अबूझमाड़ में ग्रामीणों ने खुद बना डाली 12 किमी लंबी सड़क, सरकारी लापरवाही पर उठे सवाल
Harrison Masih | Nov 10, 2025, 14:21 IST
dantewada-abujhmad-villagers-build-12km-road-self-labor the sootr
अबूझमाड़ से सटे सीमावर्ती इलाके में तीन पंचायतों के ग्रामीणों ने सरकारी उदासीनता से तंग आकर केवल श्रमदान के दम पर 12 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार कर दी। दिक्कतों से परेशान ग्रामीणों ने बिना प्रशासनिक मदद अपने दम पर विकास की राह बनाई।
Dantewada. सरकारी उदासीनता और वर्षों से अधूरी पड़ी उम्मीदों के बीच अबूझमाड़ से सटे जंगल और पहाड़ी इलाके में ग्रामीणों ने ऐसी पहल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन सकती है। बड़ेकरका से कोशलनार टू तक 12 किलोमीटर लंबी सड़क ग्रामीणों ने अपने दम पर श्रमदान करके तैयार कर दी। यह सड़क कोशलनार 1, कोशलनार 2 और हांदावाड़ा पंचायत के कुरसिंग बाहार के लोगों ने मिलकर बनाई।
वर्षों से नजरअंदाज होती रही मांग,
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से विधायक, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, काम नहीं। इसी निराशा ने उन्हें मजबूर कर दिया कि अब वे खुद ही सड़क बनाएं। नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बावजूद शासन-प्रशासन ने सड़क निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, जबकि ग्रामीण लगातार परेशानी झेल रहे थे।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के बस्तर-अबूझमाड़ को महाराष्ट्र से जोड़ेगा नेशनल हाईवे 130-डी, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगा नया जीवन
ये खबर भी पढ़ें... केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, नक्सल प्रभावित इलाकों में लगाए जाएंगे 400 नए BSNL टावर
घने जंगल, पहाड़ी रास्तों और पगडंडियों से होकर लोगों को जिला मुख्यालय, स्कूल, अस्पताल और राशन दुकान तक जाना पड़ता था। बरसात के समय हालात और खराब हो जाते थे रास्ते बंद, पानी से कटाव, फिसलन, मरीजों को अस्पताल तक ले जाना लगभग असंभव, बारिश में तो कई बार लोगों को खाने-पीने और दवाइयों की किल्लत भी झेलनी पड़ती थी।
कोशलनार 1, कोशलनार 2 और कुरसिंग बाहार पंचायत के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर 12 किलोमीटर सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार सामूहिक श्रमदान कर रहे हैं और तीन दिनों में सड़क पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
इस सड़क के बनने से—
एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक पहुंच सकेंगी
बच्चों को स्कूल जाने में आसानी होगी
राशन वितरण नियमित रूप से हो सकेगा
गाँव का बाकी हिस्सों से संपर्क सुधरेगा
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में शिक्षा का परचम: नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्रों ने रचा इतिहास
ये खबर भी पढ़ें... नक्सल प्रभावित बीजापुर में पीड़ितों को राहत, माओवादियों पर नकेल
जीला राम तोली, ग्रामीण (कोशलनार वन): “हमने बहुत बार अधिकारियों से मांग की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। इसलिए हमने खुद ही सड़क बनानी शुरू की।”
माहीराम लेखाम, सरपंच पति (कोशलनार टू): “अब सड़क बन जाने से एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं गांव तक पहुंच पाएंगी। लंबे समय से लोग परेशान थे।”
अबूझमाड़ जैसे दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाके में इस तरह की पहल बेहद दुर्लभ है। ग्रामीणों ने अपने सामूहिक प्रयास से साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति हो तो विकास की राह खुद तैयार की जा सकती है- भले ही सरकार ने साथ न दिया हो।
वर्षों से नजरअंदाज होती रही मांग, ग्रामीणों ने खुद बनाई सड़क
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के बस्तर-अबूझमाड़ को महाराष्ट्र से जोड़ेगा नेशनल हाईवे 130-डी, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगा नया जीवन
ये खबर भी पढ़ें... केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, नक्सल प्रभावित इलाकों में लगाए जाएंगे 400 नए BSNL टावर
12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, बरसात में रास्ता ठप
भाजपा का “दिन चौगुनी, रात चौगुनी” वाला विकास!
दंतेवाड़ा के अबूझमाड़ में 5 पंचायतों के ग्रामीणों ने 13 किमी सड़क अपने दम पर बना डाली वो भी वहाँ, जहाँ अब तक पहुँच मार्ग तक नहीं था।
सालों से गाँव वाले सड़क की माँग करते रहे, पर भाजपा सरकार ने बस कागज़ों और भाषणों में विकास दिखाया। pic.twitter.com/rTt4j2VEk7
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) November 9, 2025
तीन पंचायतों ने मिलाया हाथ - ‘अपनी सड़क खुद’ का अभियान
इस सड़क के बनने से—
एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक पहुंच सकेंगी
बच्चों को स्कूल जाने में आसानी होगी
राशन वितरण नियमित रूप से हो सकेगा
गाँव का बाकी हिस्सों से संपर्क सुधरेगा
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में शिक्षा का परचम: नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्रों ने रचा इतिहास
ये खबर भी पढ़ें... नक्सल प्रभावित बीजापुर में पीड़ितों को राहत, माओवादियों पर नकेल
ग्रामीणों ने क्या कहा?
माहीराम लेखाम, सरपंच पति (कोशलनार टू): “अब सड़क बन जाने से एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं गांव तक पहुंच पाएंगी। लंबे समय से लोग परेशान थे।”
विकास की राह, जो जनता ने खुद बनाई
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari