News Strike: राहुल गांधी की पार्टी का विधायक संघ का करीबी ! क्या एक्शन लेंगे ‘स्लीपर सेल’ की तलाश कर रहे पार्टी आलाकमान ?
Harish Divekar | Jun 17, 2025, 07:00 IST
Photograph: (the sootr)
राहुल गांधी कांग्रेस में ऐसे नेताओं की तलाश में हैं जो संघ की विचारधारा का विरोध करें। हाल ही में एक कांग्रेसी विधायक ने संघ के साथ अपनी नजदीकियों का खुलासा किया। राहुल गांधी संघ पर लगातार हमले कर रहे हैं, लेकिन पार्टी के विधायक इससे प्रभावित नहीं हैं।
जिस थाली में खाना उसी में छेद करना, राहुल गांधी कांग्रेस में ऐसे ही नेताओं की तलाश में हैं जो इस कहावत पर खरे उतरते हैं। राहुल गांधी लगातार संघ पर हमलावर हैं। संघ की विचारधारा की खिलाफत भी करते रहे हैं। इस वजह से उन्हें अदालत के भी चक्कर लगाने पड़े। लेकिन उनकी पार्टी के विधायकों को लगता है इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। हाल ही में एक कांग्रेसी विधायक ने खुलेआम संघ और अपनी नजदीकियों का बखान किया है। जो राहुल गांधी प्रदेश प्रदेश में घूम कर कांग्रेस के स्लीपर सेल की तलाश कर रहे हैं। वो ऐसे विधायक पर क्या कोई एक्शन लेंगे जो है कांग्रेस में लेकिन काम संघ के कर रहा है।
राहुल गांधी साल दर साल संघ के खिलाफ अपने बयानों को ज्यादा तीखा करते जा रहे हैं। देश से लेकर सात समंदर पार तक वो संघ की विचारधारा की आलोचना भी करते हैं। संघ के खिलाफ उनके बयान कुछ इस तरह रहे हैं।
मार्च 2025 में राहुल गांधी छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जंतर मंतर पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में उन्होंने कहा कि एक संगठन भारत के भविष्य और एजुकेशन सिस्टम को खत्म करने की की कोशिश में लगा हुआ है। उस संगठन का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। उन्होंने कहा कि अगर देश का एजुकेशन सिस्टम संघ के हाथ में चला गया तो पूरा देश बरबाद हो जाएगा। किसी को रोजगार नहीं मिलेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज हिंदुस्तान की यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरएसएस नॉमिनेटिड हैं और आने वाले समय में स्टेट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी आरएसएस के नॉमिनेशन से बनेंगे। राहुल गांध विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि उनकी ड्यूटी है कि वो ये बात सारे स्टूडेंट्स तक पहुंचाएं।
पिछले साल सितंबर में अमेरिका में भी राहुल गांधी ने संघ की विचारधारा पर हमला बोला था। राहुल गांधी ने कहा था कि आरएसएस भारत को ही एक विचार मानता है जबकि हम मानते हैं कि भारत बहुत सारे अलग अलग विचारों से मिलकर बना है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि इस देश में बिना रंग और धर्म की चिंता किए सभी को सपने देखने की इजाजत है।
आरएसएस के नागपुर स्थित मुख्यालय पर तिरंगा न फहराने का मुद्दा भी वो लगातार फहराते रहे हैं। वो सवाल उठा चुके हैं कि जिस तिरंगे की खातिर देश के कई लोग शहीद हुए आरएसएस वो तिरंगा क्यों नहीं फहराती है। साल 2022 को उन्होंने दावा किया था कि 52 साल में कभी आरएसएस के दफ्तर पर तिरंगा नहीं फहराया गया।
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वक्फ संशोधन बिल जब सुर्खियां बटोर रहा था तब भी राहुल गांधी ने संघ को नहीं बख्शा था। राहुल गांधी का आरोप था कि मुसलमानों की संपत्ति के बाद संघ की नजर इसाइयों की संपत्ति की तरफ है। इस मामले में राहुल गांधी ने ऑर्गेनाइजर की वेबसाइट पर छपे एक आर्टिकल का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया था कि भारत की कैथोलिक संस्थाओं के पास सात करोड़ हेक्टेयर की जमीन है। हालांकि बाद में ये भी बताया गया कि ऑर्गेनाइजर ने ये आर्टिकल वेबसाइट से हटा दिया है।
इससे पहले साल 2016 में राहुल गांधी ने कहा था कि संघ ने महात्मा गांधी की हत्या की। इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी को माफी मांगने के लिए कहा था। इसी तरह संभल की एक अदालत में भी राहुल गांधी के एक बयान के खिलाफ मामला जारी है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। हम बीजेपी आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।
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संघ के खिलाफ राहुल गांधी के बयानों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है। आप जरूर सवाल कर सकते हैं कि बात तो शुरू हुई थी कांग्रेस विधायक की संघ से नजदीकी पर। और, हमारी सुई तब से संघ और राहुल गांधी के बयानों पर अटकी हुई है। असल में हम आपको सिर्फ ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि राहुल गांधी संघ पर कब-कब, कितनी बार, कितने बड़े हमले बोल चुके हैं।
दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के विधायक संघ से करीबी पर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं। ये विधायक हैं मध्यप्रदेश के सुसनेर के विधायक भैरो सिंह। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नेताजी बड़े बेबाकी से कह रहे हैं कि वो कांग्रेस के विधायक हैं लेकिन संघ से भी जुड़े हुए हैं। संघ के कई पदाधिकारी उनके अच्छे परिचित हैं। संघ के लिए वो बहुत से काम भी कर चुके हैं। आप भी तफ्सील से पढ़िए कांग्रेस विधायक ने क्या कहा है।
कांग्रेस विधायक संघ के लोगों से अपनी करीबी और संघ के दफ्तर जाने के कुछ अनुभव भी शेयर करते देखे जा सकते हैं। ये वीडियो मालवा क्षेत्र में ही आयोजित किसी सभा का बताया जा रहा है। न्यूज स्ट्राइक का ये आर्टिकल लिखे जाने तक इस मामले पर विधायकजी की कोई सफाई भी सामने नहीं आई थी। लेकिन बयान लगातार राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोर रहा है।
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इसमें कोई शक नहीं कि इतना वायरल बयान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की नजर में न आया हो। क्या जीतू पटवारी अपने इस विधायक से कोई सवाल जवाब करेंगे। या आलाकमान तक इस बयान की जानकारी भेजेंगे। जिस पार्टी का मुखिया संघ के इस कदर खिलाफ है।
उसी पार्टी के विधायक को संघ से करीबी बताने पर फख्र महसूस होता है। क्या राहुल गांधी इसी तरह के नेताओं के लिए स्लीपर सेल के नाम का उपयोग करते हैं। अगर हां तो क्या वो ये वीडियो देखने के बाद अपने विधायक पर कोई कार्रवाई करने का माद्दा रखते हैं।
जब बयान साफ साफ सुना और समझा जा सकता है तो क्या उसे नजरअंदाज कर राहुल गांधी सहित कांग्रेस के आला नेता कोई बड़ी गलती तो नहीं कर रहे। कम से कम अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस को एक नजीर पेश करने की जरूरत है ताकि दूसरे स्लीपर सेल बन चुके नेताओं को भी एक मैसेज मिल सके।
कांग्रेस को अब तक इतना तो समझ ही जाना चाहिए कि लंगड़े घोड़े, बाराती घोड़े और स्लीपर सेल जैसे बयान देकर सिर्फ सुर्खियां ही बटोरी जा सकती है और मीडिया को हैडलाइन मटेरियल दिया जा सकता है। लेकिन पार्टी के भीतर सख्त संदेश देने के लिए ठोस कार्रवाई की ही जरूरत होगी।
News Strike Harish Divekar | न्यूज स्ट्राइक हरीश दिवेकर | मध्य प्रदेश | सुसनेर विधायक | सुसनेर विधायक भैरोसिंह परिहार
राहुल गांधी साल दर साल संघ के खिलाफ अपने बयानों को ज्यादा तीखा करते जा रहे हैं। देश से लेकर सात समंदर पार तक वो संघ की विचारधारा की आलोचना भी करते हैं। संघ के खिलाफ उनके बयान कुछ इस तरह रहे हैं।
संघ पर लगा था एजुकेशन सिस्टम को खत्म करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि आज हिंदुस्तान की यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरएसएस नॉमिनेटिड हैं और आने वाले समय में स्टेट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी आरएसएस के नॉमिनेशन से बनेंगे। राहुल गांध विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि उनकी ड्यूटी है कि वो ये बात सारे स्टूडेंट्स तक पहुंचाएं।
अमेरिका में भी बोला था संघ की विचारधारा पर हमला
आरएसएस के नागपुर स्थित मुख्यालय पर तिरंगा न फहराने का मुद्दा भी वो लगातार फहराते रहे हैं। वो सवाल उठा चुके हैं कि जिस तिरंगे की खातिर देश के कई लोग शहीद हुए आरएसएस वो तिरंगा क्यों नहीं फहराती है। साल 2022 को उन्होंने दावा किया था कि 52 साल में कभी आरएसएस के दफ्तर पर तिरंगा नहीं फहराया गया।
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वक्फ संशोधन बिल के समय पर भी साधा था निशाना
इससे पहले साल 2016 में राहुल गांधी ने कहा था कि संघ ने महात्मा गांधी की हत्या की। इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी को माफी मांगने के लिए कहा था। इसी तरह संभल की एक अदालत में भी राहुल गांधी के एक बयान के खिलाफ मामला जारी है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। हम बीजेपी आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।
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संघ के खिलाफ बयानों की है लंबी-चौड़ी फेहरिस्त
दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के विधायक संघ से करीबी पर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं। ये विधायक हैं मध्यप्रदेश के सुसनेर के विधायक भैरो सिंह। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नेताजी बड़े बेबाकी से कह रहे हैं कि वो कांग्रेस के विधायक हैं लेकिन संघ से भी जुड़े हुए हैं। संघ के कई पदाधिकारी उनके अच्छे परिचित हैं। संघ के लिए वो बहुत से काम भी कर चुके हैं। आप भी तफ्सील से पढ़िए कांग्रेस विधायक ने क्या कहा है।
कांग्रेस विधायक ने नहीं दी अब तक कोई सफाई
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क्या पटवारी करेंगे कोई सवाल-जवाब
उसी पार्टी के विधायक को संघ से करीबी बताने पर फख्र महसूस होता है। क्या राहुल गांधी इसी तरह के नेताओं के लिए स्लीपर सेल के नाम का उपयोग करते हैं। अगर हां तो क्या वो ये वीडियो देखने के बाद अपने विधायक पर कोई कार्रवाई करने का माद्दा रखते हैं।
सख्त संदेश देने की है जरूरत
कांग्रेस को अब तक इतना तो समझ ही जाना चाहिए कि लंगड़े घोड़े, बाराती घोड़े और स्लीपर सेल जैसे बयान देकर सिर्फ सुर्खियां ही बटोरी जा सकती है और मीडिया को हैडलाइन मटेरियल दिया जा सकता है। लेकिन पार्टी के भीतर सख्त संदेश देने के लिए ठोस कार्रवाई की ही जरूरत होगी।
News Strike Harish Divekar | न्यूज स्ट्राइक हरीश दिवेकर | मध्य प्रदेश | सुसनेर विधायक | सुसनेर विधायक भैरोसिंह परिहार
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