अमित शाह ने भूपेश सरकार को बताया नक्सलियों का संरक्षक, कांग्रेस बोली- चार साल पहले आप ही कर चुके हैं तारीफ
Arun Tiwari | Feb 09, 2026, 19:54 IST
Photograph: (the sootr)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार पर नक्सलियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने जवाब में उन तारीफों का जिक्र किया, जो उन्होंने 4 साल पहले की थी।
NEWS IN SHORT
- अमित शाह ने बघेल सरकार पर नक्सलियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने पलटवार करते हुए शाह द्वारा की गई पुरानी तारीफ की याद दिलाई।
- संसद के आंकड़ों के अनुसार, बघेल राज में नक्सली हिंसा 36% तक कम हुई।
- कांग्रेस ने 'विश्वास, विकास और सुरक्षा' मॉडल को अपनी बड़ी सफलता करार दिया।
- शाह के बयान को कांग्रेस ने पूरी तरह राजनीतिक विद्वेष और चुनावी स्टंट बताया।
NEWS IN DETAIL
अमित शाह के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। कांग्रेस ने कहा कि 4 साल पहले अमित शाह ही नक्सल के मुद्दे पर तत्कालीन भूपेश सरकार की तारीफ कर चुके हैं। इतना ही नहीं लोकसभा में भी उस समय यह मुद्दा उठा था तब गृह राज्यमंत्री ने जवाब दिया था कि नक्सल मामले में 36 फीसदी की कमी आई है।
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अमित शाह ने यह दिया बयान
कांग्रेस ने बताया झूठा बयान
पार्टी ने याद दिलाया कि, 5 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान अमित शाह ने मीडिया से कहा था कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद को काफी हद तक पीछे धकेला गया है। नक्सली घटनाओं में करीब 80 फीसदी तक गिरावट आई है। उसी दौरान राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नक्सलवाद के “पैकअप मोड” में होने की बात कही थी।
लोकसभा में भी हुई थी भूपेश सरकार की तारीफ
इस दौरान उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 22 प्रतिशत, जबकि परिणामी मौतों की संख्या में 60 प्रतिशत की कमी आई है। वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसक घटनाओं की संख्या में 2010 की तुलना में 2022 में 76 प्रतिशत तक की कमी आई है।
कांग्रेस ने कहा कि, भूपेश सरकार के कार्यकाल में “विश्वास, विकास और सुरक्षा” के मॉडल पर काम हुआ। जिसका असर जमीन पर दिखा। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए। सड़क और पुलों का निर्माण हुआ।
अबूझमाड़ जैसे इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर की गई। कांग्रेस ने दावा किया कि, उनके कार्यकाल में 600 से अधिक गांव नक्सल मुक्त घोषित हुए। नक्सली गतिविधियां सीमित इलाकों तक सिमट गई थीं। सड़क निर्माण, रोजगार के साधन और प्रशासन की पहुंच बढ़ने से नक्सलियों की पकड़ कमजोर पड़ी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि, आज वही प्रयासों को नजरअंदाज कर राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि नक्सलवाद पर नियंत्रण के पीछे पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों की बड़ी भूमिका रही है।
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