अंबिकापुर फर्नीचर घोटाला : ACB का छापा, 15 साल बाद फिर खुली फाइल
Umeshwari Baghel | Jun 24, 2026, 19:54 IST
अंबिकापुर शिक्षा मिशन कार्यालय में ACB का छापा
ACB ने राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में 2011-12 के फर्नीचर घोटाले की जांच तेज कर दी है। दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। करीब 12 फर्मों और कई अधिकारियों की भूमिका पहले ही संदिग्ध मिली थी।
समझें क्या पूरा मामला
ACB की टीम ने कार्यालय में मौजूद हार्ड कॉपी रिकॉर्ड के साथ-साथ कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल फाइलों को भी खंगालना शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक कई जरूरी दस्तावेज पहले जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे, जिसके चलते टीम को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ी।
दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के अनुसार, ACB की टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या फाइलों में किसी तरह की छेड़छाड़ या रिकॉर्ड में बदलाव किया गया है। डिजिटल डेटा को सुरक्षित रूप से निकालकर उसका विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि पूरी वित्तीय प्रक्रिया की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
12 फर्मों और अधिकारियों की भूमिका पहले ही संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया था कि फर्नीचर आपूर्ति और खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई थी, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120(B) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ACB की सक्रियता से विभाग में बढ़ी हलचल
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद केस में नई धाराएं या नए नाम भी जुड़ सकते हैं।
IMP FACTS
अंबिकापुर राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में दस्तावेजों की जांच चल रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड और फाइलें खंगाली जा रही हैं।
मामले में करीब 12 फर्मों की भूमिका सामने आ चुकी है।
6–7 अधिकारियों पर पहले से संदेह जताया गया है।
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज है।
जांच में आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
आगे और बड़े खुलासों की संभावना
स्थानीय प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है कि यदि जांच पूरी गंभीरता से आगे बढ़ी तो कई पुराने निर्णय और प्रक्रियाएं सवालों के घेरे में आ सकती हैं। फिलहाल ACB की टीम की जांच जारी है और अगले कुछ दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।
FAQ
- ACB इस मामले में क्या जांच कर रही है?
ACB राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में 2011-12 के फर्नीचर घोटाले से जुड़े दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि गड़बड़ियों का पूरा सच सामने आ सके। - इस घोटाले में किनकी भूमिका सामने आई है?
अब तक की जांच में करीब 6 से 7 अधिकारियों और लगभग 12 फर्मों की संलिप्तता संदिग्ध पाई गई है, जिनकी भूमिका की गहराई से जांच चल रही है। - मामले में कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
इस केस में IPC की धारा 420, 120(B) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) व 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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