मौके का फायदा उठाकर छत्तीसगढ़ की जेलों से गायब हुए 70 कैदी

Krishna Kumar Sikander | May 07, 2025, 14:20 IST
Share
Corona's relief became a problem the sootr
Corona's relief became a problem the sootr

छत्तीसगढ़ की जेलों से कोरोना के दौरान अस्थायी रूप से रिहा किए गए 70 बंदी अब भी फरार हैं। हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया है। डीजी की रिपोर्ट के अनुसार, सेन्ट्रल जेलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से 83 बंदियों को जमानत पर छोड़ा गया था।

छत्तीसगढ़ की जेलों से कोरोना महामारी के दौरान अस्थायी रूप से रिहा किए गए 70 बंदी अब भी फरार हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। जेल के डीजी की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की पांच सेन्ट्रल जेलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से 83 बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था, इनमें से 10 कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और 3 की मौत हो गई है। लगभग 70 बंदी अब भी वापस नहीं लौटे हैं। बिलासपुर की जेल से 22 और राजधानी की जेल से 7 बंदी अब तक फरार हैं। इनकी खोजबीन की जारी है और इस सम्बन्ध में थानों में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

महामारी की भीषणता को देखते हुए 2020-2021 के दौरान जेलों की भीड़ कम करने के उद्देश्य से इन कैदियों को अच्छे आचरण के आधार पर पैरोल पर छोड़ा गया था। अब जबकि महामारी का दौर खत्म हो चुका है और सामान्य स्थिति बहाल हो गई है, तब भी कई बंदी न्यायिक आदेशों के बावजूद वापस नहीं लौटे हैं।

ये खबर भी पढ़ें... MP की सांसदों में लता, विधायकों में गायत्री सबसे अमीर, CG में भावना सबसे धनाढ्य...जानें किन पर केस

कोरोना काल में की गई थी रिहाई

कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान संक्रमण के तेजी से फैलने और जेलों में भीड़भाड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकारों ने आदेश जारी किए थे कि ऐसे कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा किया जाए जो गैर-गंभीर अपराधों में बंद हों और जिनका आचरण अच्छा हो। छत्तीसगढ़ में इसी आधार पर सैकड़ों कैदियों को पैरोल या जमानत पर छोड़ा गया था।

अब तक नहीं लौटे कई कैदी

रिहाई की समयसीमा पूरी होने के बाद भी कई बंदी जानबूझकर जेल में वापस नहीं लौटे हैं। जेल प्रशासन ने नोटिस और वारंट जारी किए हैं, लेकिन इनमें से कई के स्थायी पते गलत हैं। इसके चलते जेल प्रशासन के सामने एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती खड़ी हो गई है।

ये खबर भी पढ़ें... अवैध शराब के बढ़ते करोबार पर CM का एक्शन, 3 अधिकारी सस्पेंड 6 को नोटिस

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और डीजी (जेल) को शपथ-पत्र के माध्यम से विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह जानना चाहा है कि:

कुल कितने कैदियों को रिहा किया गया था?

उनमें से कितने अब तक वापस नहीं लौटे हैं?

जेल प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

और आगे क्या योजना है?

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अनुकंपा नियुक्ति पर नए दिशा-निर्देश

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

सूत्रों के अनुसार, जेल प्रशासन ने उन बंदियों की सूची तैयार कर ली है जो अब तक फरार हैं। संबंधित जिलों की पुलिस को इनकी गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही, कुछ कैदियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए हैं।

न्यायिक दृष्टिकोण और संभावित सख्त कार्रवाई

विधि विशेषज्ञों के अनुसार, यह न केवल न्यायिक आदेशों की अवहेलना है बल्कि आपराधिक अवज्ञा (Contempt of Court) का भी मामला बन सकता है। यदि कैदी निर्धारित समयसीमा में वापस नहीं आते तो उनके खिलाफ नई एफआईआर, सख्त कानूनी कार्रवाई और सजा बढ़ने की संभावना बन सकती है।

कोरोना संकट के दौरान मानवीय दृष्टिकोण से लिए गए निर्णयों का दुरुपयोग, अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुका है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से उम्मीद है कि इस दिशा में सख्त कार्रवाई होगी और फरार कैदियों की वापसी सुनिश्चित की जा सकेगी।

ये खबर भी पढ़ें... मिरामिया के रिश्तेदार बोले, जवानों ने आतंकियों को दे दिया जवाब



Prisoner | state | Jail | Raipur | CG News | प्रदेश

FAQ

  1. 1: कोरोना काल में कैदियों को अस्थायी रिहाई क्यों दी गई थी?
    उत्तर: कोविड-19 महामारी के दौरान जेलों में भीड़ कम करने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकारों के आदेश पर ऐसे कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा किया गया था जो गैर-गंभीर अपराधों में बंद थे और जिनका आचरण अच्छा था।
  2. 2: क्या सभी अस्थायी रूप से रिहा किए गए कैदी जेल वापस लौट आए हैं?
    उत्तर: नहीं, छत्तीसगढ़ की पांच सेन्ट्रल जेलों से रिहा किए गए 83 कैदियों में से अब तक लगभग 70 बंदी फरार हैं और वापस नहीं लौटे हैं। इनमें से कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है और कुछ की मृत्यु हो चुकी है।
  3. 3: फरार कैदियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?
    उत्तर: जेल प्रशासन ने फरार कैदियों की सूची तैयार कर संबंधित जिलों की पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। कई बंदियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए हैं और उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की जा रही है। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।


Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • CG News
  • Raipur
  • Jail
  • जेल
  • Prisoner
  • प्रदेश
  • state
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि