 182 सांसद

1999 में बीजेपी ने क्षेत्रीय दलों को ज्यादा सीटें दी और खुद 339 सीटों पर चुनाव लड़ा। 1999 के लोकसभा चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी को 182 सीटें मिलीं और पार्टी का वोट शेयर 23.75 प्रतिशत रहा। 

2004 में सिर्फ 138 सीटें, बुरी तरह गिरा ग्राफ

1984 से लेकर 1999 तक लोकसभा चुनाव में बीजेपी का ग्राफ लगातार उठ रहा था, लेकिन 2004 में पार्टी का ग्राफ बुरी तरह गिरा। 1999 में जहां बीजेपी को कुल 182 सीटें मिली थी, तो 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 138 सीटें ही मिल पाई थीं।  

2009 में ग्राफ और गिरा

2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 443 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। लेकिन इसमें 116 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी थी। पार्टी का वोट प्रतिशत भी घटकर 18.80 प्रतिशत रह गया था। 

2014 में मोदी आए लेहर लाए

2014 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित कर देती है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को 428 सीटों में से 282 सीटों पर जीत मिलती है। इसकी के साथ पार्टी का वोट शेयर भी बढ़कर 31.34 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। 

2019 में 303 सासंद

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 303 सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी ने 436 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। 2019 में पार्टी का वोट शेयर भी रिकॉर्ड 37.76 प्रतिशत तक पहुंच चुका था।

LOK SABHA ELECTION 2024 Lok Sabha Election 2019