Gen Z Relationships: मेन्टल वैलनेस क्यों बन रहा Gen Z का रिलेशनशिप बेस, अब सेल्फमेट पर क्यों है पूरा फोकस

Gen Z (Generation Z) अब रिलेशनशिप में Soulmate की तलाश से ज्यादा Selfmate को महत्व दे रहा है। यह सेल्फ-लव और व्यक्तिगत विकास का नया ट्रेंड है। खुद को प्राथमिकता देना अब Healthy Relationships का आधार बन रहा है।

author-image
Kaushiki
New Update
genz-selfmate-vs-soulmate-self-love
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

Gen Z Relationships: आजकल की Gen-Z युवा पीढ़ी रिलेशनशिप्स को बिल्कुल अलग तरह से देखती है। पुराने समय में लोग अपने सोलमेट यानी जीवनसाथी की तलाश में रहते थे। उन्हें लगता था कि उनका जीवन तभी पूरा होगा जब कोई दूसरा इंसान उनकी जिंदगी में आएगा।

अब ये सोच धीरे-धीरे बदल रही है। अब Gen Z सेल्फमेट (Selfmate) कॉन्सेप्ट को अपना रहे हैं। सेल्फमेट का मतलब है कि आप सबसे पहले खुद को पूरा करें।

आप अपनी जरूरतों, सपनों और खुशियों को पहली प्राथमिकता दें। यह ट्रेंड दिखाता है कि सेल्फ-लव और मेन्टल वैलनेस अब रिलेशनशिप का केंद्र बन गए हैं।

Couple Goals That Are Actually Toxic For Your Relation In Hindi | couple  goals that are actually toxic for your relation | Herzindagi

खुद को पूरा करने का मंत्र

'सेल्फमेट' (Selfmate) बनने का मतलब है कि आप खुद में ही खुश और संतुष्ट हैं। आप किसी और पर अपनी खुशी के लिए निर्भर नहीं हैं।

  • Self-Love: 

    यह ट्रेंड खुद से प्यार करने और खुद की देखभाल करने को बढ़ावा देता है।

  • Personal Growth: 

    युवा अब अपने करियर और व्यक्तिगत विकास पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

  • Boundaries: 

    यह कॉन्सेप्ट रिलेशनशिप में स्वस्थ सीमाएं बनाने में मदद करता है।

जब आप खुद को पूरा कर लेते हैं, तब आप एक हेल्दी रिलेशनशिप में कदम रखते हैं।

रिलेशनशिप में रहना है हैप्पी तो, कपल्स को जरूर अपना लेनी चाहिए ये आदतें -  things happy couple do daily relationship advice happy couple goals

हेल्दी रिलेशनशिप की नई परिभाषा

जब कोई सेल्फमेट बनकर किसी रिश्ते में आता है, तो वह रिश्ता बोझ नहीं बनता। क्योंकि आप पहले से ही भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं।

  • कम निर्भरता: 

    आप पार्टनर पर इमोशनल सपोर्ट के लिए कम निर्भर रहते हैं।

  • साथ में विकास: 

    रिश्ता ऐसा होता है जहां दोनों पार्टनर साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं।

यह रिलेशनशिप कोडेपेंडेन्सी से दूर रहता है। अब Gen Z ऐसे पार्टनर की तलाश करती है जो उनके 'सेल्फमेट' के सफर को सपोर्ट करे। Soulmate की पुरानी धारणा अब म्यूच्यूअल रेस्पेक्ट और स्पेस पर आधारित है।

Relationship Goals:रखना है रिश्ते को अटूट तो भूल कर भी न करें ये गलतियां - Relationship  Goals: Avoid These Mistakes For A Long And Healthy Relationship - Amar  Ujala Hindi News Live

क्यों बदला यह रिलेशनशिप ट्रेंड

कई सोशल फैक्टर्स और बदलावों के कारण यह ट्रेंड आया है।

  • Mental Wellness Awareness: 

    अब युवा अपने मेन्टल हेल्थ को लेकर बहुत जागरूक हैं।

  • Social Media Influence: 

    सोशल मीडिया ने लोगों को खुद की तुलना करने से रोका है।

  • Financial Independence: 

    लड़कियां और लड़के दोनों अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

  • Relationship Failures: 

    पिछली पीढ़ियों के रिलेशनशिप फेलियर्स ने भी सिखाया है।

अब Gen Z जनरेशन बिना किसी दबाव के अपने नियम खुद तय करती है। यह बदलाव दिखाता है कि सेल्फ-लव ही हर रिश्ते की नींव है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

ये खबर भी पढ़ें...

Relationship Tips: खुशहाल रिश्ते के लिए पार्टनर में ये 5 खूबियां हैं गेम चेंजर, जानें

Relationship Tips: रिश्तों में चिड़चिड़ाहट को कैसे कहें अलविदा, ये 5 सीक्रेट टिप्स करेंगे आपकी मदद

Relationship Tips: इन 8 कारणों से टूटते हैं रिश्ते, नींद की कमी का मेंटल हेल्थ पर क्या होता है असर?

Relationship Tips: रिश्तों में सुधार और प्यार के लिए जरूरी है क्लीयर कम्युनिकेशन, ऐसे करें शुरूआत

Gen Z Relationships रिलेशनशिप GEN-Z Gen Z जनरेशन Relationship relationship tips
Advertisment