राजस्थान चुनाव में निर्दलियों से पीछे रहा तीसरा मोर्चा, BAP को सबसे ज्यादा 3 सीट, AAP का खाता नहीं खुला, RLP के 80 प्रत्याशी हारे
Rahul Garhwal | Dec 07, 2023, 24:00 IST
राजस्थान चुनाव में निर्दलियों से पीछे रहा तीसरा मोर्चा, BAP को सबसे ज्यादा 3 सीट, AAP का खाता नहीं खुला, RLP के 80 प्रत्याशी हारे
राजस्थान चुनाव में तीसरा मोर्चा निर्दलियों से भी पीछे रहा। BAP को सबसे ज्यादा 3 सीट मिलीं। AAP का खाता भी नहीं खुला। वहीं RLP के 80 प्रत्याशी हार गए।
JAIPUR. राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत हुई। बीजेपी को 115 और कांग्रेस को 69 सीटें मिलीं। सबसे बुरा हाल तीसरे मोर्चा का रहा जो निर्दलियों से भी कम सीटें जीत पाया। BAP को 3, बसपा को 2, RLD और RLP 1-1 सीट जीत पाईं। वहीं निर्दलियों के खाते में 8 सीटें गईं। इस बार तीसरे मोर्चा के 7 प्रत्याशी जीते। वहीं 2018 में तीसरे मोर्चा के 14 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने चौंकाया
राजस्थान चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी थर्ड पार्टी बनकर उभरी। उसने सबसे ज्यादा 3 सीटें जीतीं। ये पार्टी चुनाव से 3 महीने पहले बनी है। पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार रोत 70 हजार वोट से चुनाव जीते।
RLP की करारी हार
विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की करारी हार हुई। हनुमान बेनीवाल खुद आखिरी राउंड में सिर्फ 2 हजार वोटों से जीत पाए। पार्टी के 80 प्रत्याशी चुनाव हार गए। इस बार गेमचेंजर बनने के लिए RLP ने 81 सीटों पर चुनाव लड़ा था। मेड़ता के डांगावास कांड के बाद SC-ST वर्ग दोनों प्रमुख पार्टियों से नाराज था। दोनों ही प्रमुख पार्टियों से नाराज था। बेनीवाल ने आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया और एक-दूसरे के लिए सीटें छोड़ीं। इसके बावजूद फायदा नहीं मिला। 2018 के चुनाव में RLP के 4 प्रत्याशी जीते थे।
BAP ने 25 प्रत्याशी उतारे, 3 जीते
राजस्थान में 13 प्रतिशत आदिवासी वोटर्स हैं। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। BAP-BTP ने मिलकर 27 प्रत्याशी उतारे थे। BAP ने चौरासी, आसपुर, धरियावद सीट से जीत हासिल की है। पार्टी अध्यक्ष राजकुमार रोत ने सबसे बड़ी 70 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। उन्हें 1 लाख 11 हजार 150 वोट मिले। बीजेपी के सुशील कटारा को 69 हजार 166 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। डूंगरपुर में पार्टी के प्रत्याशी कांतिलाल रोत और सागवाड़ा से मोहनलाल रोत ने कड़ी टक्कर दी। दोनों प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। धरियावद से BAP के थवरचंद गहलोत 6 हजार 691 वोट से जीते। वहीं आसपुर से उमेश मीणा ने 28 हजार 940 वोट से जीत हासिल की।
BSP के 155 में से सिर्फ 2 प्रत्याशी जीते
राजस्थान चुनाव में BSP ने 155 प्रत्याशी उतारे थे। वो सिर्फ 2 सीटें जीत पाई। इसके अलावा BSP का कोई प्रत्याशी दूसरे नंबर पर भी नहीं आ सका। 2018 में BSP ने 6 सीटें जीती थीं।
आम आदमी पार्टी को नोटा से भी कम वोट
आम आदमी पार्टी पिछले 2 चुनाव से राजस्थान में खाता भी नहीं खोल पाई है। इस बार वो 88 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। उसके सभी प्रत्याशी हार गए। कई की तो जमानत जब्त हो गई। पूरी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। आम आदमी पार्टी को 0.38 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन 0.96 प्रतिशत वोटर्स ने नोटा का बटन दबाया है।
RLD सिर्फ 1 सीट पर लड़ी और जीत गई
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने इस बार सिर्फ एक सीट भरतपुर से चुनाव लड़ा था। गठबंधन को देखते हुए कांग्रेस ने ये सीट छोड़ दी थी। RLD के सुभाष गर्ग ने 5 हजार 387 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें 81 हजार 878 वोट मिले। बीजेपी के विजय बंसल को 76 हजार 491 वोट मिले। BSP के गिरीश चौधरी को 25 हजार 231 वोट मिले।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने चौंकाया
राजस्थान चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी थर्ड पार्टी बनकर उभरी। उसने सबसे ज्यादा 3 सीटें जीतीं। ये पार्टी चुनाव से 3 महीने पहले बनी है। पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार रोत 70 हजार वोट से चुनाव जीते।
RLP की करारी हार
विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की करारी हार हुई। हनुमान बेनीवाल खुद आखिरी राउंड में सिर्फ 2 हजार वोटों से जीत पाए। पार्टी के 80 प्रत्याशी चुनाव हार गए। इस बार गेमचेंजर बनने के लिए RLP ने 81 सीटों पर चुनाव लड़ा था। मेड़ता के डांगावास कांड के बाद SC-ST वर्ग दोनों प्रमुख पार्टियों से नाराज था। दोनों ही प्रमुख पार्टियों से नाराज था। बेनीवाल ने आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया और एक-दूसरे के लिए सीटें छोड़ीं। इसके बावजूद फायदा नहीं मिला। 2018 के चुनाव में RLP के 4 प्रत्याशी जीते थे।
BAP ने 25 प्रत्याशी उतारे, 3 जीते
राजस्थान में 13 प्रतिशत आदिवासी वोटर्स हैं। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। BAP-BTP ने मिलकर 27 प्रत्याशी उतारे थे। BAP ने चौरासी, आसपुर, धरियावद सीट से जीत हासिल की है। पार्टी अध्यक्ष राजकुमार रोत ने सबसे बड़ी 70 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। उन्हें 1 लाख 11 हजार 150 वोट मिले। बीजेपी के सुशील कटारा को 69 हजार 166 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। डूंगरपुर में पार्टी के प्रत्याशी कांतिलाल रोत और सागवाड़ा से मोहनलाल रोत ने कड़ी टक्कर दी। दोनों प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। धरियावद से BAP के थवरचंद गहलोत 6 हजार 691 वोट से जीते। वहीं आसपुर से उमेश मीणा ने 28 हजार 940 वोट से जीत हासिल की।
BSP के 155 में से सिर्फ 2 प्रत्याशी जीते
राजस्थान चुनाव में BSP ने 155 प्रत्याशी उतारे थे। वो सिर्फ 2 सीटें जीत पाई। इसके अलावा BSP का कोई प्रत्याशी दूसरे नंबर पर भी नहीं आ सका। 2018 में BSP ने 6 सीटें जीती थीं।
आम आदमी पार्टी को नोटा से भी कम वोट
आम आदमी पार्टी पिछले 2 चुनाव से राजस्थान में खाता भी नहीं खोल पाई है। इस बार वो 88 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। उसके सभी प्रत्याशी हार गए। कई की तो जमानत जब्त हो गई। पूरी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। आम आदमी पार्टी को 0.38 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन 0.96 प्रतिशत वोटर्स ने नोटा का बटन दबाया है।
RLD सिर्फ 1 सीट पर लड़ी और जीत गई
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने इस बार सिर्फ एक सीट भरतपुर से चुनाव लड़ा था। गठबंधन को देखते हुए कांग्रेस ने ये सीट छोड़ दी थी। RLD के सुभाष गर्ग ने 5 हजार 387 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें 81 हजार 878 वोट मिले। बीजेपी के विजय बंसल को 76 हजार 491 वोट मिले। BSP के गिरीश चौधरी को 25 हजार 231 वोट मिले।
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