वन विभाग में प्रशासनिक सर्जरी, 7 IFS की बदली जिम्मेदारियां

VINAY VERMA | Jun 18, 2026, 21:18 IST
Share
छत्तसीगढ़ में 7 IFS अफसरों के तबादले
छत्तसीगढ़ में 7 IFS अफसरों के तबादले

छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात IFS अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इस तबादले में रायपुर, कांकेर, जगदलपुर और बिलासपुर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश में सात भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। बदलाव का असर रायपुर, कांकेर, जगदलपुर और बिलासपुर समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर दिखाई देगा। सरकार ने इसे प्रशासनिक आवश्यकता बताया है।

कांकेर के मुख्य वन संरक्षक पहुंचे मुख्यालय

वर्तमान में कांकेर में मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) के पद पर पदस्थ राजेश कुमार चंदेल को अब रायपुर मुख्यालय बुलाया गया है। उन्हें मुख्य वन संरक्षक (समन्वय) बनाया गया है। साथ ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसे विभागीय समन्वय मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है।

जगदलपुर से रायपुर तक जिम्मेदारियों का बदलाव

जगदलपुर में मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) रहे आलोक कुमार तिवारी को मानव संसाधन विकास (एचआरडी) का मुख्य वन संरक्षक बनाया गया है। उनकी नई पदस्थापना रायपुर मुख्यालय में होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण, क्षमता विकास और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे विषय अब उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होंगे।



बिलासपुर से निगम तक पहुंचे राम अवतार दुबे

मुख्य वन संरक्षक, कार्य योजना, बिलासपुर के पद पर कार्यरत राम अवतार दुबे को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक बनाया गया है। यह पद निगम के संचालन और वानिकी आधारित परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। दुबे का अनुभव निगम की योजनाओं में उपयोगी साबित हो सकता है।

युवा अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

वन संरक्षक (प्रशासन) के पद पर कार्यरत विवेकानंद झा को कांकेर का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) बनाया गया है। वहीं वन उप संरक्षक (रोकेड) लक्ष्मण सिंह को बिलासपुर कार्य योजना मंडल का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है। दोनों अधिकारियों को फील्ड स्तर की बड़ी जिम्मेदारी मिली है।



स्टाइलो मंडावी को मिला अतिरिक्त प्रभार

प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर की जिम्मेदारी संभाल रहीं स्टाइलो मंडावी को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वे अब वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) जगदलपुर का कार्य भी देखेंगी। इससे बस्तर क्षेत्र में एक ही अधिकारी के पास दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।

नई IFS अधिकारी को फील्ड पोस्टिंग

2021 बैच की आईएफएस अधिकारी निर्मला खेस्स को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे अभी राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर में प्रभारी उप निदेशक थीं। अब उन्हें जिला वन अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार प्रभाग, रायपुर बनाया गया है। इसे उनके करियर की पहली महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग माना जा रहा है।

राज्य वन सेवा अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार

IFS अधिकारियों के अलावा, एक राज्य वन सेवा के अधिकारी को भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य वन सेवा के अनिमेष गोवर्धन वर्तमान में संपदा अधिकारी (कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख) के पद पर रहते हुए उन्हें अस्थायी रूप से प्रभारी वन उप संरक्षक तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ प्रमाणीकरण समिति, भारत वानिकी एवं कृषि का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है

क्यों अहम हैं ये तबादले?

वन विभाग में हुए ये तबादले सिर्फ पद बदलने तक सीमित नहीं हैं। सरकार ने मुख्यालय, फील्ड और वन विकास निगम के बीच अधिकारियों की नई तैनाती कर प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बदलावों से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और विभागीय कामकाज की गति पर कितना असर पड़ता है।



ये खबरें भी पढ़ें...

IFS Transfer: वन विभाग में बड़ा फेरबदल, चार वरिष्ठ IFS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

IAS तबादले: मुकेश गुप्ता का वनवास खत्म हुआ, विवेक पोरवाल का भी कम बैक

छत्तीसगढ़ में अफसरों की चांदी : IAS-IPS और IFS का बढ़ा महंगाई भत्ता

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा खेल! विधानसभा और RTI के आंकड़ों में भारी अंतर

Tags:
  • छत्तीसगढ़ सरकार
  • भारतीय वन सेवा
  • छत्तीसगढ़ वन विभाग
  • आईएफएस
  • IFS Transfer
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?

By Atul Dwivedi

अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?

By Mukesh Sharma

शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार

By Harrison Masih

बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार

By Neel Tiwari

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल
गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें

By Raghvendra Singh Rathore

गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें
जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे

By Ashish Bhardwaj

जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे