छत्तीसगढ़ विधानसभा : सीएम के जवाब में हेराफेरी, एक सवाल के दिए दो उत्तर
Arun Tiwari | Jul 29, 2026, 13:50 IST
विधानसभा में CM के जवाब में विरोधाभास और विवाद
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। एक ही विषय और कंपनी पर पूछे गए तीन अलग-अलग सवालों के मुख्यमंत्री की ओर से तीन विरोधाभासी जवाब पेश कर दिए गए।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ विधानसभा में हमेशा से मंत्रियों के जवाब और वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यह बात कांग्रेस विधायक ही नहीं बीजेपी विधायकों ने भी कई बार उठाई है। सरकार पर आरोप लगे हैं कि अधिकारी गलत जवाब लिखकर दे देते हैं और मंत्री उसे सदन में पढ़ देते हैं। इस बार के मानसून सत्र में तो और कमाल हुआ है। अधिकारियों ने सीएम विष्णुदेव साय के जवाबों में ही हेराफेरी कर दी। एक सवाल के दो तरह के जवाब दिए गए। एक सवाल तीन बार पूछा गया और हर बार सीएम का अलग अलग लिखित उत्तर आया।
विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से 17 जुलाई तक हुआ। विधानसभा के पहले ही दिन यानी 13 जुलाई की प्रश्नोत्तरी में एक ही विषय के तीन सवाल लगे जिनका लिखित जवाब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिया। सवाल आरती स्पंज एंड स्टील से जुड़ा हुआ था। पहला सवाल प्रश्नकाल में शामिल था लेकिन उसका नंबर नहीं आ पाया। बाकी दो सवाल लिखित में प्रश्नोत्तरी में शामिल किए गए थे। इन तीनों सवालों का लिखित जवाब सीएम ने दिया। लेकिन उनके जवाब अलग अलग आए। उत्तर भी ऐसे थे जो थोड़े बहुत नहीं बल्कि पूरी तरह अलग थे। इनमें से सही तो एक ही हो सकता है यानी एक जवाब असत्य दिया। अफसरों ने सीएम का एक जवाब गलत दे दिया। हालांकि तकनीकी रूप से इनको सही ठहराया जा सकता है लेकिन व्यवहारिक रूप से यह उचित नहीं है।
सवाल नंबर 14 : बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने पूछा कि दंतेवाड़ा की अलनार पहाड़ी पर लोह अयस्क की खदान किसको आवंटित हुई और इसमें से लोह अयस्क का कितना खनन किया गया है।
सीएम का जवाब : सरकार कहती है कि जिला दंतेवाड़ा के अलनार में आरती स्पंज एंड पॉवर लिमिटेड को लोह अयस्क की खदान आवंटित की गई है। वन कक्ष क्रमांक 1688 और 1689 के कुल रकबा 31.55 हेक्टेयर में लोह अयस्क का खनिज पट्टा दिया गया है। यह खदान 7 जनवरी 2017 से 6 जनवरी 2067 तक 50 साल की लीज पर दी गई है। सरकार का कहना है कि इस खदान से जून 2026 तक 4 लाख 87 हजार 312 टन लोह अयस्क का उत्पादन किया गया है। इसके लिए सरकार को 25 लाख 15 हजार 886 का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। इसकी 2 शिकायतें पहुंची,जिला स्तर पर जांच कमेटी बना दी गई जो जांच कर रही है।
सवाल नंबर 47 तारांकित : कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा कि जिला दंतेवाड़ा में पिछले 05 वर्षों में किन-किन निजी कंपनियों को लौह अयस्क के लिए लीज पर जमीन दी गई है। क्या आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को भी लौह अयस्क हेतु लीज पर जमीन दी गई है। यदि हां तो इस कंपनी द्वारा उत्खनित लौह अयस्क का किन साधनों से परिवहन किया गया। आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को दी गई लीज की शर्तें क्या-क्या थीं? क्या इन शर्तों का पालन किया गया? यदि नहीं, तो किन शर्तों का उल्लंघन किया गया और उसके लिए क्या-क्या कार्रवाई की गई? क्या अनियमितता के संबंध में कोई जांच भी की जा रही है।
सीएम का जवाब : जिला दंतेवाड़ा में 05 वर्षों में किसी भी निजी कंपनी को लौह अयस्क खनिज के लिए लीज पर जमीन नहीं दी गई है।
आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को लौह अयस्क हेतु लीज पर जमीन नहीं दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सवाल नंबर 13 अतारांकित : कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने पूछा कि क्या दंतेवाड़ा जिले के आरसनार क्षेत्र में आरती स्पंज कंपनी को खनन की अनुमति दी गई थी? यदि हां तो वर्ष 2024 से 17.06.2026 तक इस संबंध में क्या-क्या शिकायत प्राप्त हुई है। खनन किए जाना कब से प्रारंभ किया गया? क्या प्रश्नावधि तक खनन का कार्य अपूर्ण है या पूर्ण हो गया है।
सीएम का जवाब : दंतेवाड़ा जिले के आरसनार क्षेत्र में आरती स्पंज कंपनी को खनन की अनुमति नहीं दी गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
अधिकारियों ने सवालों के उत्तर को अपने हिसाब से घुमा दिया गया। पहले जवाब में बता दिया कि आरती स्पंज को लोह अयस्क की खदान लीज पर दी गई है। दूसरे सवाल में जब आरती स्पंज के बारे में पूछा गया तो जवाब में छह साल की अवधि जोड़कर बता दिया कि कोई जमीन लीज पर नहीं दी गई। तीसरे सवाल में अलनार को असरनार कह दिया गया तो जवाब आया कि असरनार में आरती स्पंज को कोई खदान नहीं दी गई। यानी अधिकरियों ने विधायकों के सवालों को तकनीकी में उलझा दिया।
संविधान विशेषज्ञ कहते हैं कि विधानसभा में मंत्रियों के जवाबों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। अधिकारी जो जवाब बनाते हैं मंत्री बिना पड़ताल किए वही पढ़ देते हैं। होना यह चाहिए कि सवालों के जवाब गंभीरता और सच्चाई से दिए जाएं। ताकि लोगों की समस्याएं दूर हो सकें। और विधानसभा संचालन में लाखों रुपए खर्च होते हैं उनका सदुपयोग हो सके।
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सीएम के जवाब में हेराफेरी
सवाल नंबर 14 : बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने पूछा कि दंतेवाड़ा की अलनार पहाड़ी पर लोह अयस्क की खदान किसको आवंटित हुई और इसमें से लोह अयस्क का कितना खनन किया गया है।
सीएम का जवाब : सरकार कहती है कि जिला दंतेवाड़ा के अलनार में आरती स्पंज एंड पॉवर लिमिटेड को लोह अयस्क की खदान आवंटित की गई है। वन कक्ष क्रमांक 1688 और 1689 के कुल रकबा 31.55 हेक्टेयर में लोह अयस्क का खनिज पट्टा दिया गया है। यह खदान 7 जनवरी 2017 से 6 जनवरी 2067 तक 50 साल की लीज पर दी गई है। सरकार का कहना है कि इस खदान से जून 2026 तक 4 लाख 87 हजार 312 टन लोह अयस्क का उत्पादन किया गया है। इसके लिए सरकार को 25 लाख 15 हजार 886 का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। इसकी 2 शिकायतें पहुंची,जिला स्तर पर जांच कमेटी बना दी गई जो जांच कर रही है।
सवाल नंबर 47 तारांकित : कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा कि जिला दंतेवाड़ा में पिछले 05 वर्षों में किन-किन निजी कंपनियों को लौह अयस्क के लिए लीज पर जमीन दी गई है। क्या आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को भी लौह अयस्क हेतु लीज पर जमीन दी गई है। यदि हां तो इस कंपनी द्वारा उत्खनित लौह अयस्क का किन साधनों से परिवहन किया गया। आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को दी गई लीज की शर्तें क्या-क्या थीं? क्या इन शर्तों का पालन किया गया? यदि नहीं, तो किन शर्तों का उल्लंघन किया गया और उसके लिए क्या-क्या कार्रवाई की गई? क्या अनियमितता के संबंध में कोई जांच भी की जा रही है।
सीएम का जवाब : जिला दंतेवाड़ा में 05 वर्षों में किसी भी निजी कंपनी को लौह अयस्क खनिज के लिए लीज पर जमीन नहीं दी गई है।
आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को लौह अयस्क हेतु लीज पर जमीन नहीं दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
सवाल नंबर 13 अतारांकित : कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने पूछा कि क्या दंतेवाड़ा जिले के आरसनार क्षेत्र में आरती स्पंज कंपनी को खनन की अनुमति दी गई थी? यदि हां तो वर्ष 2024 से 17.06.2026 तक इस संबंध में क्या-क्या शिकायत प्राप्त हुई है। खनन किए जाना कब से प्रारंभ किया गया? क्या प्रश्नावधि तक खनन का कार्य अपूर्ण है या पूर्ण हो गया है।
सीएम का जवाब : दंतेवाड़ा जिले के आरसनार क्षेत्र में आरती स्पंज कंपनी को खनन की अनुमति नहीं दी गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
इस तरह घुमाया उत्तर
निष्कर्ष
FAQ
- संसदीय कार्यप्रणाली में 'प्रश्नोत्तरी' (Question Hour) का क्या महत्व है?
उत्तर: प्रश्नकाल के दौरान विधायक जनहित के मुद्दों, सरकारी योजनाओं और अनियमितताओं पर सरकार से सवाल पूछकर कार्यपालिका (अधिकारियों एवं मंत्रियों) की जवाबदेही तय करते हैं। - छत्तीसगढ़ विधानसभा में आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड से जुड़ा क्या विवाद सामने आया?
उत्तर: विधानसभा के मानसून सत्र में दंतेवाड़ा स्थित आरती स्पंज कंपनी की लीज और उत्खनन से जुड़े एक ही विषय पर तीन अलग-अलग विधायकों के सवालों के मुख्यमंत्री की ओर से विरोधाभासी (अलग-अलग) जवाब पेश किए गए।
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