सिंहासन छत्तीसी: वर्दी वाली मेडम मना रही हैं मौज, इन मेडम पर आखिर कौन है मेहरबान, एक कारोबारी बना अफसरों का राजदार
Arun Tiwari | Apr 05, 2026, 13:11 IST
chhattisgarh sinhasan chattisi suspended officer hotelier black money expose
छत्तीसगढ़ में सस्पेंड पुलिस अफसर और एक होटल कारोबारी के बीच साठगांठ की चर्चा तेज है। भ्रष्टाचार और काले धन के इस खेल की पूरी जानकारी पढ़ें द सूत्र के खास कॉलम सिंहासन छत्तीसी में...
Raipur. छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गरमाहट कुछ ज्यादा है। यहां की नौरशाही हमेशा खबरों में बनी रहती है। सूबे की एक वर्दी वाली मेडम हैं जो मुश्किल की जगह मौज में हैं। दो महीने पहले वे गंभीर आरोप में सस्पेंड हो चुकी हैं लेकिन वे मुख्यालय की जगह बस्तर की वादियों में मौज मना रही हैं।
कहा तो यहां तक जा रहा है कि उनकी बहाली की तैयारी हो चुकी है। वहीं एक होटल कारोबारी है जो अफसरों का राजदार है। यही वजह है कि आपराधिक मामलों में उसका बाल भी बांका नहीं होता। यही कारोबारी उनकी ब्लैक मनी को सफेद करता है। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक सिंहासन छत्तीसी कॉलम।
सस्पेंड होने के बाद भला मौज में कौन रहता है। लेकिन वर्दी वाली मेडम हैं जो मौज काट रही हैं। एक प्रसंग में उनको दो महीने पहले सस्पेंड तो कर दिया गया लेकिन ना कोई मामला बना और ना ही कोई आरोप पत्र मिला। इतना ही नहीं निलंबन के बाद जो कार्यस्थल मिला है वहां पर ड्यूटी करने की बजाय वे टूर कर रही हैं और बस्तर की वादियों का मजा ले रही हैं।
जाहिर है यह सब मेहरबानी के बिना तो संभव नहीं है। कारोबारी मामले की जांच में दोषी पाई गई मेडम की बहाली की भी तैयारी की जा रही है। कई अफसर हैरान हैं कि गंभीर आरोप लगने के बाद भी हेडक्वार्टर इन पर मेहरबानी क्यों बरसा रहा है। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस मुख्यालय अटैच किया था|लेकिन सूत्र कहते हैं कि वे तो यहां हैं ही नहीं।
कभी कभार रायपुर में नजर आ जाती हैं। अब जल्द ही आपको इनके निलंबन बहाली की खबर मिल जाए तो चौंकिए मत,यहां कुछ भी हो सकता है। यह राज्य पुलिस सेवा की यह वही मेडम हैं जो कुछ महीने पहले बहुत सुर्खियों में रही हैं।
एक होटल कारोबारी है जो कई अफसरों का राज अपने अंदर छिपाए हुए हैं। यह कारोबारी प्रदेश के कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों और ईओडब्ल्यू से जुड़े अफसरों का करीबी बताया जा रहा है। वह इन अफसरों की काली कमाई को ठिकाने लगाने और उसे सफेद करने का काम करता रहा है। इसी सांठगांठ के चलते आपराधिक केसों में उसे इन अफसरों का साथ मिलता रहा है।
यह आदमी सिर्फ जमीन कब्जा करने तक सीमित नहीं है बल्कि उसे पुलिस महकमे के कुछ प्रभावशाली आईपीएस अधिकारियों के नेटवर्क का अहम हिस्सा भी बताया जा रहा है। वह कुछ अफसरों की अवैध कमाई को बाजार में लगाने और उसे वैध दिखाने का काम भी संभालता है।
हाल ही में उसका होटल सील हुआ तब मामला सामने आया कि वह उसने किराए पर लिया था फिर उस पर कब्जा कर लिया। यह होटल कारोबारी हाल ही में एक प्रेम प्रसंग में खूब सुर्खियों में रहा। अफसरों की काली कमाई को सफेद करने का यह मास्टर माइंड माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में जो न हो जाए वो कम है। सरकार का एक सुपर स्पेश्यलिटी हास्पिटल का कर्ता धर्ता एक नॉन मेडिकल अधिकारी है। यानी जो कुर्सी एमबीबीएस डॉक्टर के लिए बनाई गई है उस पर बैठा तो डॉक्टर ही है लेकिन पीएचडी वाला डॉक्टर। बिना मेडिकल पढ़ाई के पूरे अस्पताल को संचालित कर रहा है।
इन्होंने अपने आप को कई संवैधानिक अधिकार दे रखे हैं। यह मामला एक विधायक ने उठाया। इसकी शिकायत सरकार के जन शिकायत पोर्टल तक पहुंची लेकिन डॉक्टर साहब अपने हिसाब से अपने काम कर रहे हैं। इनके उपर की अधिकारी भी इनके उपर सब कुछ डालकर आराम में हैं। यही है कमाल कि संविदा पर नियुक्ति नॉन मेडिकल व्यक्ति डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा हुआ है और भी सरकारी अस्पताल में।
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कहा तो यहां तक जा रहा है कि उनकी बहाली की तैयारी हो चुकी है। वहीं एक होटल कारोबारी है जो अफसरों का राजदार है। यही वजह है कि आपराधिक मामलों में उसका बाल भी बांका नहीं होता। यही कारोबारी उनकी ब्लैक मनी को सफेद करता है। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक सिंहासन छत्तीसी कॉलम।
मौज में हैं मेडम
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जाहिर है यह सब मेहरबानी के बिना तो संभव नहीं है। कारोबारी मामले की जांच में दोषी पाई गई मेडम की बहाली की भी तैयारी की जा रही है। कई अफसर हैरान हैं कि गंभीर आरोप लगने के बाद भी हेडक्वार्टर इन पर मेहरबानी क्यों बरसा रहा है। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस मुख्यालय अटैच किया था|लेकिन सूत्र कहते हैं कि वे तो यहां हैं ही नहीं।
कभी कभार रायपुर में नजर आ जाती हैं। अब जल्द ही आपको इनके निलंबन बहाली की खबर मिल जाए तो चौंकिए मत,यहां कुछ भी हो सकता है। यह राज्य पुलिस सेवा की यह वही मेडम हैं जो कुछ महीने पहले बहुत सुर्खियों में रही हैं।
अफसरों का राजदार कारोबारी
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यह आदमी सिर्फ जमीन कब्जा करने तक सीमित नहीं है बल्कि उसे पुलिस महकमे के कुछ प्रभावशाली आईपीएस अधिकारियों के नेटवर्क का अहम हिस्सा भी बताया जा रहा है। वह कुछ अफसरों की अवैध कमाई को बाजार में लगाने और उसे वैध दिखाने का काम भी संभालता है।
हाल ही में उसका होटल सील हुआ तब मामला सामने आया कि वह उसने किराए पर लिया था फिर उस पर कब्जा कर लिया। यह होटल कारोबारी हाल ही में एक प्रेम प्रसंग में खूब सुर्खियों में रहा। अफसरों की काली कमाई को सफेद करने का यह मास्टर माइंड माना जा रहा है।
डॉक्टर की कुर्सी पर पीएचडी डॉक्टर
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इन्होंने अपने आप को कई संवैधानिक अधिकार दे रखे हैं। यह मामला एक विधायक ने उठाया। इसकी शिकायत सरकार के जन शिकायत पोर्टल तक पहुंची लेकिन डॉक्टर साहब अपने हिसाब से अपने काम कर रहे हैं। इनके उपर की अधिकारी भी इनके उपर सब कुछ डालकर आराम में हैं। यही है कमाल कि संविदा पर नियुक्ति नॉन मेडिकल व्यक्ति डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा हुआ है और भी सरकारी अस्पताल में।
द सूत्र पर पढ़िए सिंहासन छत्तीसी के अन्य कॉलम...
सीएस के पास पहुंची है किस आईपीएस की शिकायत, एक बंगला है जिस पर दो माननीयों का आया है दिल
पीएमओ से छत्तीसगढ़ के तीन अफसरों की शिकायत, गोपनीय चिट्ठी ने मचाया हड़कंप
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